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Rohit Sharma’s record: इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में होंगे सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब

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Rohit Sharma's record: इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में होंगे सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब

Rohit Sharma’s record: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के लिए आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज इंग्लैंड के खिलाफ बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। जहां एक ओर भारत को अपनी तैयारियों को मजबूती से तैयार करने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर रोहित शर्मा के लिए यह सीरीज एक रिकॉर्ड बनाने का बेहतरीन अवसर हो सकती है। इस सीरीज में रोहित शर्मा का मुख्य लक्ष्य सचिन तेंदुलकर के एक बड़े रिकॉर्ड को तोड़ना होगा। हालांकि, इन दिनों रोहित शर्मा का फॉर्म थोड़ी परेशानी में है, लेकिन उनका यह लक्ष्य क्रिकेट की दुनिया में एक नई ऊंचाई को छूने का है।

रोहित शर्मा की 11,000 रन की ओर बढ़ती यात्रा

रोहित शर्मा ने अब तक 265 वनडे मैचों में 10,866 रन बनाए हैं। इसका मतलब यह है कि वे 11,000 रन के आंकड़े को छूने के बेहद करीब हैं। हालांकि, उन्हें इस विशेष माइलस्टोन को चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान हासिल करना था, लेकिन उनका लक्ष्य इसे इस ICC टूर्नामेंट से पहले ही पूरा करने का है। इसके लिए उन्हें केवल 134 और रन बनाने होंगे, जो उनके लिए कोई कठिन काम नहीं है।

रोहित शर्मा अगर इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो वह 11,000 रन के आंकड़े को इस सीरीज के दौरान ही छू सकते हैं। यही नहीं, इससे वह क्रिकेट जगत में अपनी स्थिति को और मजबूत करेंगे और दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में अपनी जगह और पक्की कर लेंगे।

विराट कोहली का 11,000 रन का रिकॉर्ड

जब हम बात करते हैं सबसे तेज 11,000 रन बनाने की, तो इसमें भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का नाम सबसे पहले आता है। विराट कोहली ने केवल 222 वनडे पारियों में यह आंकड़ा पार किया, जो कि एक रिकॉर्ड है। इसके बाद दूसरे नंबर पर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हैं, जिन्होंने 276 वनडे पारियों में 11,000 रन का आंकड़ा छुआ था।

रोहित शर्मा इस समय 257 पारियां खेल चुके हैं, जिसका मतलब है कि वह सचिन तेंदुलकर से थोड़े पीछे हैं, लेकिन अगर वह अपनी फॉर्म में वापसी करते हैं तो वह सचिन के इस रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। यदि रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में बड़ी पारियां खेलते हैं, तो उन्हें केवल कुछ ही पारियों में यह माइलस्टोन हासिल हो सकता है।

Rohit Sharma's record: इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में होंगे सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब

इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बड़ा स्कोर जरूरी

रोहित शर्मा के लिए यह सीरीज बेहद अहम है, क्योंकि वह इस सीरीज के जरिए अपना फॉर्म वापस लाने की कोशिश करेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में बड़ी पारियां खेलकर वह खुद को आगामी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए तैयार कर सकते हैं। चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का पहला मुकाबला 20 फरवरी को बांगलादेश के खिलाफ है, लेकिन इसके बाद 23 फरवरी को भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे बड़ा मुकाबला होगा। इस मैच में भारत की जीत के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि वह चैंपियंस ट्रॉफी में किस रूप में उतरेंगे। इसलिए, रोहित शर्मा के लिए यह सीरीज महत्वपूर्ण है ताकि वह न सिर्फ अपना फॉर्म वापस पाएं, बल्कि अपने करियर के एक बड़े रिकॉर्ड को भी तोड़ सकें।

रोहित शर्मा का खेल और उनका प्रभाव

रोहित शर्मा का खेल हमेशा से ही दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है। उनके नाम वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक और सबसे ज्यादा शतक बनाने का रिकॉर्ड है। लेकिन वर्तमान में उनका फॉर्म थोड़े संघर्ष में है, और यही वजह है कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उनकी हर एक पारी का महत्व है।

रोहित के बल्ले से बड़े स्कोर की उम्मीद करना एक सामान्य बात है, क्योंकि वह अपनी शानदार तकनीक और खेल समझ के लिए प्रसिद्ध हैं। उनका स्टाइल बहुत अलग और आकर्षक है, जो उन्हें एक अलग पहचान देता है। वह भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं और उनकी फॉर्म में वापसी भारतीय टीम के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है।

आने वाले मुकाबलों की चुनौतियां

रोहित शर्मा के लिए अगले कुछ मैच बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी के लिए आत्मविश्वास मिलेगा। हालांकि, चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का सामना बांगलादेश और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों से होगा, और इन मुकाबलों में भारत की जीत के लिए रोहित शर्मा का अच्छा प्रदर्शन बेहद जरूरी होगा।

रोहित और विराट कोहली को इस टूर्नामेंट में बड़े मैच जिताऊ पारियां खेलनी होंगी। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह मुकाबला हमेशा से ही भारत-पाकिस्तान क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक अभूतपूर्व अनुभव होता है।

