देश
Kedarnath Dham: बर्फ के बाद पहली सुबह खुला भगवान का द्वार देश विदेश के फूलों से महका मंदिर और भक्तों के चेहरे पर अद्भुत खुशी
Kedarnath Dham: 2 मई शुक्रवार को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पहले ही दिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद यहां पहुंचे और भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए। उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और कपाट खुलने से पहले ही धाम में पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
सजी मंदिर की अद्भुत छटा और फूलों की वर्षा
इस पावन अवसर पर मंदिर को देश और विदेश से लाए गए 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया। 54 प्रकार के फूलों का उपयोग किया गया जिनमें गुलाब और गेंदे प्रमुख रहे। फूल नेपाल थाईलैंड और श्रीलंका जैसे देशों से मंगवाए गए थे और कोलकाता के खास गांव से मंगाए गए गेंदे जल्दी मुरझाते नहीं हैं।
#WATCH | Uttarakhand: Cultural performances underway at Shri Kedarnath Dham after its portals were opened today for the devotees
CM Pushkar Singh Dhami is also present here on the occasion. pic.twitter.com/6NfrhXQLEB
— ANI (@ANI) May 2, 2025
सेवा में जुटे 150 से ज्यादा स्वयंसेवक
मंदिर की सजावट में 150 से अधिक स्वयंसेवकों ने दिन रात मेहनत की और सभी ने इसे शिव सेवा का सौभाग्य माना। गुजरात के वडोदरा निवासी सृजल व्यास इस टीम का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मंदिर को ऐसे सजाया गया जैसे हम अपने घर को शादी में सजाते हैं।
#WATCH | Uttarakhand: Flower petals being showered on the devotees as portals of Shri Kedarnath Dham opened for the devotees today
CM Pushkar Singh Dhami is also present here on the occasion. pic.twitter.com/9Z4qpnLcqq
— ANI (@ANI) May 2, 2025
गरुड़ बैंड की भक्तिमय धुनें और श्रद्धालुओं की श्रद्धा
जब कपाट खुले तो भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स बैंड ने भक्तिमय धुनें बजाईं। श्रद्धालुओं ने बताया कि यहां पहुंचने में बहुत कठिनाइयां आईं। ट्रेनों के रद्द होने के कारण कुछ को फ्लाइट से आना पड़ा और घोड़ों की कमी के कारण फूलों को ऊपर ले जाना भी मुश्किल था लेकिन सेवा का उत्साह बना रहा।
#WATCH | Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami arrives at Shri Kedarnath Dham ahead of the opening of the portals of the dham pic.twitter.com/uel7EjBhvP
— ANI (@ANI) May 2, 2025
संगम पर होगी भव्य आरती और नंदी की सजावट
बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ विजय थपलियाल ने बताया कि इस बार भक्तों को संगम पर गंगा आरती जैसी भव्य आरती देखने को मिलेगी। यह आरती मंदाकिनी और सरस्वती नदी के संगम पर होगी जिसके लिए तीन दिशाओं से रैम्प बनाए गए हैं। साथ ही नंदी और आदि शंकराचार्य की मूर्तियां भी सजाई गई हैं।
#WATCH | Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami arrives at Shri Kedarnath Dham ahead of the portals' opening of the dham pic.twitter.com/zn7wFaI8XR
— ANI (@ANI) May 2, 2025
देश
MM Naravane Book Controversy: सुनियोजित तरीके से ली गई नरवणे की किताब, अमेरिका और कनाडा में पहले हुई बिक्री
MM Naravane Book Controversy: पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की किताब लीक मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि किताब को सुनियोजित और समन्वित तरीके से रक्षा मंत्रालय की मंजूरी को बाईपास करते हुए लीक किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि किताब का सर्कुलेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुआ और यह कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों में पहले ऑनलाइन बिक चुकी थी। स्पेशल सेल ने इस सिलसिले में क्रिमिनल साजिश की धाराओं में FIR दर्ज की है और जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बढ़ा दिया गया है।
विवाद की वजह और लीक कैसे हुआ
पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ इस विवाद का केंद्र बनी हुई है। जांच में पता चला कि किताब को वैश्विक डिजिटल बाजार में भेजा गया, जबकि रक्षा मंत्रालय से अनिवार्य मंजूरी अभी प्राप्त नहीं हुई थी। मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें यह भी जांच का विषय बनाया गया कि कैसे अप्रकाशित पुस्तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी तक पहुंची। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई साधारण लीक नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित और समन्वित अभियान था।

सुनियोजित और समन्वित लीक का खुलासा
जांच अधिकारियों के अनुसार, नरवणे की किताब का लीक होना एक चोरी या दुर्घटना नहीं था। यह एक “सुनियोजित और समन्वित अभियान” था जिसने रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक मंजूरी प्रक्रिया को दरकिनार किया। जांचकर्ता अब अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया में डिजिटल और वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रहे हैं। ये देश वह स्थान हैं जहां आधिकारिक मंजूरी से पहले ही किताब ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई थी। यह लीक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और गोपनीयता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
अंतरराष्ट्रीय जांच और भविष्य की कार्रवाई
स्पेशल सेल की जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल गई है। अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया में डिजिटल मार्केट और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। यह जांच यह भी स्पष्ट करेगी कि किताब किसने, कैसे और कब ऑनलाइन उपलब्ध कराई। इसके साथ ही भारत में भी आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत जांच जारी है। अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यह मामला केवल लीक का नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील सामग्री के दुरुपयोग से जुड़ा है। भविष्य में इस मामले में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
देश
Himanta Biswa Sarma वीडियो विवाद में फंसे, FIR न होने पर विपक्ष ने कोर्ट में मामला दायर किया
असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और CPI ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और उनसे कार्रवाई की मांग की है। वरिष्ठ वकील निज़ाम पासा, जो याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ने मामले की जल्दी सुनवाई की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आते हैं, चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ाई में बदल जाता है।
तुरंत हस्तक्षेप की मांग
याचिकाकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस के समक्ष कहा, “हम इस कोर्ट से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। असम के वर्तमान मुख्यमंत्री के कुछ बेहद परेशान करने वाले भाषण सामने आए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट हुआ है जिसमें वह एक विशेष समुदाय के लोगों पर गोली चलाते दिख रहे हैं। इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लेकिन अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।” इस मांग पर CJI ने कहा कि वह मामले पर विचार करेंगे और सुनवाई की तारीख निर्धारित करेंगे।

हिमंता बिस्वा शर्मा के विवादित बयान
Himanta Biswa Sarma के हालिया बयान पूरे राज्य में हलचल पैदा कर चुके हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने कांग्रेस पार्टी को ‘बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थक’ कहा और पूछा कि क्या पार्टी असम के लोगों के साथ है या “मियाँ” समुदाय के साथ। एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान गोलाघाट में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह असमिया लोगों के साथ है या मियाँ समुदाय के साथ। मियाँ शब्द मुख्यतः असम में बंगाली भाषी मुस्लिम समुदाय के लिए इस्तेमाल किया जाता है। गैर-बंगाली भाषी लोग आमतौर पर इन्हें बांग्लादेशी घुसपैठी मानते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि मियाँ लोग पहले असम के पश्चिमी हिस्सों जैसे बारपेटा और ढुबरी में बसे थे, लेकिन अब वे डूलियाजन और मार्गेरिटा जैसे शहरों तक फैल चुके हैं।
वीडियो को लेकर विवाद
हिमंता बिस्वा शर्मा एक वीडियो को लेकर भी विवाद में फंस गए हैं। असम BJP इकाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें alleged तौर पर शर्मा को राइफल लेकर दो लोगों की ओर निशाना साधते और फायर करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में एक व्यक्ति टोपी पहने हुए है और दूसरे के दाढ़ी है, और कैप्शन में लिखा है “Point Blank Shot।” इस वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में और सोशल मीडिया पर चर्चा और आलोचना की लहर पैदा कर दी है। इसके चलते भाजपा और विपक्षी दलों के बीच गर्मागरम बहस शुरू हो गई है और सुप्रीम कोर्ट से मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है।
देश
संसद में बड़ा सियासी भूचाल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी
ओम बिरला: बजट सत्र की शुरुआत से ही संसद का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लगभग हर दिन लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ती रही, जिसके चलते स्पीकर ओम बिरला को कई बार सदन स्थगित करना पड़ा। विपक्षी दलों का आरोप है कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्ता पक्ष को प्राथमिकता मिल रही है। इसी मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और अब यह टकराव एक बड़े राजनीतिक कदम की ओर बढ़ता दिख रहा है।
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आज लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कई विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पहुंचे, जहां इस मुद्दे पर अहम बैठक हुई। इस बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों ने मौजूदा संसदीय हालात और स्पीकर की भूमिका पर चर्चा की। विपक्ष का मानना है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष रूप से नहीं चलाई जा रही और यही वजह है कि अब संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाने का विकल्प चुना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कदम से संसद की राजनीति और ज्यादा गरमा सकती है।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव चरम पर
बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव इस कदर बढ़ गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब भी पूरा नहीं दे सके। विपक्ष खासकर कांग्रेस की महिला सांसदों ने सदन में जोरदार विरोध किया और प्रधानमंत्री की सीट के पास तक पहुंच गईं। इस कारण प्रधानमंत्री को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा। स्पीकर की ओर से विपक्ष को शांत करने और सदन की गरिमा बनाए रखने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। इसी दौरान सदन के कामकाज में बाधा डालने के आरोप में विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया, जिसे लेकर विपक्ष और अधिक आक्रामक हो गया।
राहुल गांधी, निलंबन और नोटिस की रणनीति
विपक्ष की नाराजगी का एक बड़ा कारण राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने न दिए जाने का मुद्दा भी है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की एक अप्रकाशित पुस्तक के अंश पढ़ते हुए चीन और लद्दाख से जुड़े मसले उठाए थे। चेयर की ओर से यह कहा गया कि किसी अप्रकाशित पुस्तक के अंश पढ़ना संसदीय नियमों के खिलाफ है, जिसके बाद भारी हंगामा हुआ। विपक्ष लगातार राहुल गांधी को बोलने देने और निलंबित किए गए आठ सांसदों की बहाली की मांग कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि लगभग सभी विपक्षी दल स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सहमत हो चुके हैं और जल्द ही लोकसभा महासचिव को इसका औपचारिक नोटिस सौंपा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह मौजूदा संसद सत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम साबित हो सकता है।
-
Fashion9 years ago
These ’90s fashion trends are making a comeback in 2017
-
Fashion9 years ago
According to Dior Couture, this taboo fashion accessory is back
-
मनोरंजन9 years ago
The old and New Edition cast comes together to perform
-
Sports9 years ago
Steph Curry finally got the contract he deserves from the Warriors
-
Sports9 years ago
Phillies’ Aaron Altherr makes mind-boggling barehanded play
-
मनोरंजन9 years ago
Disney’s live-action Aladdin finally finds its stars
-
Business9 years ago
Uber and Lyft are finally available in all of New York State
-
मनोरंजन9 months agoKajra re Song: अमिताभ बच्चन ने किया था कजरा रे से इनकार! जानिए कैसे डायरेक्टर शाद अली ने मनाकर बदला उनका फैसला
