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Gold ATM से अब बेचें सोना! सीधे अकाउंट में मिलेगा पैसा ज्वैलर्स की जगह अब Gold ATM

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Gold ATM से अब बेचें सोना! सीधे अकाउंट में मिलेगा पैसा ज्वैलर्स की जगह अब Gold ATM

Gold ATM: हम सभी पुराने सोने के आभूषण बेचने के लिए ज्वैलर्स के पास जाते हैं। ज्वैलर हमें पुराने सोने के मूल्य में अपनी मर्जी से कटौती कर के पैसा देता है। लेकिन इस प्रक्रिया में हम अक्सर धोखा खा जाते हैं। चीन ने इस समस्या का समाधान खोज लिया है और शंघाई में गोल्ड एटीएम स्थापित किया है। अब लोग आसानी से अपने पुराने सोने को एटीएम में डाल कर उसे बेच सकते हैं।

गोल्ड एटीएम की सुविधाएँ

यह गोल्ड एटीएम सोने के आभूषण, सिक्के और बिस्किट्स को स्वीकार करता है। न्यूनतम वजन 3 ग्राम होना चाहिए और शुद्धता 50% से अधिक होनी चाहिए। मशीन 1,200°C तापमान पर सोने को पिघलाकर उसकी शुद्धता और वजन को सेंसर तकनीक से जांचती है। इसके बाद सोने का मूल्य शंघाई गोल्ड एक्सचेंज के नवीनतम दरों पर तय किया जाता है और प्रोसेसिंग शुल्क काट कर बाकी राशि सीधे ग्राहक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।

सुविधाजनक और तेज़ प्रक्रिया

यह पूरी प्रक्रिया बहुत सरल और तकनीकी रूप से उन्नत है। सोने को मशीन में डालने के बाद, वह खुद-ब-खुद उसे पिघला देती है और उसकी शुद्धता और वजन की जांच करती है। सबसे खास बात यह है कि पूरे प्रोसेस में सिर्फ 30 मिनट का समय लगता है। इसमें न तो कोई पहचान पत्र की आवश्यकता होती है और न ही किसी तरह के दस्तावेजों की।

शंघाई में शुरू हुआ नया पहल

यह गोल्ड एटीएम शंघाई में शुरू किया गया है और इसे शेनझेन स्थित किंगहुड ग्रुप द्वारा तैयार किया गया है। इसके कार्य करने का तरीका बेहद सरल है। उपयोगकर्ताओं को सिर्फ अपना सोना मशीन में डालना होता है और इसके बाद प्रक्रिया अपने आप पूरी हो जाती है। इसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता और हर कदम तकनीकी रूप से नियंत्रित किया जाता है।

धोखाधड़ी से सुरक्षा

गोल्ड एटीएम में कोई धोखाधड़ी का खतरा नहीं है क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड है। कोई भी बाहरी व्यक्ति सोने के मूल्य में कोई बदलाव नहीं कर सकता। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्राहक को अपनी मेहनत की पूरी कीमत मिलती है और उसे सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

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युद्धविराम के बाद बाजार में हलचल, सिल्वर ETFs में आई जबरदस्त तेजी

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युद्धविराम के बाद बाजार में हलचल, सिल्वर ETFs में आई जबरदस्त तेजी

अमेरिका और ईरान के बीच 15 दिनों के युद्धविराम के ऐलान ने वैश्विक बाजारों में अचानक नई ऊर्जा भर दी है। एक ओर जहां शेयर बाजार में तेजी का माहौल बना, वहीं कमोडिटी बाजार में भी जबरदस्त हलचल देखने को मिली। खासतौर पर गोल्ड और सिल्वर से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ETF में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। निवेशकों ने इस मौके को भुनाने में देर नहीं की और भारी निवेश के चलते इन फंड्स में एक ही दिन में बड़ी तेजी दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि बाजार में अनिश्चितता के बावजूद सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बनी हुई है।