रोहित शर्मा के लिए इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज न केवल एक बड़ी चुनौती है, बल्कि उनके लिए यह एक मौका भी है अपने करियर के एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को तोड़ने का। अगर वह इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर के 11,000 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं। इसके अलावा, यह सीरीज उनकी फॉर्म में वापसी और चैंपियंस ट्रॉफी से पहले आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक बेहतरीन अवसर भी है। भारतीय क्रिकेट के फैंस को अब रोहित शर्मा के बल्ले से एक बड़ी पारी की उम्मीद है, और यह सीरीज इस दिशा में पहला कदम हो सकती है।

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वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी के बीच रॉबिन उथप्पा ने जताई चिंता

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वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी के बीच रॉबिन उथप्पा ने जताई चिंता

वैभव सूर्यवंशी ने हाल के दिनों में क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी शानदार बल्लेबाजी से खींचा है। उन्होंने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू किया था। अपने पहले ही सीजन में उन्होंने शतक जड़कर अपनी काबिलियत साबित की। कुल 7 मैचों में वैभव ने 200 से अधिक की स्ट्राइक रेट से रन बनाए और युवा दर्शकों में अपनी एक अलग पहचान बना ली। इसके अलावा, साल 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में उन्होंने फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की दमदार पारी खेलकर अपने प्रदर्शन को और भी खास बना दिया।

रॉबिन उथप्पा का चेतावनी भरा बयान

आईपीएल 2026 के पहले, पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया। उथप्पा ने वैभव की बल्लेबाजी की तारीफ की और उन्हें शानदार खिलाड़ी बताया, लेकिन उन्होंने चेताया कि वर्तमान तकनीक और किस्मत पर निर्भर खेल उन्हें भविष्य में मुश्किल में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि टॉप लेवल क्रिकेट में केवल किस्मत के भरोसे लंबे समय तक टिक पाना मुश्किल है। उथप्पा ने आगे बताया कि गेंदबाज खिलाड़ी की कमजोरियों को जानते हैं, इसलिए वैभव को इस सीजन काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी के बीच रॉबिन उथप्पा ने जताई चिंता

पिछले सीजन का शानदार रिकॉर्ड

पिछले आईपीएल सीजन में वैभव को सभी मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला था। उन्होंने सिर्फ 7 मैच खेले, लेकिन उनके बल्ले से कुल 252 रन आए। संजू सैमसन की कप्तानी में खेलते हुए उन्होंने टीम के लिए अहम योगदान दिया। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें रिटेन किया है और उम्मीद है कि इस बार वैभव को सभी मैचों में खेलने का मौका मिलेगा। इस बार वह रियान पराग की कप्तानी में टीम का हिस्सा होंगे। उनके हालिया फॉर्म और पिछले प्रदर्शन को देखते हुए क्रिकेट प्रेमियों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।

वैभव की चुनौती और भविष्य की संभावनाएं

आईपीएल में सफलता की राह में वैभव के लिए चुनौती यह होगी कि वह पिछले सीजन की फॉर्म को बनाए रखें और गेंदबाजों के विश्लेषण से सीखें। रॉबिन उथप्पा की सलाह यह भी है कि किस्मत के भरोसे खेलने की बजाय तकनीक और अनुभव से बल्लेबाजी करना जरूरी है। वैभव के पास क्षमता और प्रतिभा दोनों हैं, और अगर वह सही तरीके से खेलते हैं तो आईपीएल में लंबा और सफल करियर बना सकते हैं। आईपीएल 2026 में उनके खेल पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी और युवा खिलाड़ियों के लिए यह प्रेरणा का स्रोत भी होगा।

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मेनचेस्टर सुपर जायंट्स ने टी20 सीजन के लिए एडन मार्करम को कप्तान बनाया

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मेनचेस्टर सुपर जायंट्स ने टी20 सीजन के लिए एडन मार्करम को कप्तान बनाया

टी20 फॉर्मेट में साउथ अफ्रीका के स्टार बल्लेबाज एडन मार्करम को मेनचेस्टर सुपर जायंट्स की टीम ने आगामी सीजन के लिए कप्तान नियुक्त किया है। मार्करम द हंड्रेड के ऑक्शन में सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी रहे और अब उनके पास तीन सुपर जायंट्स टीमों के साथ कॉन्ट्रैक्ट है, जिसमें लखनऊ (IPL) और डरबन (SA20) भी शामिल हैं। टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने बताया कि ऑक्शन में मार्करम उनकी पहली प्राथमिकता थे।

जस्टिन लैंगर ने मार्करम की कप्तानी पर जताई विश्वास

एडन मार्करम को कप्तान बनने के लिए पूरी तरह तैयार बताया जा रहा है। जस्टिन लैंगर ने कहा, “हमारी तीन टीमों में उनका होना बहुत अच्छा है। वे शानदार खिलाड़ी हैं और बेहतरीन इंसान हैं। उनमें असली कप्तान बनने की क्षमता है और कप्तानी उनके खेल का वह पहलू है जो हमें सबसे ज्यादा पसंद है।” लैंगर के अनुसार मार्करम की कप्तानी टीम के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाएगी और युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी।

