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NHAI ने देश का पहला हाईवे बनाया जहाँ रात में चमकती हैं लाल चेतावनी पट्टियां

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मध्य प्रदेश के जबलपुर-भोपाल हाईवे (NH-45) पर यात्रियों को इन दिनों एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देश में पहली बार सड़क पर चमकदार लाल टेबल-टॉप मार्किंग्स बिछाई हैं। यह तकनीक न केवल देखने में अलग है, बल्कि इसके पीछे सुरक्षा और वैज्ञानिक कारण भी हैं। हाईवे का यह हिस्सा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जहां जंगली जानवर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आते थे। NHAI की यह पहल इन हादसों को रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए की गई है।

ब्राइट रेड तकनीक कैसे करती है ड्राइवर को सतर्क

यह सिर्फ रंग का प्रयोग नहीं है। लाल पट्टियों को सड़क की सतह पर उभार कर बनाया गया है। जैसे ही कोई वाहन इन लाल पट्टियों के ऊपर से गुजरता है, टायर और सड़क के घर्षण से गाड़ी में कंपन और आवाज पैदा होती है। इससे ड्राइवर तुरंत सतर्क हो जाता है और ब्रेक लगाने की प्रतिक्रिया स्वाभाविक रूप से होती है। लाल रंग का मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी काम करता है, क्योंकि लाल रंग को खतरे का संकेत माना जाता है। इससे ड्राइवर को पहले ही चेतावनी मिल जाती है कि वह एनिमल क्रॉसिंग जोन में प्रवेश कर रहा है।

रात में सुरक्षा कवच का काम करेगी यह तकनीक

हाईवे पर ज्यादातर सड़क हादसे रात के समय होते हैं, जब विजिबिलिटी कम होती है। घने जंगलों के बीच जंगली जानवर अचानक सड़क पार कर लेते हैं। इन लाल टेबल-टॉप मार्किंग्स की खासियत यह है कि रात के वक्त हेडलाइट की रोशनी में ये चमकती हैं, जिससे ड्राइवर को काफी पहले पता चल जाता है कि आगे एनिमल क्रॉसिंग है। इसका परिणाम यह होता है कि वाहन धीमी गति से गुजरते हैं और जंगली जानवर सुरक्षित होकर सड़क पार कर पाते हैं। इस पहल से ड्राइवर और जानवर दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

वन्यजीवों और इंसानों दोनों के लिए फायदेमंद

NHAI की यह पहल इको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे बाघ, तेंदुए, हिरण और अन्य दुर्लभ जानवर सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, सड़क पर जानवरों से टकराने के कारण होने वाले हादसों में इंसानी जान भी बचाई जा सकेगी। यह तकनीक न केवल हाईवे की सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज को भी जागरूक करती है। इसे भारत में सड़क सुरक्षा और वन्यजीव सुरक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल माना जा रहा है।

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