सिल्वर ETFs में जबरदस्त उछाल से निवेशकों की चांदी

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चमक चांदी से जुड़े ETFs में देखने को मिली। SBI और Nippon India के सिल्वर ETF में 4.3% से ज्यादा की तेजी आई, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा मुनाफे का मौका साबित हुआ। वहीं ICICI Prudential सिल्वर ETF भी 4.1% की मजबूती के साथ बंद हुआ। इसके अलावा टाटा सिल्वर ETF में भी करीब 4% की बढ़त दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी को अब सिर्फ सुरक्षित निवेश नहीं बल्कि औद्योगिक उपयोग के चलते भी मजबूत मांग मिल रही है, जिससे इसके दामों में तेजी देखने को मिल रही है।

युद्धविराम के बाद बाजार में हलचल, सिल्वर ETFs में आई जबरदस्त तेजी

सोने की कीमतों में भी आई नई चमक

चांदी के साथ-साथ सोने ने भी निवेशकों को निराश नहीं किया। Nippon India गोल्ड BeES में करीब 2.4% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि ICICI और SBI के गोल्ड ETF भी 2.3% से अधिक की तेजी के साथ ट्रेड करते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग 2.3% बढ़कर 4,812 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई है, जो पिछले तीन हफ्तों का उच्चतम स्तर है। यह तेजी दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।

डॉलर की कमजोरी और निवेशकों की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे कई अहम कारण हैं। युद्धविराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे महंगाई का दबाव थोड़ा कम हुआ है। लेकिन इसी दौरान अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने सोने और चांदी को और आकर्षक बना दिया है। आमतौर पर डॉलर कमजोर होने पर कीमती धातुओं की कीमतें मजबूत होती हैं। इसके अलावा निवेशकों का रुझान भी बदल रहा है। वे एक तरफ इक्विटी बाजार में निवेश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ भविष्य की अनिश्चितता से बचने के लिए सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में भी पैसा लगा रहे हैं। इस मिश्रित रणनीति को बाजार में ‘मिक्स्ड सेंटिमेंट’ कहा जा रहा है, जो आने वाले समय में निवेश के नए ट्रेंड को दर्शाता है।

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अनंत अंबानी ने मंदिरों में दान से मचाई हलचल जानिए 18 करोड़ का पूरा प्लान

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अनंत अंबानी ने मंदिरों में दान से मचाई हलचल जानिए 18 करोड़ का पूरा प्लान

Anant Ambani ने हाल ही में केरल के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों Rajarajeshwaram Temple और Guruvayur Temple का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कुल 6 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की जिसमें दोनों मंदिरों को 3 3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। तालीपरंबा स्थित राजराजेश्वरम मंदिर में दर्शन के दौरान उन्होंने पारंपरिक रीति रिवाजों का पालन किया और पोनुमकुदम पट्टम थाली और नेय्यमृतु जैसे धार्मिक प्रतीकों को नमन किया। उन्होंने मंदिर प्रशासन को 3 करोड़ रुपये का चेक सौंपा जिससे चल रहे विकास कार्यों को गति मिलेगी।

₹12 करोड़ के नवीनीकरण का बड़ा संकल्प

अनंत अंबानी ने केवल दान ही नहीं दिया बल्कि मंदिर के व्यापक पुनरुद्धार के लिए 12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता का भी प्रस्ताव रखा। इस योजना के तहत ऐतिहासिक पूर्वी गोपुरम का पुनर्निर्माण किया जाएगा जो पिछले लगभग दो सौ वर्षों से जर्जर स्थिति में था। यह गोपुरम मंदिर की वास्तुकला और धार्मिक महत्व का अहम हिस्सा माना जाता है। इस परियोजना से न केवल मंदिर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि आसपास की सुविधाओं और दर्शनीय स्थलों का भी विकास होगा। इस अवसर पर मंदिर प्रशासन ने पारंपरिक सम्मान के साथ उनका स्वागत किया और कई वरिष्ठ अधिकारी तथा पुजारी भी मौजूद रहे।

