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राजनीति से टेक्नोलॉजी तक Rishi Sunak की नई यात्रा, AI में पार्ट-टाइम सलाहकार बनकर दुनिया में मचाएंगे हलचल
पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री और राजनीति में अपने मजबूत प्रभाव के लिए जाने जाने वाले Rishi Sunak अब तकनीक और नवाचार की दुनिया में कदम रख रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी सॉफ्टवेयर दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट और तेजी से उभरती हुई एआई कंपनी एनथ्रोपिक के साथ जुड़कर सीनियर एडवाइज़र के रूप में काम करने का निर्णय लिया है। इस कदम से उन्हें वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में एक नया स्थान मिल सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट में अंशकालिक सीनियर एडवाइज़र
यूके सरकार द्वारा गुरुवार को जारी एक आधिकारिक दस्तावेज़ के अनुसार, रिशी सुनक माइक्रोसॉफ्ट में अंशकालिक सीनियर एडवाइज़र के रूप में कार्य करेंगे। इस पद पर वे मैक्रोइकोनॉमिक और अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य से संबंधित प्रमुख रुझानों पर सलाह देंगे और कंपनी के लिए रणनीतिक दिशा तय करेंगे। ब्रिटिश सार्वजनिक निकाय Advisory Committee on Business Appointments (ACOBA) ने सुनक को सलाह दी है कि वे माइक्रोसॉफ्ट की ओर से किसी भी सरकारी लॉबिंग में शामिल न हों।
सैलरी का दान और चैरिटी योगदान
रिशी सुनक ने ACOBA को बताया कि वे इस कार्य से कोई पैसा नहीं रखेंगे। जो भी सैलरी उन्हें मिलेगी, वह पूरी तरह से उनकी चैरिटी, The Richmond Project, को दान की जाएगी। यह चैरिटी 2025 में रिशी सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मुरथी द्वारा स्थापित की गई थी। इसका उद्देश्य बच्चों और वयस्कों की गणित सीखने की क्षमता को बढ़ाना है।
एनथ्रोपिक में अंशकालिक भूमिका
सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, रिशी सुनक ने एआई रिसर्च कंपनी एनथ्रोपिक में भी अंशकालिक सीनियर एडवाइज़र के रूप में भूमिका ग्रहण की है। इस भूमिका में वे कंपनी की टीम के साथ मिलकर आर्थिक और रणनीतिक रुझानों पर रणनीतिक सलाह देंगे। एनथ्रोपिक ने बयान जारी कर कहा, “हम रिशी सुनक का स्वागत करते हैं। उनका अनुभव और समझ हमारे लिए बहुत मददगार साबित होगा। उनके सहयोग से हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि एआई तकनीक मानवता के लाभ के लिए उपयोग की जाए।”
वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर कदम
राजनीति में अपने अनुभव और तकनीकी क्षेत्र में नए जुड़ाव के साथ, रिशी सुनक वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण नेता के रूप में उभर सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट और एनथ्रोपिक के साथ उनकी साझेदारी यह संकेत देती है कि वे न केवल तकनीकी नवाचार में योगदान देंगे बल्कि एआई के जिम्मेदार और लाभकारी उपयोग को बढ़ावा देंगे। उनके इस कदम से वैश्विक स्तर पर उनकी छवि एक प्रेरक और दूरदर्शी नेता के रूप में मजबूत होगी।