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केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल का बल्ला फाइनल में निराशाजनक, कर्नाटक की शुरुआत खराब

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केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल का बल्ला फाइनल में निराशाजनक, कर्नाटक की शुरुआत खराब

रणजी ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल हुबली के KSCA स्टेडियम में कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच खेला जा रहा है। इस मैच में जम्मू-कश्मीर की टीम फिलहाल काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जम्मू-कश्मीर ने 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। उनके लिए शुभम पुंडीर ने 121 रनों की शानदार पारी खेली। इसके अलावा पांच अन्य बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़े। कर्नाटक की टीम इस चुनौतीपूर्ण स्कोर के जवाब में पहली पारी में संघर्ष करती नजर आई।

केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल का बल्ला फाइनल में रहा फ्लॉप

कर्नाटक की टीम को इस मुकाबले में अपने दो सबसे अनुभवी और इन फॉर्म बल्लेबाज केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल से काफी उम्मीदें थीं। लेकिन पहले पारी में राहुल ने 39 गेंदों में मात्र 13 रन बनाए और पडिक्कल 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। जम्मू के तेज गेंदबाज आकिब नबी और सुनील कुमार ने इन दोनों बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। आकिब नबी ने पहले स्पेल में राहुल और मयंक अग्रवाल को बांधकर रखा और चार ओवर में सिर्फ 4 रन दिए।

केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल का बल्ला फाइनल में निराशाजनक, कर्नाटक की शुरुआत खराब

सेमीफाइनल में राहुल और पडिक्कल ने दिखाई थी दमदार बल्लेबाजी

सेमीफाइनल में उत्तराखंड के खिलाफ केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने शानदार पारी खेली थी। राहुल ने 211 गेंदों में 141 रन बनाए और पडिक्कल ने 330 गेंदों में दोहरा शतक जमाया। उस मैच में राहुल ने 11 चौके और 5 छक्के लगाए जबकि पडिक्कल ने 29 चौके और 3 छक्के जड़े थे। इस फाइनल में उनका बल्ला अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया, जिससे कर्नाटक की शुरुआत बहुत कमजोर रही।

जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों और कर्नाटक के गेंदबाजों का संघर्ष

जम्मू-कश्मीर की टीम ने दो दिनों तक अपनी बल्लेबाजी जारी रखकर 564 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। शुभम पुंडीर की पारी के अलावा टीम के अन्य बल्लेबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। कर्नाटक के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। अब कर्नाटक की टीम इस विशाल लक्ष्य को पार करने के लिए बड़ी लड़ाई लड़ रही है। फाइनल का यह मुकाबला दर्शकों के लिए रोमांचक और तनावपूर्ण बना हुआ है।

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IPL 2026 से पहले श्रीलंका बोर्ड ने खिलाड़ियों को NOC देने से पहले फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया

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IPL 2026 से पहले श्रीलंका बोर्ड ने खिलाड़ियों को NOC देने से पहले फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया

आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है। इस सीजन में कई अनुभवी श्रीलंकाई खिलाड़ी भी अपनी टीमों के लिए खेलते नजर आएंगे। हालांकि, आईपीएल शुरू होने से पहले श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने अपने खिलाड़ियों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने से रोक दिया है। बोर्ड का कहना है कि खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। कोलंबो में अगले हफ्ते यह टेस्ट आयोजित किया जाएगा।

फिटनेस टेस्ट पास करना जरूरी

SLC का यह निर्णय खिलाड़ियों की सुरक्षा और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। फिटनेस टेस्ट में पास करने वाले खिलाड़ियों को ही नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिलेगा। कोलकाता नाइट राइडर्स के मथीशा पथिराना, लखनऊ सुपर जायंट्स के वानिंदु हसरंगा, सनराइजर्स हैदराबाद के ईशान मलिंगा और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के नुवान तुषारा इस टेस्ट में शामिल होंगे। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही ये खिलाड़ी आईपीएल के 19वें सीजन में खेल पाएंगे।

