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Royal Challengers Bangalore के लिए राहत की खबर, एलिस पेरी ने WPL 2025 सीजन में टीम से जुड़ी, टीम के लिए खुशी की बात

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Royal Challengers Bangalore के लिए राहत की खबर, एलिस पेरी ने WPL 2025 सीजन में टीम से जुड़ी, टीम के लिए खुशी की बात

Royal Challengers Bangalore (RCB) के फैंस के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर एलिस पेरी ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2025 सीजन के लिए टीम से जुड़ने की घोषणा की है। पेरी ने पिछले सीजन में RCB के खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन आगामी सीजन में उनकी भागीदारी को लेकर कुछ संदेह थे। अब यह अच्छी खबर आई है कि पेरी टीम के साथ जुड़ चुकी हैं, जो RCB के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है।

एलिस पेरी की चोट

एलिस पेरी को इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज के दौरान चोट लगी थी, जब वह पिंक बॉल टेस्ट मैच के दौरान अपने बाएं कूल्हे पर गिर गईं और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। उस समय पेरी नंबर 10 पर बैटिंग कर रही थीं, लेकिन दर्द के कारण वह कुछ खास नहीं कर पाईं। हालांकि, एक इंटरव्यू में पेरी ने यह कहा था कि वह पूरी तरह से ठीक हो जाएंगी और टूर्नामेंट से पहले अपनी फिटनेस को वापस हासिल कर लेंगी। उनकी यह उम्मीद अब सच साबित होती हुई नजर आ रही है, क्योंकि पेरी ने आधिकारिक रूप से अपनी टीम में वापसी की घोषणा की है।

RCB की घोषणा और पेरी का स्वागत

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 25 फरवरी, सोमवार को पेरी के टीम में शामिल होने की घोषणा की। इसके साथ ही, RCB ने एक मजेदार वीडियो जारी किया है जिसमें पेरी अपने टीममेट्स के साथ मस्ती करते हुए नजर आ रही हैं, जबकि WWE के प्रसिद्ध रेसलर ‘स्टोन कोल्ड’ स्टीव ऑस्टिन का म्यूजिक बैकग्राउंड में बज रहा है। यह वीडियो टीम के उत्साह और पेरी की टीम में वापसी की खुशी को दर्शाता है। पेरी का टीम में शामिल होना RCB के लिए राहत की बात है, खासकर तब जब टीम पहले ही आगामी सीजन के लिए तीन विदेशी खिलाड़ियों को खो चुकी है। सोफी मोलिन्यू और केट क्रॉस को चोट के कारण सीजन से बाहर होना पड़ा है, जबकि सोफी डेविन ने इस सीजन के लिए ब्रेक लेने का फैसला किया है।

WPL 2024 में पेरी का शानदार प्रदर्शन

पेरी का प्रदर्शन WPL 2024 में शानदार रहा था। उन्होंने दूसरे सीजन में ऑरेंज कैप जीता था, जिसमें उन्होंने 9 मैचों में 347 रन बनाए थे। उनका औसत 69.40 और स्ट्राइक रेट 125.72 था, जिसमें दो अर्धशतक शामिल थे। पेरी का यह शानदार प्रदर्शन RCB की सफलता में महत्वपूर्ण साबित हुआ था और उनके टीम में वापस आने से टीम को और मजबूती मिलेगी। उनकी फिटनेस की वापसी से RCB के फैंस में एक नई उम्मीद और खुशी की लहर है।

RCB के लिए अगला मुकाबला और पेरी की भूमिका

RCB अपनी खिताबी रक्षा अभियान की शुरुआत 14 फरवरी को गुजरात जायंट्स के खिलाफ करेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पेरी पहले मैच में टीम का हिस्सा होंगी या नहीं। RCB के लिए यह एक महत्वपूर्ण मुकाबला होगा क्योंकि उन्हें अपनी खिताबी जीत की यात्रा को सफलतापूर्वक जारी रखना है। पेरी का टीम में होना निश्चित रूप से RCB के लिए एक बड़ी मदद साबित होगा, क्योंकि वह न सिर्फ बल्ले से बल्कि गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी अहम योगदान देती हैं।

पेरी की वापसी से RCB को मजबूती

पेरी की वापसी से RCB को और मजबूती मिलेगी। पिछले सीजन में पेरी ने RCB के लिए कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपना प्रदर्शन दिखाया था। उनकी ऑलराउंड क्षमता ने टीम को कई मुश्किलों से बाहर निकाला था। इस बार भी RCB को पेरी से उम्मीदें होंगी, और उनके टीम में होने से बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में टीम को स्थिरता मिल सकती है। पेरी की वापसी से न सिर्फ RCB के फैंस को खुशी मिली है, बल्कि टीम के खिलाड़ियों को भी मानसिक रूप से एक बड़ा सहारा मिलेगा।

