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Rahul Gandhi का हाइड्रोजन बम तैयार, 17 सितंबर को PM मोदी और वोट चोरी पर करेंगे बड़ा हमला
Rahul Gandhi: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोट चोरी का मुद्दा फिर से गरम हो गया है। सभी विपक्षी दल, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है, भाजपा और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। राहुल गांधी ने पहले भी इस मुद्दे पर एक प्रेजेंटेशन साझा किया था, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया था। अब इस कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने हाइड्रोजन बॉम्ब के माध्यम से एक बार फिर वोट चोरी के आरोपों को देश के सामने रख सकते हैं।
17 सितंबर को धमाका
मिली जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी यह हाइड्रोजन बॉम्ब 17 सितंबर को फोड़ सकते हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पड़ रहा है। इस दौरान राहुल गांधी न केवल चुनाव आयोग को सीधे निशाना बनाएंगे बल्कि प्रधानमंत्री मोदी पर भी सीधा हमला कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी हरियाणा और वाराणसी में कथित वोट चोरी के आंकड़े सार्वजनिक करेंगे और इन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरे देश के सामने पेश करेंगे। इस मामले में जनता के सामने सबूत देने का दावा भी किया जा रहा है।
हाइड्रोजन बॉम्ब के संकेत
राहुल गांधी ने रै बरेली दौरे के दौरान भी हाइड्रोजन बॉम्ब का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग ज्यादा उत्तेजित न हों क्योंकि हाइड्रोजन बॉम्ब आने के बाद सब स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने वोट चोरी के आरोप को दोहराते हुए कहा कि देश में सरकारें वोट चोरी करके बनाई जा रही हैं। राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर जनता को जल्द ही ठोस सबूत देंगे और इसका पूरा भरोसा जताया।
पीएम मोदी और 75 साल की उम्र
कांग्रेस अब पीएम मोदी के 75 साल के उम्र तक राजनीति में बने रहने के मामले को भी निशाना बनाने की योजना बना रही है। भाजपा में कई सालों से यह प्रथा रही है कि 75 साल की उम्र के बाद नेता रिटायर हो जाते हैं। इस नियम को देखते हुए कई नेताओं ने राजनीति से दूरी बना ली। कांग्रेस सवाल उठाती है कि एमएम जोशी और अडवाणी के लिए अलग नियम और मोदी के लिए अलग क्यों? क्या पीएम को सत्ता से इतना प्रेम है? यह मुद्दा भी राहुल गांधी अपने हाइड्रोजन बॉम्ब में उठाने वाले हैं।
भाजपा पर सत्ता पर कब्जा का आरोप
टीम राहुल गांधी का कहना है कि भाजपा वोट चोरी करके सत्ता पर कब्जा करना चाहती है। उनके अनुसार, मोदी ने हाल ही में मोहन भागवत द्वारा 75 साल की उम्र के नियम को लेकर कही गई बातों के बाद संघ की शरण ली। कांग्रेस का कहना है कि संघ हमेशा अपने विचार बदलता रहता है और भाजपा सत्ता की राजनीति में इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। राहुल गांधी ने यह स्पष्ट किया है कि कांग्रेस इस मुद्दे को छोड़ने वाली नहीं है और इसे पूरे जोर-शोर से जनता के सामने रखेगी।