बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार और आर माधवन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Kesari: Chapter 2’ का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज कर दिया गया है। यह फिल्म जलियांवाला बाग हत्याकांड से जुड़े ऐतिहासिक मुकदमे की कहानी पर आधारित है, जिसमें अक्षय और माधवन वकीलों की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रेलर में दोनों के बीच कोर्टरूम ड्रामा को जबरदस्त अंदाज में दिखाया गया है, जहां वे जलियांवाला बाग नरसंहार पर अपनी-अपनी दलीलें रखते नजर आ रहे हैं। करण सिंह त्यागी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अनन्या पांडे भी एक महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। यह फिल्म 18 अप्रैल को रिलीज होने जा रही है।
ट्रेलर में नजर आया दमदार कोर्टरूम ड्रामा
ट्रेलर की शुरुआत 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में चली गोलियों की झलक से होती है, जो दर्शकों को उस दर्दनाक घटना की याद दिलाती है। इसके बाद अक्षय कुमार की एंट्री होती है, जो फिल्म में सर सीएस नायर का किरदार निभा रहे हैं। अक्षय अदालत में जनरल डायर से तीखे सवाल पूछते नजर आते हैं। वहीं, आर माधवन विपक्षी वकील के रूप में सामने आते हैं, जो ब्रिटिश क्राउन का बचाव करेंगे। ट्रेलर में अनन्या पांडे को भी दिखाया गया है, जो उस दौर की शुरुआती महिला वकीलों में से एक बनी हैं और ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाती नजर आती हैं।
इस किताब पर आधारित है फिल्म
‘Kesari: Chapter 2’ की कहानी रघु पलट और पुष्पा पलट की किताब ‘द केस दैट शुक द एम्पायर’ पर आधारित है। यह फिल्म भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक अनसुने नायक सी. शंकरन नायर की जिंदगी पर रोशनी डालती है, जिन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ जलियांवाला बाग हत्याकांड की सच्चाई उजागर करने के लिए अदालत में मुकदमा लड़ा था। रघु पलट, शंकरन नायर के परपोते हैं, और यह कहानी भारतीय इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय में झांकने का मौका देती है।
18 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
पहले यह फिल्म 14 मार्च 2025 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसे 18 अप्रैल 2025 तक के लिए टाल दिया गया है। फिल्म को धर्मा प्रोडक्शंस, लियो मीडिया कलेक्टिव और केप ऑफ गुड फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म न केवल ऐतिहासिक घटना पर आधारित है, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सीएस नायर के ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ अदालती संघर्ष को भी दिखाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक भारतीय वकील ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की सच्चाई को सामने लाने के लिए ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी। यह कहानी साहस, संघर्ष और न्याय की लड़ाई का एक शानदार उदाहरण पेश करेगी।