अनंत अंबानी ने मंदिरों में दान से मचाई हलचल जानिए 18 करोड़ का पूरा प्लान

गुरुवायुर मंदिर में पशु संरक्षण की अनोखी पहल

गुरुवायुर मंदिर में दर्शन के दौरान अनंत अंबानी ने भगवान गुरुवायुरप्पन की पूजा की और मंदिर ट्रस्ट को 3 करोड़ रुपये का दान दिया। इसके साथ ही उन्होंने पशु संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी योजना पेश की। उन्होंने मंदिर परिसर में एक आधुनिक हाथी अस्पताल बनाने और हाथियों के लिए चेन मुक्त आश्रय विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इस पहल का उद्देश्य हाथियों की बेहतर देखभाल करना और उन्हें प्राकृतिक वातावरण के करीब रखना है। इसमें वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक सुविधाओं को शामिल करने की बात कही गई है जिससे पशु कल्याण को नई दिशा मिल सके।

आध्यात्मिक विरासत को बचाने का संदेश

इस अवसर पर अनंत अंबानी ने कहा कि भारत के मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं बल्कि जीवंत सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र हैं जो आस्था करुणा और प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते को मजबूत करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन पवित्र स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उनका यह कदम न केवल मंदिरों के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम है बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने और मंदिरों से जुड़े सामाजिक पहलुओं को भी बढ़ावा देगा। यह पहल भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक बड़ा प्रयास मानी जा रही है।

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LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला मिनी सिलेंडर से कैसे मिलेगी राहत

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LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला मिनी सिलेंडर से कैसे मिलेगी राहत

देश में चल रहे एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत मिनी एफटीएल गैस सिलेंडर को एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि जिन लोगों के पास पारंपरिक गैस कनेक्शन नहीं है वे भी आसानी से गैस सिलेंडर खरीद सकें। इस सुविधा के तहत उपभोक्ता आधार कार्ड या किसी अन्य वैध पहचान पत्र के आधार पर मिनी सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का यह कदम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो लंबे समय से गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर परेशान थे।

छात्रों और प्रवासी श्रमिकों को मिली बड़ी राहत

यह योजना विशेष रूप से छात्रों, प्रवासी मजदूरों और किराए के मकानों में रहने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। अब तक ऐसे लोगों को गैस कनेक्शन न होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पहले एलपीजी संकट से पहले भी ये लोग ब्लैक मार्केट से सिलेंडर खरीदते थे जो सामान्य कीमत से 100 से 200 रुपये महंगे मिलते थे। लेकिन हाल के संकट के दौरान यही सिलेंडर 6,000 से 7,000 रुपये तक पहुंच गया, जिससे आम आदमी के लिए इसे खरीदना लगभग असंभव हो गया। ऐसे में मिनी सिलेंडर एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प के रूप में सामने आया है।

LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला मिनी सिलेंडर से कैसे मिलेगी राहत

मिनी सिलेंडर की कीमत और उपयोगिता

सरकारी पहल के तहत मिनी एफटीएल सिलेंडर की कीमत लगभग ₹1,581 तय की गई है, जबकि 5 किलोग्राम गैस रिफिल मात्र ₹600 में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सिलेंडर छोटे परिवारों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी है। एक मिनी सिलेंडर सामान्य परिस्थितियों में 15 से 20 दिनों तक आसानी से चल सकता है, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। इस योजना को विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहतकारी माना जा रहा है जो नियमित गैस कनेक्शन नहीं ले सकते या जिनके लिए पारंपरिक सिलेंडर महंगे साबित हो रहे हैं।

गैस उपलब्धता को लेकर सरकार और जनता के बीच स्थिति

देशभर में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं और कई जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी, सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों जैसे ईरान में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण आपूर्ति पर असर पड़ा है। सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रयास कर रही है और समुद्री मार्ग से आपूर्ति को सुचारु बनाने की दिशा में काम जारी है।

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