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Mutual Fund Schemes: छोटी SIP से करोड़ों की पूंजी बनाने वाली स्कीम! इस म्यूचुअल फंड स्कीम ने कर दिया निवेशकों को मालामाल
Mutual Fund Schemes: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर भारी टैरिफ लगाने के फैसले ने इस गिरावट को और भी भयावह बना दिया है। सेंसेक्स 81,000 के नीचे और निफ्टी 24,500 के आसपास पहुंच चुका है। ऐसे माहौल में निवेशकों के म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो भी प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन इसी गिरावट के बीच एक म्यूचुअल फंड स्कीम निवेशकों के लिए राहत और प्रेरणा बनकर सामने आई है।
10,000 रुपये की SIP ने बनाए 21.50 करोड़ रुपये
हम बात कर रहे हैं HDFC Flexi Cap Fund की, जो देश का दूसरा सबसे बड़ा फ्लेक्सी कैप फंड है। जनवरी 1995 में शुरू हुई इस स्कीम ने SIP के जरिए निवेश करने वालों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। यदि किसी निवेशक ने इस फंड में हर महीने ₹10,000 की SIP की होती, तो 31 साल में उनकी कुल पूंजी ₹21.50 करोड़ हो गई होती। यह आंकड़ा दिखाता है कि लंबी अवधि में संयम और अनुशासन के साथ किया गया निवेश कितना फलदायी हो सकता है।
5 और 10 साल में भी शानदार रिटर्न
इस फंड ने न केवल लंबे समय में, बल्कि मध्यम अवधि में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यदि किसी निवेशक ने 10 साल पहले इस फंड में SIP शुरू की होती, तो उसकी कुल पूंजी अब ₹31.84 लाख हो चुकी होती, जिसमें XIRR 18.78% रहा है। वहीं, पिछले 5 वर्षों में इसी फंड में ₹10,000 की SIP करने पर निवेशक को ₹10.42 लाख मिलते, जो कि 22.91% XIRR दर्शाता है।
एकमुश्त निवेश पर भी शानदार कमाई
HDFC Flexi Cap Fund ने SIP के साथ-साथ लंप सम निवेश करने वालों को भी निराश नहीं किया है। यदि किसी ने इस फंड में शुरुआत में ₹1 लाख का निवेश किया होता, तो अब वह ₹1.96 करोड़ हो गया होता, जो 18.83% CAGR दर्शाता है। पिछले 10 साल में ₹1 लाख का निवेश ₹4.01 लाख, 5 साल में ₹3.49 लाख और 3 साल में ₹1.85 लाख हो गया है।
निवेशकों के लिए प्रेरणादायक मॉडल
HDFC Flexi Cap Fund को वैल्यू रिसर्च और मॉर्निंगस्टार से 5-स्टार रेटिंग मिली है, जो इसके प्रदर्शन की पुष्टि करती है। ऐसे समय में जब बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, यह फंड एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे लंबी अवधि का सोच और अनुशासित निवेश व्यक्ति को आर्थिक स्वतंत्रता दिला सकता है। यह उन निवेशकों के लिए भी प्रेरणा है जो बाजार की गिरावट से घबराकर निवेश से दूरी बना लेते हैं।