टेक्नॉलॉजी
Meta: क्या Meta को व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम से हाथ धोना पड़ेगा? जानिए एफटीसी के फैसले से क्या होगा असर
Meta: करीब एक दशक पहले मेटा ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप को खरीदा था लेकिन अब यही सौदा मेटा के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन ने इसे अवैध घोषित कर दिया है और अब इस पर एंटी ट्रस्ट केस की सुनवाई शुरू हो चुकी है।
मार्क जुकरबर्ग की सफाई कोर्ट में
सोमवार को ट्राइब्यूनल कोर्ट में मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह अधिग्रहण यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने और इनोवेशन के मकसद से किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि अब लोग दोस्तों से ज्यादा ग्रुप और इंटरेस्ट वाले कंटेंट में दिलचस्पी ले रहे हैं।
एफटीसी का कड़ा आरोप
एफटीसी के प्रमुख वकील डेनियल मैथेसन ने कोर्ट में कहा कि फेसबुक इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप तीनों मिलकर यूजर्स के लिए कोई विकल्प नहीं छोड़ते हैं। उनका आरोप है कि मेटा ने इन दोनों कंपनियों को सिर्फ इसलिए खरीदा ताकि बाजार में कोई नया प्रतियोगी ना उभर सके।
पुराने ईमेल बने सबूत
एफटीसी ने कोर्ट में 2012 के आंतरिक ईमेल पेश किए और कहा कि फेसबुक ने इंस्टाग्राम को अपने प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने के लिए खरीदा था। इस पर जुकरबर्ग ने जवाब दिया कि उस वक्त नियामकों ने इन डील्स को मंजूरी दी थी और अब इतने साल बाद इसे चुनौती देना ठीक नहीं है।
हो सकता है बड़ा झटका
अगर एफटीसी यह केस जीत जाती है तो मेटा को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप को बंद करना पड़ सकता है। इससे मेटा का कई सालों का इंटीग्रेशन और मुनाफे वाला विज्ञापन मॉडल बुरी तरह प्रभावित होगा। साल 2025 में अकेले इंस्टाग्राम से मेटा को सबसे ज्यादा विज्ञापन राजस्व मिलने की उम्मीद है।