मेनचेस्टर सुपर जायंट्स ने टी20 सीजन के लिए एडन मार्करम को कप्तान बनाया

हैरी ब्रूक की संभावित कप्तानी पर डेनियल विटोरी की राय

इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान हैरी ब्रूक ने इस साल द हंड्रेड में सनराइजर्स की कप्तानी करने के अपने निर्णय पर विचार किया था। उन्होंने पहले ही दो सीजन तक नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स की कप्तानी की थी। डेनियल विटोरी ने कहा कि ब्रूक की टीम में शामिल होने की संभावना अभी भी बनी हुई है और वे उम्मीद करते हैं कि ब्रूक इस टीम की कप्तानी करने के लिए तैयार होंगे। विटोरी ने कहा कि हम बस इंतजार करेंगे और देखेंगे कि वह कप्तानी के लिए हां कहते हैं या नहीं।

तीन टीमों के कप्तान पहले ही घोषित

ऑक्शन से पहले ही मेंस की तीन टीमों के कप्तानों का ऐलान हो चुका है। फिल सॉल्ट वेल्श फायर की कप्तानी करेंगे, जैकब बेथेल बर्मिंघम फीनिक्स के कप्तान होंगे, जबकि सैम करन को MI लंदन की टीम ने कप्तान नियुक्त किया है। अन्य टीमों में ट्रेंट रॉकेट्स के लिए सैम बिलिंग्स, लंदन स्पिरिट के लिए लियाम लिविंगस्टोन और डेविड विली प्रमुख दावेदार हैं। आगामी टूर्नामेंट में सनराइजर्स की टीम 21 जुलाई को MI लंदन के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगी, जबकि फाइनल 16 अगस्त को होगा।

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सचिन तेंदुलकर 2012 में टीम से हटाए जाने की कगार पर थे, खुला पूर्व चीफ सेलेक्टर का राज

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सचिन तेंदुलकर 2012 में टीम से हटाए जाने की कगार पर थे, खुला पूर्व चीफ सेलेक्टर का राज

वर्ल्ड क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक सचिन तेंदुलकर ने साल 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। वह वनडे और टेस्ट दोनों फॉर्मेट में अभी भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि, साल 2011 में भारत ने वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद सचिन के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद टीम ने कभी उन्हें ड्रॉप करने का विचार नहीं किया। लेकिन अब टीम इंडिया के पूर्व चीफ सिलेक्टर संदीप पाटिल ने खुलासा किया है कि साल 2012 में सचिन को टीम से हटाने की योजना पर विचार किया गया था।

संदीप पाटिल ने किया चौंकाने वाला खुलासा

संदीप पाटिल ने विक्की लालवानी के यूट्यूब शो में बताया कि 2012 में सचिन अपने खराब फॉर्म के कारण हैरान रह गए थे। पाटिल ने कहा कि उस समय सिलेक्शन कमेटी सचिन के रिप्लेसमेंट की तलाश कर रही थी। जब सचिन से उनके आगे के करियर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पूछा, “क्यों?” इस पर पाटिल ने उन्हें स्पष्ट किया कि चयन समिति उनके स्थान पर किसी खिलाड़ी को चुनने पर विचार कर रही थी। सचिन इस बात से चौंक गए और उन्होंने पाटिल को कॉल करके पुष्टि मांगी।

सचिन तेंदुलकर 2012 में टीम से हटाए जाने की कगार पर थे, खुला पूर्व चीफ सेलेक्टर का राज

सिलेक्शन कमेटी का नजरिया और सचिन की प्रतिक्रिया

संदीप पाटिल ने आगे कहा कि सिलेक्शन कमेटी के पास किसी खिलाड़ी को मजबूर करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि हमने सचिन से उनके भविष्य के प्लान के बारे में पूछा और सचिन ने कहा कि वह खेलना जारी रखना चाहते हैं। इस पर पाटिल ने उन्हें समर्थन दिया। उनके कार्यकाल के दौरान अक्सर यह सवाल उठता रहा कि सचिन को ड्रॉप कर दिया गया था, लेकिन सचिन ने यह सुनिश्चित किया कि वह खेलते रहें।

2012: सचिन के लिए चुनौतीपूर्ण साल

टीम इंडिया के वर्ल्ड कप जीतने के बाद साल 2012 सचिन तेंदुलकर के लिए मुश्किल भरा था। उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में केवल 23.80 के औसत से रन बनाए और 10 वनडे मैचों में 31.50 के औसत से रन बनाने में कामयाब हो सके। इस दौरान उनके बल्ले से एक भी शतकीय पारी नहीं आई। इस खराब फॉर्म के बीच सचिन ने संदीप पाटिल से बातचीत की और अपनी योजनाओं के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने अपने रिटायरमेंट के निर्णय की जानकारी चीफ सेलेक्टर को दी थी।

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