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President Alar Karis: भारत दौरे पर अलार कारिस, अक्षरधाम में किया अभिषेक और प्रार्थना

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President Alar Karis: भारत दौरे पर अलार कारिस, अक्षरधाम में किया अभिषेक और प्रार्थना

President Alar Karis: एस्टोनिया गणराज्य के राष्ट्रपति अलार कारिस इन दिनों भारत दौरे पर हैं। अपने विशेष प्रतिनिधिमंडल के साथ वे नई दिल्ली स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। राष्ट्रपति कारिस के साथ भारत में एस्टोनिया की राजदूत मार्गे लूप, राष्ट्रपति कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि और एस्टोनिया के डिजिटल व एआई क्षेत्र से जुड़े प्रमुख सदस्य मौजूद थे। इसके अलावा एआई-लीप (AI-Leap) के प्रतिनिधि भी इस यात्रा में शामिल रहे। मंदिर परिसर पहुंचने पर दिव्यामृतदास स्वामी, ज्ञानमुनिदास स्वामी और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।

भारत-एस्टोनिया मैत्री संबंधों को मिलेगा नया आयाम

इस अवसर पर परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने राष्ट्रपति कारिस को व्यक्तिगत पत्र भेजकर उनके आगमन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने एस्टोनिया और उसके नागरिकों की शांति, समृद्धि तथा राष्ट्रपति के उत्तम स्वास्थ्य और सफलता के लिए प्रार्थना की। पत्र में यह आशा भी जताई गई कि भारत और एस्टोनिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध आपसी समझ, सहयोग और संवाद के माध्यम से और मजबूत होंगे। दोनों देशों के बीच डिजिटल नवाचार, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में पहले से सहयोग की संभावनाएं हैं, और इस यात्रा को उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव कूटनीतिक संबंधों को और अधिक गहराई प्रदान करता है।

President Alar Karis: भारत दौरे पर अलार कारिस, अक्षरधाम में किया अभिषेक और प्रार्थना

“बहुत प्रभावशाली अनुभव” – राष्ट्रपति कारिस

अक्षरधाम मंदिर की यात्रा के बाद राष्ट्रपति अलार कारिस ने अपने अनुभव को “बहुत प्रभावशाली” बताया। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रेरणादायक बताया और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। अपने संदेश में उन्होंने लिखा, “मंदिर भ्रमण के लिए धन्यवाद। मैं फिर से आने की आशा करता हूं। यह अनुभव अत्यंत प्रभावशाली रहा। आइए भारत और एस्टोनिया के बीच शांति और अच्छे संबंधों के लिए प्रार्थना करें।” राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर में अभिषेक भी किया और वैश्विक शांति, सद्भाव और सभी समुदायों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को एक नई दिशा दी है।

सांस्कृतिक बोट क्रूज से जाना भारत की विरासत का इतिहास

मंदिर परिसर में राष्ट्रपति कारिस और उनके प्रतिनिधिमंडल ने सांस्कृतिक बोट क्रूज का भी अनुभव किया। इस क्रूज के माध्यम से भारत की समृद्ध विरासत, दर्शन, विज्ञान और मानव सभ्यता में योगदान की झलक प्रस्तुत की गई। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सभ्यता की प्राचीन उपलब्धियों और आधुनिक प्रगति के समन्वय को करीब से समझा। यह यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि दो देशों के बीच सांस्कृतिक और वैचारिक संवाद का प्रतीक बनकर उभरी। डिजिटल और एआई क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह भी संकेत दिया कि भारत और एस्टोनिया नवाचार, तकनीक और अंतर-सांस्कृतिक समझ के माध्यम से भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने के इच्छुक हैं।

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IPL के बीच इंटरनेशनल सीरीज, दो टीमों ने लिया बड़ा जोखिम भरा फैसला

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IPL के बीच इंटरनेशनल सीरीज, दो टीमों ने लिया बड़ा जोखिम भरा फैसला

IPL 2026 के दौरान आमतौर पर कोई भी देश अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज आयोजित करने से बचता है। इसका मुख्य कारण यह है कि लगभग सभी बड़े क्रिकेट देश अपने खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने के लिए भेजते हैं और इस दौरान क्रिकेट फैंस का पूरा ध्यान भी इसी टूर्नामेंट पर रहता है। लेकिन इस बार एक अलग तस्वीर देखने को मिल रही है। दो टीमों ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए आईपीएल के बीच इंटरनेशनल सीरीज खेलने का फैसला किया है। यह फैसला काफी जोखिम भरा माना जा रहा है क्योंकि इससे दर्शकों की संख्या और खिलाड़ियों की उपलब्धता दोनों पर असर पड़ सकता है।

