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New Labor Code: नए लेबर कोड ने बढ़ाई IT कंपनियों की लागत, मुनाफे में आई भारी कमी

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New Labor Code: देश की प्रमुख IT कंपनियों जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस और HCLTech को नए लेबर कोड के लागू होने के बाद भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस नए कानून के चलते इन तीन बड़ी कंपनियों को कुल मिलाकर 4,373 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। 31 दिसंबर को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में इन कंपनियों के मुनाफे में भी गहरा असर पड़ा। इंफोसिस ने अपनी दिसंबर तिमाही रिपोर्ट में 1,289 करोड़ रुपये का विशेष खर्च बताया, जो कि मुख्य रूप से नए लेबर कोड के कारण बढ़ी ग्रेच्युटी और छुट्टियों की देनदारियों के चलते हुआ। इसी तरह TCS ने 2,128 करोड़ रुपये और HCLTech ने 956 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च नए लेबर कोड के कारण बताया है।

ऑपरेटिंग मार्जिन में गिरावट के बावजूद कंपनियों का स्थिर प्रदर्शन

हालांकि इन कंपनियों को लागत में वृद्धि जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, फिर भी TCS ने तीसरी तिमाही में अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को 25.2 प्रतिशत पर बनाए रखा। HCLTech ने अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को 18.6 प्रतिशत तक बढ़ा लिया, जबकि इंफोसिस का ऑपरेटिंग मार्जिन 18.4 प्रतिशत रहा, जो पिछले क्वार्टर के 21 प्रतिशत से कम है। इंफोसिस ने कहा कि अगर लेबर कोड के कारण हुई अतिरिक्त लागत न होती तो उनका एडजस्टेड मार्जिन लगभग 21.2 प्रतिशत होता। ऑपरेटिंग मार्जिन उस प्रॉफिट को दर्शाता है जो कंपनी अपनी मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों से कमा रही होती है, जिसमें कर्मचारियों की सैलरी और अन्य उत्पादन खर्च शामिल होते हैं। यह मार्जिन कंपनी की आर्थिक मजबूती का अहम संकेत होता है।

नया लेबर कोड और IT सेक्टर के लिए बदलाव

नवंबर 2025 में लागू हुए नए लेबर कोड ने भारत के श्रमिकों के लिए कई सुधार लेकर आए हैं। इस नए कानून के तहत 29 पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए श्रम सुधार कानून लागू किए गए हैं। इन सुधारों ने कर्मचारियों की बेहतर सैलरी, सामाजिक सुरक्षा और कार्य के बेहतर वेलफेयर की नींव रखी है। खासतौर पर IT और ITes सेक्टर के लिए नए नियमों में अपॉइंटमेंट लेटर देना, बेसिक सैलरी बढ़ाना, काम के घंटे के आधार पर गारंटीड सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट देना अनिवार्य कर दिया गया है। महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की सुविधा भी दी गई है ताकि वे बेहतर कमाई कर सकें।

भविष्य में मुनाफे पर नए कोड का प्रभाव और कंपनी की तैयारी

तीनों बड़ी IT कंपनियों ने यह माना है कि नए लेबर कोड का आने वाले क्वार्टर में उनके ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर काफी कम होगा। कंपनी प्रबंधन का अनुमान है कि इस बदलाव से लगभग 10 से 20 बेसिस पॉइंट्स (bps) का असर हो सकता है। यह बदलाव लंबे समय में श्रमिकों के हित में होंगे और इससे कंपनी की कार्यशैली भी प्रभावित होगी। कंपनियां नई श्रम नीतियों के अनुरूप अपनी रणनीतियां बना रही हैं ताकि वे इन बदलावों के बावजूद अपने आर्थिक प्रदर्शन को मजबूत बनाए रखें। नए लेबर कोड से IT सेक्टर में पारदर्शिता और श्रमिक सुरक्षा बढ़ेगी, जो अंततः उद्योग के स्थायी विकास के लिए लाभकारी होगा।

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