खेल
संजू सैमसन की धमाकेदार पारी ने भारत को इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में पहुंचाया
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ रोमांचक मुकाबला खेला। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 253/7 का स्कोर बनाया। इसमें संजू सैमसन ने केवल 42 गेंदों में 8 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 89 रनों की मैच विनिंग पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बाकी बल्लेबाजों की छोटी-छोटी पारियों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में इंग्लैंड ने भी जबरदस्त बैटिंग की लेकिन सात विकेट खोकर केवल 246 रन ही बना सके। इस तरह भारत ने महज 7 रन से करीबी जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड में संजू सैमसन की विनम्र प्रतिक्रिया
संजू सैमसन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया। हालांकि उन्होंने खुद को इसके योग्य नहीं माना और कहा कि असली क्रेडिट तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को जाना चाहिए। बुमराह ने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ 33 रन देकर इंग्लैंड के कप्तान हैरू ब्रूक को आउट किया। खासकर 18वें ओवर में सिर्फ 6 रन देना मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। सैमसन ने कहा कि बुमराह के प्रदर्शन ने हमारी जीत सुनिश्चित की और उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने अवॉर्ड पाने के बावजूद बुमराह की तारीफ कर यह साबित किया कि टीम को प्राथमिकता उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर है।
लगातार दूसरे मुकाबले में सैमसन बने प्लेयर ऑफ द मैच
संजू सैमसन ने सेमीफाइनल के बाद कहा कि उन्हें लगातार दूसरी बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले मैच से उनकी लय अच्छी थी और उन्होंने इसे जारी रखने की कोशिश की। सैमसन ने अपनी पारी को सोच-समझकर खेला और शुरुआती समय में थोड़ी किस्मत भी उनके साथ रही। उन्होंने बताया कि वानखेड़े में स्कोर का महत्व अधिक है क्योंकि यहां चेज करना आसान होता है। उन्होंने टीम के बैकअप और पार्टनरशिप की भी तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की बैटिंग ने मुकाबले को रोमांचक बनाया और इस जीत का श्रेय पूरी टीम और विशेष रूप से बुमराह को जाता है।
सेंचुरी से चूकने पर सैमसन की सकारात्मक सोच
संजू सैमसन ने सेंचुरी से चूकने के सवाल पर कहा कि यह मायने नहीं रखता। शतक केवल प्रोसेस का हिस्सा होता है और इसमें कभी भी रणनीति बदलना जरूरी नहीं होता। उन्होंने बताया कि टी20 में आक्रामक क्रिकेट खेलना और टीम के लिए योगदान देना ही प्राथमिकता होती है। उन्होंने अपनी टीम की जीत में योगदान देने की खुशी जताई और कहा कि उन्हें जो भी रन मिले, उन्होंने उनका सही उपयोग किया। उनके विचारों और टीम की जीत के प्रति समर्पण ने उन्हें दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरों में एक जिम्मेदार और समर्पित खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।