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IndiGo flights में भारी गड़बड़ी! यात्रियों को 610 करोड़ का रिफंड मिला, जानें कब सामान्य होगा पूरा नेटवर्क
IndiGo flights: पूरे देश में इंडिगो की उड़ानों में लगातार हो रही गड़बड़ी के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अब तक प्रभावित यात्रियों को 610 करोड़ रुपए का रिफंड प्रोसेस किया जा चुका है। यह अपडेट ऐसे समय आया है, जब मंगलवार से लेकर लगभग एक हफ्ते तक बड़ी संख्या में इंडिगो की उड़ानें या तो कैंसिल हुई हैं या समय पर नहीं चल रही हैं। यात्रियों को इससे काफी असुविधा का सामना करना पड़ा और एयरलाइन के प्रदर्शन पर सवाल उठाए गए।
इंडिगो ने 95% नेटवर्क बहाल किया
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने शनिवार को कहा कि एयरलाइन ने अपने नेटवर्क का 95 प्रतिशत संचालन बहाल कर लिया है और 10 से 15 दिसंबर के बीच सभी उड़ानें सामान्य रूप से चलने लगेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि रविवार को इंडिगो ने लगभग 1,650 उड़ानें संचालित कीं। एयरलाइन ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि यात्री अपनी यात्रा योजनाओं को बिना अधिक रुकावट के पूरा कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने यात्रियों से धैर्य रखने और असुविधा के लिए माफी मांगी।
एयरलाइन और सीईओ को शो-कॉज नोटिस
इस संकट के बढ़ने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को इंडिगो और उसके सीईओ दोनों को शो-कॉज नोटिस जारी किया। नोटिस में पूछा गया कि प्रबंधन की विफलता के कारण हजारों यात्रियों की यात्रा क्यों प्रभावित हुई और इस असुविधा का जिम्मेदार कौन है। इंडिगो को 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया। मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्देश भी दिए कि सभी लंबित रिफंड 7 दिसंबर की रात 8 बजे तक निपटा दिए जाएं।
यात्री राहत और शुल्क मुक्त व्यवस्था
इंडिगो ने यात्रियों के लिए कई राहत कदमों की घोषणा की है। जिन यात्रियों की उड़ान कैंसिल हुई है, उनका रिफंड ऑटोमेटिक रूप से उसी माध्यम से भेजा जाएगा, जिससे उन्होंने भुगतान किया था। यात्रियों को न तो कोई फॉर्म भरना होगा और न ही अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, 5 से 15 दिसंबर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों से कैंसिलेशन या री-शेड्यूलिंग का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि एयरलाइन किसी भी यात्री से शुल्क वसूलती पाई गई, तो उसके खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की जाएगी। सरकार और इंडिगो दोनों की कोशिश है कि हालात जल्द सामान्य हों, ताकि यात्रियों को आगे किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।