चोट के बावजूद पेरी की वापसी पर खुशी

पेरी की चोट के बाद उनकी वापसी ने RCB के सभी फैंस को राहत दी है। पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि पेरी का आगामी सीजन में खेल पाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अब उन्होंने खुद को पूरी तरह से फिट और तैयार साबित किया है। RCB के कोच और प्रबंधन टीम के लिए यह एक सुखद क्षण है, क्योंकि पेरी के जैसे अनुभवी और प्रभावी खिलाड़ी की टीम में वापसी से टीम की ताकत में इजाफा होगा।

अगले सीजन के लिए RCB की रणनीति

WPL 2025 सीजन के लिए RCB की रणनीति पेरी की वापसी के बाद और मजबूत हो सकती है। टीम के पास अब एक मजबूत बैटिंग लाइन-अप और गेंदबाजी आक्रमण होगा। पेरी की वापसी से RCB को एक संतुलित और सक्षम टीम मिलेगी, जो अपने विरोधियों को कड़ी टक्कर दे सकेगी। यह पेरी के लिए एक चुनौतीपूर्ण सीजन हो सकता है, लेकिन उनकी फॉर्म और अनुभव से यह उम्मीद की जा रही है कि वह टीम को एक बार फिर सफलता दिलाने में सक्षम होंगी।

एलिस पेरी की वापसी RCB के लिए एक बड़ी राहत की बात है। उनकी शानदार फॉर्म और ऑलराउंड खेल ने पिछले सीजन में RCB को चैंपियन बनने में मदद की थी। अब, चोट के बाद उनकी टीम में वापसी से RCB के फैंस को एक नई उम्मीद और खुशी मिली है। WPL 2025 सीजन में पेरी का योगदान टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, और यह देखना रोचक होगा कि वह पहले मैच में अपनी भूमिका निभाती हैं या नहीं। RCB अब एक मजबूत और सक्षम टीम के रूप में सीजन में अपनी खिताबी रक्षा के लिए मैदान में उतरेगी।

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

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Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

Shubman Gill जो कुछ समय पहले तक भारत की टी20 टीम के उपकप्तान थे, अब उस टीम से बाहर हो चुके हैं। उन्हें टी20 इंटरनेशनल में कई मौके मिले, लेकिन वे खुद को उम्मीद के मुताबिक साबित नहीं कर पाए। गिल के बल्ले से रन नहीं निकले और उनकी फॉर्म पर सवाल उठने लगे। अब तो घरेलू क्रिकेट में भी उनके प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिल रही है। हाल ही में रणजी ट्रॉफी के एक मैच में वे बिना कोई रन बनाए दो गेंद खेलने के बाद आउट हो गए। इससे साफ है कि गिल का बल्ला फिलहाल चलता नजर नहीं आ रहा है और उनकी खेल में परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

वनडे सीरीज में भी नहीं कर पाए प्रभावित

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में शुभमन गिल ने कुछ मैचों में अच्छी शुरुआत जरूर की, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। टीम को भी इस सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। अब जबकि भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज जारी है, गिल को इस बार टीम में जगह नहीं मिली है। इस कारण उन्होंने मौका देखकर घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश की और रणजी ट्रॉफी के मैच में खेलने पहुंचे। लेकिन वहां भी उनका बल्ला चलने के बजाय निराशाजनक प्रदर्शन ही किया।

Shubman Gill की हार का सिलसिला जारी, रणजी ट्रॉफी में दो गेंद पर शून्य आउट

पंजाब टीम के कप्तान के रूप में कप्तानी की जिम्मेदारी

रणजी ट्रॉफी में पंजाब की टीम की कप्तानी शुभमन गिल के हाथों में है। गुरुवार को विदर्भ के खिलाफ मैच में पहले नमन धीर कप्तान थे, लेकिन गिल की उपलब्धता के बाद कप्तानी उन्हें सौंप दी गई। पंजाब की टीम की बल्लेबाजी जल्दी ही शुरू हुई, क्योंकि सौराष्ट्र की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 172 रन बना सकी। गिल नंबर 5 पर बल्लेबाजी के लिए आए, लेकिन शुरुआती विकेट जल्दी गिरने की वजह से उनका बल्लेबाजी क्रम जल्दी आ गया। इस मैच में गिल से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, खासतौर पर रणजी ट्रॉफी जैसे टेस्ट फॉर्मेट में, जहां बल्लेबाजों को समय लेकर खेलना होता है।