न्यूजीलैंड और बांग्लादेश ने लिया बड़ा रिस्क

इस बार आईपीएल के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का फैसला न्यूजीलैंड और बांग्लादेश ने लिया है। दोनों टीमों के बीच 17 अप्रैल से 2 मई के बीच बांग्लादेश में व्हाइट बॉल सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज में पहले तीन वनडे मैच होंगे और उसके बाद तीन टी20 मुकाबले खेले जाएंगे। आईपीएल के बीच इस तरह की सीरीज आयोजित करना एक साहसिक कदम है क्योंकि इस दौरान कई बड़े खिलाड़ी आईपीएल में व्यस्त रहते हैं और दर्शकों का ध्यान भी बंट सकता है।

IPL के बीच इंटरनेशनल सीरीज, दो टीमों ने लिया बड़ा जोखिम भरा फैसला

रैंकिंग में न्यूजीलैंड मजबूत, बांग्लादेश पीछे

अगर दोनों टीमों की मौजूदा रैंकिंग पर नजर डालें तो न्यूजीलैंड काफी मजबूत स्थिति में नजर आता है। वनडे रैंकिंग में न्यूजीलैंड दूसरे स्थान पर है जबकि बांग्लादेश दसवें पायदान पर है। वहीं टी20 रैंकिंग में न्यूजीलैंड चौथे स्थान पर है और बांग्लादेश नौवें नंबर पर मौजूद है। ऐसे में कागजों पर न्यूजीलैंड की टीम मजबूत दिखाई देती है लेकिन घरेलू परिस्थितियों में बांग्लादेश की टीम चुनौती पेश कर सकती है।

IPL शेड्यूल और सीरीज का पूरा कार्यक्रम

बांग्लादेश के खिलाड़ी इस बार आईपीएल 2026 का हिस्सा नहीं हैं जिससे इस सीरीज के आयोजन में उन्हें आसानी हुई है। तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा था लेकिन बाद में रिलीज कर दिया गया। वहीं सीरीज का शेड्यूल तय हो चुका है जिसमें 17 अप्रैल को पहला वनडे मीरपुर में खेला जाएगा। 20 अप्रैल को दूसरा वनडे और 23 अप्रैल को तीसरा वनडे होगा। इसके बाद 27 अप्रैल से टी20 सीरीज शुरू होगी और 2 मई को अंतिम मैच खेला जाएगा। दूसरी ओर आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होगी और इसका शेड्यूल चरणों में जारी किया जा रहा है।

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असम चुनाव से पहले कांग्रेस में दलबदल की आंधी, क्या भाजपा को मिलेगा सीधा फायदा

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असम चुनाव से पहले कांग्रेस में दलबदल की आंधी, क्या भाजपा को मिलेगा सीधा फायदा

असम की राजनीति में इस समय कांग्रेस पार्टी कई मुश्किलों से गुजर रही है। लगातार हो रही दल-बदल की घटनाओं ने पार्टी की स्थिति को कमजोर कर दिया है। साल 2016 से कांग्रेस राज्य की सत्ता से बाहर है और आगामी विधानसभा चुनावों में उसे भारतीय जनता पार्टी के मजबूत संगठन से मुकाबला करना होगा। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने पिछले वर्षों में कई विकास और कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं जिनका असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई देता है। ऐसे में कांग्रेस के सामने न केवल चुनावी रणनीति बनाने की चुनौती है बल्कि संगठन को फिर से मजबूत करने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।

कांग्रेस को कहां मिल सकता है फायदा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में बढ़ती एंटी इनकंबेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर कांग्रेस के लिए एक अवसर बन सकती है। खासतौर पर अल्पसंख्यक मतदाता और बंगाली भाषी मुस्लिम समुदाय का समर्थन कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जोरहाट सीट से गौरव गोगोई की बड़ी जीत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है। पार्टी ने इस बार उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है। इससे कांग्रेस को उम्मीद है कि युवा नेतृत्व और स्थानीय मुद्दों के सहारे वह भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकेगी।

असम चुनाव से पहले कांग्रेस में दलबदल की आंधी, क्या भाजपा को मिलेगा सीधा फायदा

लगातार हो रहे दलबदल से कमजोर हुआ संगठन

पिछले एक दशक में कांग्रेस को असम में कई बड़े राजनीतिक झटके लगे हैं। राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी कभी कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल थे लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए। हाल ही में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा और तीन अन्य विधायकों के भाजपा में जाने से पार्टी को नया झटका लगा है। जमीनी स्तर पर संगठन की कमजोरी भी कांग्रेस के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। चाय बागान के मजदूर जो कभी कांग्रेस के मजबूत वोट बैंक माने जाते थे अब धीरे धीरे भाजपा की ओर झुकते नजर आ रहे हैं। इससे कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर भी असर पड़ रहा है।

