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राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: मतदान को उत्सव बनाएं और लोकतंत्र को मजबूत करें
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को एक खास पत्र लिखकर मतदान को उत्सव के रूप में मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदान लोकतंत्र का सबसे बड़ा सौभाग्य और जिम्मेदारी दोनों है। पीएम मोदी ने विशेष रूप से युवाओं और नारी शक्ति, खासकर युवा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को समावेशी लोकतंत्र की मजबूत नींव बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में युवाओं से आग्रह किया है कि वे जब भी खुद या अपने आस-पास कोई पहली बार वोटर बने तो इसे उत्सव की तरह सेलिब्रेट करें। उन्होंने कहा कि मतदान केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं बल्कि देश की भागीदारी और लोकतंत्र की जीवंतता का प्रतीक है। पहली बार वोट डालना जीवन का महत्वपूर्ण क्षण होता है और इसे पूरे जोश के साथ स्वागत किया जाना चाहिए।
पीएम ने बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी जड़ों में लोकतांत्रिक मूल्यों का इतिहास सदियों पुराना है। 1951 में हुए पहले आम चुनाव ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र की भावना भारतीयों के रक्त में बसी हुई है। इस वर्ष हम इस लोकतंत्र के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।
पीएम मोदी ने स्कूलों और कॉलेजों को भी सुझाव दिया है कि वे मतदाता बनने के इस महत्वपूर्ण अवसर को खास तौर पर मनाएं। वे चाहते हैं कि मतदान को लेकर युवा जागरूक हों और इसे राष्ट्रीय मतदाता दिवस के दिन उत्सव के रूप में मनाएं। यह न केवल चुनाव प्रबंधन की सफलता है, बल्कि लोकतंत्र के उत्सव की भी निशानी है।
प्रधानमंत्री ने MY-भारत प्लेटफॉर्म से जुड़ने का भी आग्रह किया है, जिससे युवा अपनी प्रतिबद्धता दिखा सकें और लोकतंत्र को मजबूत करने में योगदान दें। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे दूसरों को भी जागरूक करें और मिलकर भारत को समावेशी, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाएं।
इस प्रकार, पीएम मोदी ने मतदान को सिर्फ एक कर्तव्य नहीं बल्कि लोकतंत्र का जश्न मानने और इसे आगे बढ़ाने का संदेश दिया है। मतदान का उत्सव मनाकर ही हम अपने देश के भविष्य को सशक्त बना सकते हैं।