दो गेंद पर शून्य रन पर आउट और फॉर्म की गिरावट

गिल का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में निराशाजनक रहा, वे केवल दो गेंद खेल पाए और बिना कोई रन बनाए आउट हो गए। इससे पंजाब की टीम को एक बड़ा झटका लगा। पिछले कुछ समय से गिल के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं, चाहे वो टेस्ट हो, वनडे हो या टी20। वनडे सीरीज से पहले वे विजय हजारे ट्रॉफी में भी सस्ते में आउट हुए थे। यह साफ संकेत है कि शुभमन गिल अपने अच्छे दौर से काफी दूर हैं। उनके फॉर्म में सुधार की जरूरत है, नहीं तो टीम इंडिया में उनका स्थान लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहेगा। फैंस और विशेषज्ञ अब इंतजार कर रहे हैं कि गिल कब अपने खेल को पटरी पर लाते हैं और फिर से टीम के लिए धमाकेदार प्रदर्शन करते नजर आते हैं।

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ICC T20 World 2026: बांग्लादेश टीम के भारत मैचों पर विवाद, बाहर होने पर स्कॉटलैंड बनेगा विकल्प

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ICC T20 World 2026: बांग्लादेश टीम के भारत मैचों पर विवाद, बाहर होने पर स्कॉटलैंड बनेगा विकल्प

ICC T20 World 2026: ICC टी20 विश्व कप 2026 का शेड्यूल जारी हो चुका है और टूर्नामेंट की तैयारी जोरों पर है। लेकिन इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) और ICC के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। बीसीबी ने साफ कह दिया है कि वह भारत में अपने मैच नहीं खेलना चाहता। उनका कहना है कि भारत में सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं है और वे अपना मैच किसी दूसरे स्थान पर खेलना चाहते हैं। हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि इस ऐन वक्त पर कोई बदलाव संभव नहीं है। ICC ने बांग्लादेश को 21 जनवरी तक का समय दिया है ताकि वह अपनी स्थिति स्पष्ट करे। यदि इस समय तक मामला सुलझा नहीं, तो बांग्लादेश की टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा।

बांग्लादेश में दंगे और खिलाड़ियों को लेकर विवाद

बीसीबी का यह विरोध हाल ही में बांग्लादेश में हुए दंगों और हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों से जुड़ा हुआ है। कई जगहों पर हिंसा फैलने के कारण बांग्लादेश की सुरक्षा स्थिति खराब मानी जा रही है। इसी बीच भारतीय क्रिकेट इंडस्ट्री में भी बांग्लादेश के एक खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को लेकर बड़ा विवाद हुआ। कुछ लोगों ने विरोध किया कि जब बांग्लादेश में अपने ही नागरिकों के साथ अत्याचार हो रहा है, तो मुस्तफिजुर भारत में करोड़ों रुपये लेकर खेलेंगे। इसी विवाद के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्तफिजुर को टीम से बाहर कर दिया। यह कदम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बड़ा आघात पहुंचा और उन्होंने भारत में मैच खेलने से इंकार कर दिया।

बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की एंट्री हो सकती है

ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को 21 जनवरी तक फैसला करने का मौका दिया है। यदि बांग्लादेश अपनी मांग पर अड़ा रहता है और भारत में मैच खेलने को तैयार नहीं होता है, तो ICC बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी20 विश्व कप में शामिल कर सकता है। स्कॉटलैंड की टीम ICC रैंकिंग के अनुसार बांग्लादेश के निकटतम विकल्प के रूप में सामने आई है। अगर ऐसा होता है, तो स्कॉटलैंड बांग्लादेश के ग्रुप में खेलते हुए नजर आएगा। इस निर्णय से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बड़ा झटका लगेगा क्योंकि यह पहली बार होगा जब उनका मुख्य टूर्नामेंट से बाहर होना तय होगा।

जल्द निपटारा जरूरी, 7 फरवरी को बांग्लादेश का पहला मुकाबला

बांग्लादेश ने यह भी मांग की है कि उसका ग्रुप बदला जाए और वह ग्रुप बी में शामिल हो जाए, जहां आयरलैंड पहले से मौजूद है। लेकिन आयरलैंड ने इस बदलाव से साफ मना कर दिया है। ऐसे में बीसीबी की यह मांग पूरी होती दिख रही है। 7 फरवरी को बांग्लादेश का पहला मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में तय है, जिससे वक्त बेहद कम बचा है। ICC इस विवाद का जल्द समाधान चाहता है ताकि विश्व कप के अन्य आयोजन सुचारु रूप से हो सकें। अगर बांग्लादेश अपनी मांगों पर कायम रहा, तो ICC के लिए विकल्प कम हो जाएंगे और टीम को बाहर करने का निर्णय लेना पड़ सकता है। इस मामले में आगे क्या होता है, यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा।

