खेल
सचिन तेंदुलकर 2012 में टीम से हटाए जाने की कगार पर थे, खुला पूर्व चीफ सेलेक्टर का राज
वर्ल्ड क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक सचिन तेंदुलकर ने साल 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। वह वनडे और टेस्ट दोनों फॉर्मेट में अभी भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि, साल 2011 में भारत ने वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद सचिन के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद टीम ने कभी उन्हें ड्रॉप करने का विचार नहीं किया। लेकिन अब टीम इंडिया के पूर्व चीफ सिलेक्टर संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि साल 2012 में सचिन को टीम से हटाने की योजना पर विचार किया गया था।
संदीप पाटिल ने किया चौंकाने वाला खुलासा
संदीप पाटिल ने विक्की लालवानी के यूट्यूब शो में बताया कि 2012 में सचिन अपने खराब फॉर्म के कारण हैरान रह गए थे। पाटिल ने कहा कि उस समय सिलेक्शन कमेटी सचिन के रिप्लेसमेंट की तलाश कर रही थी। जब सचिन से उनके आगे के करियर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पूछा, “क्यों?” इस पर पाटिल ने उन्हें स्पष्ट किया कि चयन समिति उनके स्थान पर किसी खिलाड़ी को चुनने पर विचार कर रही थी। सचिन इस बात से चौंक गए और उन्होंने पाटिल को कॉल करके पुष्टि मांगी।
सिलेक्शन कमेटी का नजरिया और सचिन की प्रतिक्रिया
संदीप पाटिल ने आगे कहा कि सिलेक्शन कमेटी के पास किसी खिलाड़ी को मजबूर करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि हमने सचिन से उनके भविष्य के प्लान के बारे में पूछा और सचिन ने कहा कि वह खेलना जारी रखना चाहते हैं। इस पर पाटिल ने उन्हें समर्थन दिया। उनके कार्यकाल के दौरान अक्सर यह सवाल उठता रहा कि सचिन को ड्रॉप कर दिया गया था, लेकिन सचिन ने यह सुनिश्चित किया कि वह खेलते रहें।
2012: सचिन के लिए चुनौतीपूर्ण साल
टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने के बाद साल 2012 सचिन तेंदुलकर के लिए मुश्किल भरा था। उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में केवल 23.80 के औसत से रन बनाए और 10 वनडे मैचों में 31.50 के औसत से रन बनाने में कामयाब हो सके। इस दौरान उनके बल्ले से एक भी शतकीय पारी नहीं आई। इस खराब फॉर्म के बीच सचिन ने संदीप पाटिल से बातचीत की और अपनी योजनाओं के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने अपने रिटायरमेंट के निर्णय की जानकारी चीफ सेलेक्टर को दी थी।