IPL 2026 से पहले श्रीलंका बोर्ड ने खिलाड़ियों को NOC देने से पहले फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया

आईपीएल 2026 में खेलेंगे सात श्रीलंकाई खिलाड़ी

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार इस सीजन में कुल सात श्रीलंकाई खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। दिल्ली कैपिटल्स के दुष्मंथा चमीरा और पथुम निसांका, सनराइजर्स हैदराबाद के कामिंदु मेंडिस के अलावा पथिराना, हसरंगा, मलिंगा और तुषारा भी खेलेंगे। SLC ने सोमवार और मंगलवार को खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट करवाने का निर्णय लिया है। इसके बाद ही फ्रेंचाइजियों को यह पता चलेगा कि कौन-कौन खिलाड़ी खेल पाएंगे।

चोट से प्रभावित रहे खिलाड़ी, IPL में उम्मीदें

पथिराना, हसरंगा, मलिंगा और तुषारा हाल ही में समाप्त हुए T20 वर्ल्ड कप में चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। हसरंगा 8 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच के बाद बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण टीम से बाहर हो गए थे। पथिराना ने वर्ल्ड कप के तीन मैच खेले और फिर बाहर हो गए। आईपीएल फ्रेंचाइजियों को उम्मीद है कि SLC इन खिलाड़ियों को खेलने की मंजूरी दे देगा, जिससे फैंस उन्हें मैदान पर देख सकेंगे।

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संजू सैमसन का CSK में जाना राजस्थान रॉयल्स के लिए साबित हुआ बड़ा झटका

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संजू सैमसन का CSK में जाना राजस्थान रॉयल्स के लिए साबित हुआ बड़ा झटका

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19वें सीजन में सभी 10 टीमों के स्क्वाड में बड़े बदलाव तो नहीं दिख रहे हैं, लेकिन इस बार सबसे बड़ी चर्चा संजू सैमसन के चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में जाने को लेकर है। पिछले सीजन तक राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करने वाले संजू सैमसन को इस बार प्लेयर ट्रेडिंग नियमों के तहत राजस्थान रॉयल्स ने CSK को ट्रेड किया। इस ट्रेड के बाद टीम और फैंस दोनों ही प्रभावित हुए हैं।

फाफ डु प्लेसिस ने बताया राजस्थान का बड़ा नुकसान

साउथ अफ्रीकी टीम के दिग्गज खिलाड़ी फाफ डु प्लेसिस ने जियो हॉटस्टार के साथ बातचीत में कहा कि राजस्थान रॉयल्स का नाम सुनते ही संजू सैमसन का चेहरा सामने आता था। उन्होंने कहा कि कई टीमों में ऐसे खिलाड़ी होते हैं जिनका चेहरा टीम की पहचान बन जाता है, जैसे रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली। संजू सैमसन भले ही नई जनरेशन के खिलाड़ी हैं, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के लिए वह फ्रेंचाइजी का मुख्य चेहरा बन चुके थे। उनका जाना टीम के फैंस के लिए झटका है और टीम के लिए लगातार फैन बेस बनाए रखना अब चुनौतीपूर्ण होगा।

संजू सैमसन का CSK में जाना राजस्थान रॉयल्स के लिए साबित हुआ बड़ा झटका

यशस्वी जायसवाल पर बढ़ी जिम्मेदारी

फाफ डु प्लेसिस ने आगे कहा कि संजू सैमसन के जाने के बाद राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे बड़ा दबाव यशस्वी जायसवाल पर रहेगा। संजू के साथ खेलते हुए यशस्वी आसानी से अपना स्वाभाविक खेल खेल पाते थे, लेकिन अब उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी के साथ खेलना होगा। उनके प्रदर्शन पर टीम की जीत-हार सीधे निर्भर करेगी। संजू के जाने के बाद राजस्थान ने रियान पराग को नया कप्तान बनाया है, जो 30 मार्च को गुवाहाटी के मैदान पर CSK के खिलाफ टीम का नेतृत्व करेंगे।