सत्ता विरोधी माहौल कांग्रेस के लिए अवसर

राजनीतिक परिस्थितियों के बीच कांग्रेस के पास अभी भी वापसी का मौका है। यदि पार्टी सत्ता विरोधी लहर को सही तरीके से भुना पाती है तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। कांग्रेस के पास यह अवसर भी है कि वह एनडीए गठबंधन के भीतर असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने साथ जोड़ सके। हालांकि लगातार हो रहा दलबदल और संगठनात्मक कमजोरी पार्टी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। दूसरी ओर सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन की मजबूत चुनावी मशीनरी और प्रशासनिक पकड़ कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस इस राजनीतिक संघर्ष में खुद को फिर से मजबूत कर पाती है या भाजपा अपनी पकड़ और मजबूत कर लेती है।

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मिका सिंह के बॉडीगार्ड ने 30 साल पहले कहा था, ‘तुम खुद स्ट्रगल कर रहे हो’

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मिका सिंह के बॉडीगार्ड ने 30 साल पहले कहा था, ‘तुम खुद स्ट्रगल कर रहे हो’

बॉलीवुड और पंजाबी संगीत के चर्चित गायक मिका सिंह आज करोड़ों दिलों पर राज करते हैं। उनके गाने “आज की पार्टी” और “सावन में लग गई आग” युवाओं में हिट हुए और उन्हें स्टारडम दिलाया। आज मिका सिंह शानदार जिंदगी जी रहे हैं और उनके चारों ओर सुरक्षा के लिए कई बॉडीगार्ड्स हैं। लेकिन मिका ने खुलासा किया कि उनके वर्तमान बॉडीगार्ड ने शुरू में उन्हें स्ट्रगलर कहकर काम करने से मना कर दिया था।

बॉडीगार्ड कार्तार का मज़ेदार किस्सा

फिल्ममेकर फराह खान हाल ही में मिका सिंह के दिल्ली स्थित फार्महाउस पर गईं। वीडियो में मिका ने अपने बॉडीगार्ड कार्तार को फराह से मिलवाया। मिका ने कहा, “ये हैं कार्तार भाई।” जब कार्तार ने फराह के पैर छूने के लिए झुकें, मिका ने मजाकिया अंदाज में बताया, “ये बिल्कुल डिकेंट नहीं हैं। जब मैं उनसे 30 साल पहले मिला, मैंने कहा कि ‘तुम लंबा चौड़ा हो, क्या तुम मेरे बॉडीगार्ड बनोगे?’ उन्होंने कहा, ‘तुम पहले काम शुरू करो, तुम तो खुद स्ट्रगल कर रहे हो।’” फराह ने पूछा कि क्या यह सच है, और कार्तार ने हां में सिर हिलाया। मिका ने आगे कहा कि उन्होंने कड़ी मेहनत की और करियर बनाया ताकि कार्तार को बॉडीगार्ड के रूप में रख सकें।

मिका सिंह के बॉडीगार्ड ने 30 साल पहले कहा था, ‘तुम खुद स्ट्रगल कर रहे हो’

मिका सिंह की शुरुआती संगीत यात्रा

मिका ने अपने संगीत सफर और परिवार के योगदान के बारे में भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता गुरुद्वारे में कीर्तन गाया करते थे और संगीत से गहरी लगाव रखते थे। “पंजाब के अधिकतर सिंगर्स की शुरुआत गुरुद्वारे में होती है। वहां वे ग़ुरबानी सीखते हैं और राग पकड़ते हैं। मैं भी कीर्तन में तबला बजाता था। वाहेगुरु की कृपा है कि हम आज यहां तक पहुंचे हैं। उस समय मैंने सोचा था कि जब मैं खूब पैसा कमाऊंगा, तो जरूर अपने फार्महाउस में एक गुरुद्वारा बनाऊंगा।”

मिका सिंह का फार्महाउस: गाना, पूजा और गुरुद्वारा

मिका ने अपने फार्महाउस में गुरुद्वारा और मंदिर भी बनवाया है। यह उनके परिवार की धार्मिक परंपरा और संगीत प्रेम का प्रतीक है। उनका मानना है कि मेहनत और समर्पण से ही सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। मिका की कहानी यह भी दर्शाती है कि संघर्ष के समय में धैर्य और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं। आज वह सिर्फ संगीत जगत में नहीं, बल्कि समाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी अपनी पहचान बना चुके हैं।

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