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Preity Zinta ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘झूठ फैलाने वालों को शर्म आनी चाहिए’

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हाल ही में न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से जुड़ा एक कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आया। इस मामले के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री Preity Zinta का नाम भी उछाला गया। केरल कांग्रेस ने दावा किया कि बैंक से लिए गए करोड़ों के कर्ज को लेकर अभिनेत्री को फायदा पहुंचाया गया। इस खबर के फैलते ही Preity Zinta ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए अफवाह फैलाने वालों को फटकार लगाई और पूरी सच्चाई लोगों के सामने रखी। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जो लोग झूठी खबरें फैला रहे हैं, उन्हें ‘शर्म आनी चाहिए’।

क्या सच में Preity Zinta का 18 करोड़ रुपये का लोन माफ हुआ?

केरल कांग्रेस ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाने के लिए प्रीति जिंटा के 18 करोड़ रुपये के बैंक लोन को माफ कर दिया गया। दरअसल, 24 फरवरी को केरल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक ट्वीट किया, जिसमें कहा गया कि प्रीति जिंटा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स भाजपा को सौंप दिए थे, और इसके बदले उन्हें बैंक लोन माफी का लाभ मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक पिछले सप्ताह डूब गया, और अब जमाकर्ता अपने पैसे के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।

Preity Zinta ने तोड़ी चुप्पी, सामने लाई सच्चाई

इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनके बैंक खाते को पहले ही बंद कर दिया गया था और उन्होंने अपना पूरा बकाया चुका दिया था। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “नहीं, मैं खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को संचालित करती हूं और आप सभी को झूठी खबरें फैलाने के लिए शर्म आनी चाहिए! मुझे आश्चर्य है कि कोई राजनीतिक दल या उसके प्रतिनिधि बिना किसी ठोस सबूत के झूठी खबरें कैसे फैला सकते हैं। यह निराधार गपशप फैलाने का एक निंदनीय प्रयास है।”

‘लोन लिया था, चुका दिया’ – प्रीति जिंटा

अभिनेत्री ने आगे स्पष्ट किया कि उन्होंने लोन लिया था, लेकिन उसे पूरी तरह से चुका दिया था। उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड के लिए, मैं यह साफ करना चाहती हूं कि मैंने यह लोन लिया था और इसे पूरी तरह चुका भी दिया था। यह घटना आज की नहीं, बल्कि 10 साल पुरानी है। मुझे उम्मीद है कि यह सही जानकारी भविष्य में आपके काम आएगी, ताकि इस तरह की गलतफहमियां फिर से उत्पन्न न हों।”

राजनीतिक दलों पर साधा निशाना

प्रीति जिंटा ने इस पूरे मामले में राजनीतिक दलों द्वारा उनके नाम के दुरुपयोग पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए किसी निर्दोष व्यक्ति के नाम का उपयोग करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या यह सही है कि किसी का नाम सिर्फ इसलिए घसीटा जाए क्योंकि वह एक लोकप्रिय हस्ती है? क्या यह उचित है कि राजनेता और राजनीतिक दल झूठी खबरें फैलाकर लोगों को गुमराह करें?”

समर्थकों ने दिया साथ

प्रीति जिंटा के इस बयान के बाद उनके प्रशंसकों और समर्थकों ने उनका साथ दिया और सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाने वालों की आलोचना की। कई लोगों ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है कि प्रसिद्ध हस्तियों को झूठे आरोपों में फंसाया जाता है।

झूठी खबरों से बचने की अपील

इस पूरे मामले के बाद, प्रीति जिंटा ने लोगों से अपील की कि वे बिना जांचे-परखे किसी भी खबर पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि झूठी खबरें सिर्फ अफवाहों को बढ़ावा देती हैं और किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि खराब कर सकती हैं।

“मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से मेरी यही गुजारिश है कि वे किसी भी खबर को बिना पुष्टि किए न फैलाएं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सही जानकारी ही साझा करें और किसी के झूठे प्रचार का हिस्सा न बनें।”

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अफवाहें कितनी जल्दी फैल सकती हैं और झूठी खबरें किसी भी व्यक्ति के लिए कितनी नुकसानदायक हो सकती हैं। प्रीति जिंटा ने जिस तरह से अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया, वह उनके आत्मविश्वास और ईमानदारी को दर्शाता है। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि न तो उनका कोई कर्ज माफ हुआ और न ही उन्होंने किसी राजनीतिक दल को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स सौंपे।

झूठी खबरों से बचने और सच्चाई को समझने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इस घटना ने यह भी सिखाया कि किसी भी खबर को आंख बंद करके मान लेने के बजाय, उसके पीछे की सच्चाई को जानना बेहद जरूरी है।

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