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WPL 2026 पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर, RCB टॉप पर, यूपी वॉरियर्स की धमाकेदार वापसी

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WPL 2026 पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर, RCB टॉप पर, यूपी वॉरियर्स की धमाकेदार वापसी

WPL 2026: विमेंस प्रीमियर लीग के चौथे सीजन का पहला चरण 17 जनवरी को नवी मुंबई में समाप्त हो गया। शुरुआती 11 मुकाबले इसी शहर में खेले गए, जिनका आखिरी मैच दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला टीम के बीच हुआ। अब टूर्नामेंट का कारवां वडोदरा की ओर बढ़ चुका है, जहां 19 जनवरी से लीग के बाकी बचे मुकाबले खेले जाएंगे। नवी मुंबई चरण में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिन्होंने प्वाइंट्स टेबल की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। खास बात यह रही कि जिन टीमों की शुरुआत कमजोर रही थी, उन्होंने वापसी के संकेत दिए, जबकि कुछ मजबूत मानी जा रही टीमों को झटके भी लगे। इस चरण के बाद फैंस की नजरें अब वडोदरा में होने वाले मुकाबलों पर टिक गई हैं, जहां से प्लेऑफ की दौड़ और भी दिलचस्प होने वाली है।

आरसीबी का शानदार प्रदर्शन और यूपी वॉरियर्स की वापसी

11 मैचों के बाद अगर प्वाइंट्स टेबल पर नजर डालें तो स्मृति मंधाना की कप्तानी में खेल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला टीम का दबदबा साफ नजर आता है। आरसीबी ने अब तक चार मैच खेले हैं और चारों में जीत हासिल कर टेबल में पहला स्थान मजबूती से पकड़ रखा है। टीम के खाते में आठ अंक हैं और उनका नेट रनरेट 1.600 का है, जो उनके आक्रामक और संतुलित खेल को दर्शाता है। दूसरी ओर यूपी वॉरियर्स की कहानी भी काफी दिलचस्प रही है। शुरुआती तीन मुकाबलों में लगातार हार झेलने के बाद टीम ने जबरदस्त वापसी की और लगातार दो मैच जीतकर चौथे स्थान पर पहुंच गई। पांच मैचों में चार अंकों के साथ यूपी वॉरियर्स का नेट रनरेट भी सुधरकर -0.483 हो गया है, जिससे साफ है कि टीम ने अपनी गलतियों से सीख लेते हुए खुद को बेहतर किया है।

मुंबई इंडियंस की चुनौती और गुजरात की स्थिरता

डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस के लिए यह चरण थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में खेलने वाली मुंबई टीम को अपने पिछले दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी स्थिति थोड़ी कमजोर जरूर हुई है। इसके बावजूद टीम पांच मैचों में दो जीत और तीन हार के साथ चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। उनका नेट रनरेट 0.151 है, जो अब भी सकारात्मक है और उन्हें प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखता है। वहीं गुजरात जायंट्स की टीम ने अब तक संतुलित प्रदर्शन किया है। चार मैचों में दो जीत और दो हार के साथ टीम तीसरे स्थान पर है। उनका नेट रनरेट -0.319 है, जो बताता है कि टीम को कुछ अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत है ताकि वह शीर्ष दो में जगह बना सके।

दिल्ली कैपिटल्स की मुश्किलें और आगे की राह

दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब तक का सफर सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम ने चार मैच खेले हैं, जिनमें से केवल एक में जीत मिली और तीन में हार का सामना करना पड़ा। इसी वजह से दिल्ली कैपिटल्स प्वाइंट्स टेबल में सबसे नीचे पहुंच गई है। उनका नेट रनरेट -0.856 है, जो उनकी लगातार हार और बड़े अंतर से हार को दर्शाता है। हालांकि टूर्नामेंट अभी लंबा है और वडोदरा चरण में दिल्ली के पास खुद को साबित करने का मौका होगा। अगर टीम अपनी रणनीति में बदलाव करती है और प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन निकाल पाती है, तो वापसी संभव है। आने वाले मुकाबलों में हर जीत और हार प्वाइंट्स टेबल को और भी रोचक बनाएगी, क्योंकि सभी टीमें अब प्लेऑफ की दौड़ में अपनी जगह पक्की करने के लिए पूरा जोर लगाने वाली हैं।

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