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रायबरेली में दलित हत्या पर राहुल गांधी-खरगे का हमला, बोले मॉब लिंचिंग और बुलडोजर आज की पहचान बन गए

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उत्तर प्रदेश के रायबरेली में दलित युवक हरीओम वाल्मीकि की निर्मम हत्या ने पूरे देश को हिला दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इसे इंसानियत और संविधान की हत्या करार दिया है। दोनों नेताओं ने इस मामले पर संयुक्त बयान जारी कर घटना की कड़ी निंदा की। राहुल गांधी ने लिखा कि यह सिर्फ एक इंसान की हत्या नहीं, बल्कि न्याय, संविधान और मानवता की हत्या है।

दलित और कमजोर वर्गों पर बढ़ता अत्याचार

राहुल गांधी ने बयान में कहा कि आज भारत में दलित, आदिवासी, मुस्लिम, पिछड़े और गरीब—जिनकी आवाज़ दबाई जा रही है और जिनका जीवन सस्ता समझा जा रहा है—उनके खिलाफ हिंसा बढ़ रही है। वे कहते हैं कि सत्ता के संरक्षण में देश में नफरत, हिंसा और भीड़तंत्र पनप रहा है। Bulldozer और भय ने संविधान और न्याय की जगह ले ली है। उन्होंने हरीओम के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और न्याय की गारंटी दी।

हिंसा और समाज में संवेदनशीलता की कमी

संयुक्त बयान में कांग्रेस पार्टी ने कहा कि इस घटना ने देश और समाज पर कलंक लगाया है। देश में दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के खिलाफ अपराध की संख्या बढ़ गई है। हत्याएं और हिंसात्मक घटनाएं सबसे अधिक उन लोगों के खिलाफ हो रही हैं जिनकी भागीदारी या प्रतिनिधित्व सीमित है। हरीओम की हत्या, हाथरस और उन्नाव की घटनाओं, रोहित वेमुला की मौत और अन्य दलित-विरोधी हिंसा की श्रृंखला का हिस्सा है।

हरीओम की हत्या का विवरण

रायबरेली पुलिस के अनुसार, 40 वर्षीय हरीओम वाल्मीकि को स्थानीय लोगों ने ड्रोन चोर समझकर पीट-पीट कर मार डाला। तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। घटना के समय हरीओम अपनी पत्नी और बेटी से मिलने ससुराल जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने उसे रेलवे स्टेशन पर ले जाकर छोड़ दिया, जहां उसकी लाश रेलवे ट्रैक के पास मिली।

न्याय और इंसानियत की अपील

इस घटना ने देश के सामूहिक नैतिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़ा किया है। कांग्रेस पार्टी ने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता जताई और नागरिकों से इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। राहुल गांधी ने हरीओम के पिता से फोन पर बात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। यह मामला देश में समानता, सामाजिक न्याय और मानवता की रक्षा के महत्व को दोहराता है।

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