पहला मुकाबला और नई चुनौतियां

आईपीएल के इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स और CSK के बीच पहले मैच पर सभी की नजरें टिकी होंगी। नए कप्तान रियान पराग और युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा कि वे टीम को मजबूती से आगे लेकर जाएं। वहीं संजू सैमसन के लिए भी यह नया अध्याय है, जहां उन्हें CSK की कप्तानी और फैंस की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। इस ट्रेंड और बदलाव ने आईपीएल के इस सीजन को पहले से ज्यादा रोमांचक और अनिश्चित बना दिया है।

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वनडे विश्व कप 2027 अफ्रीका में खेला जाएगा, जानिए कौन सी टीमों की एंट्री पक्की

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वनडे विश्व कप 2027 अफ्रीका में खेला जाएगा, जानिए कौन सी टीमों की एंट्री पक्की

ICC का अगला बड़ा टूर्नामेंट, वनडे विश्व कप 2027, क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। हालांकि कुछ टीमों के नाम तय हो चुके हैं, लेकिन बाकी टीमों का चयन अभी होना बाकी है। टूर्नामेंट अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। आईसीसी ने टूर्नामेंट के लिए पुराने सुपर 6 फॉर्मेट को वापस लाने का फैसला किया है, जिससे मुकाबले और रोमांचक होने की उम्मीद है। टूर्नामेंट अक्टूबर से नवंबर तक खेला जाएगा, जो वहां के मौसम के लिहाज से आदर्श समय माना जाता है।

मेजबानी और टीमों का चयन

साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे आईसीसी के फुल मेंबर हैं, इसलिए उनकी जगह होस्ट होने के नाते सुनिश्चित है। नामीबिया एसोसिएट मेंबर होने के कारण क्वालीफायर खेलकर ही अपनी जगह पक्की कर सकता है। बाकी टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। कुल 14 टीमों को टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिलेगा, जो साल 2003 के बाद पहली बार अफ्रीकी महाद्वीप में होने वाले विश्व कप में सबसे ज्यादा टीमें हैं। इससे टूर्नामेंट और रोमांचक बन जाएगा और नई टीमों को प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।

वनडे विश्व कप 2027 अफ्रीका में खेला जाएगा, जानिए कौन सी टीमों की एंट्री पक्की

फॉर्मेट और सुपर 6 की वापसी

आईसीसी ने इस बार सुपर 6 फॉर्मेट वापस लाया है। 14 टीमों को दो ग्रुप्स में बांटा जाएगा, जिसमें प्रत्येक ग्रुप में सात टीम होंगी। ग्रुप स्टेज में टॉप 3 टीमें सुपर 6 में प्रवेश करेंगी और बाकी आठ टीमों का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा। सुपर 6 राउंड में टॉप 4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जहां नॉकआउट सिस्टम के तहत जीतने वाली टीम फाइनल में जाएगी। इस फॉर्मेट से मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक होंगे, जिससे फैंस के लिए देखने का अनुभव और बढ़ जाएगा।

मैचों के वेन्यू और भारतीय टीम

वनडे विश्व कप के अधिकांश मैच साउथ अफ्रीका में खेले जाएंगे। आठ शहरों में मैचों का आयोजन होगा, जिनमें जोहान्सबर्ग, केपटाउन, डरबन, सेंचुरियन, गकेबरहा, ब्लोमफ़ोन्टेन, ईस्ट लंदन और पार्ल शामिल हैं। जिम्बाब्वे में हरारे स्पोर्ट्स क्लब और नामीबिया के विंडहोक में भी कुछ मैच होंगे। भारतीय टीम के मैच कहां होंगे, इसका खुलासा शेड्यूल जारी होने के बाद होगा। मेजबानी की जिम्मेदारी साझा करने से अफ्रीकी देशों के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभव में भी वृद्धि होगी।

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