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NCB investigation: मेथ की सबसे बड़ी खेप पकड़ी गई! NCB के छापे में महिला भी गिरफ्तार—कहानी में नया ट्विस्ट
NCB investigation: दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े सिंथेटिक ड्रग रैकेट का पर्दाफाश नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बार फिर कर दिया है। नोएडा से गिरफ्तार किए गए 25 वर्षीय शेन वारिस से पूछताछ में ऐसे खुलासे हुए, जिनकी मदद से एजेंसी ने 328.54 किलो मेथामफेटामिन बरामद कर लिया—जो अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है। इस मामले में एक महिला आरोपी को भी पकड़ा गया है। एनसीबी के अनुसार, मामला अभी शुरुआती चरण में है और सप्लाई चैन से लेकर विदेशी कनेक्शन तक, कई पहलुओं पर गहराई से जांच की जा रही है।
महिला आरोपी एस्टर किनिमी भी गिरफ्त में
एनसीबी ने बताया कि जिस स्थान से भारी मात्रा में मेथामफेटामिन बरामद किया गया, वह महिला आरोपी एस्टर किनिमी का अपार्टमेंट था, जो नागालैंड की रहने वाली है। एजेंसी को शक है कि उसके इस नेटवर्क से गहरे संबंध हैं। वही दूसरी ओर, शेन वारिस मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के मंगरौली गांव का रहने वाला है और नोएडा के सेक्टर 5, हरौला में रह रहा था। वह खुद को एक कंपनी में सेल्स मैनेजर बताता था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने “बॉस” के कहने पर फर्जी सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड ऐप्स—जैसे व्हाट्सऐप और ज़ैंगी—का इस्तेमाल करता था ताकि नेटवर्क की गतिविधियां छिपी रहें।
गुरुवार को शेन की गिरफ्तारी, छापेमारी में मिली बड़ी सफलता
एनसीबी की जांच में जब शेन का नाम सामने आया, तो उसे 20 नवंबर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने नेटवर्क के कई रहस्यों का खुलासा किया और बताया कि एस्टर किनिमी ने पहले भी उसके जरिए ड्रग्स की सप्लाई करवाई थी। शेन की दी गई जानकारी के आधार पर एनसीबी ने गुरुवार रात छतरपुर एन्क्लेव फेज-2 में छापा मारा। यहां से 328.54 किलो मेथामफेटामिन बरामद हुआ, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत अरबों रुपए बताई जा रही है। यह बरामदगी अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
अमित शाह का बयान और विदेशी कनेक्शन का खुलासा
इस बड़ी कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सरकार ड्रग कार्टेलों को जड़ से खत्म करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। 328 किलो मेथ की जब्ती को “मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन” का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए उन्होंने एनसीबी और दिल्ली पुलिस की टीम को बधाई दी। एनसीबी की जांच में सामने आया है कि शेन इस नेटवर्क का अहम हिस्सा था, और उसके “बॉस” विदेश में बैठे ऑपरेटर थे, जो कोडवर्ड और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए निर्देश भेजते थे। शेन से मिले इनपुट के बाद कई और सदस्यों की पहचान की जा चुकी है। रूट, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और फंडिंग चैनल से जुड़े कई अहम लिंक भी सामने आए हैं, जिससे आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगियां हो सकती हैं।