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फिल्मों की रानी से संसद की नेता बनी Kangana Ranaut, जानिए कैसे रची सफलता की नई कहानी
Kangana Ranaut का जन्म हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हुआ था। एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखने वाली कंगना के दादा IAS अधिकारी और पिता एक व्यवसायी थे। लेकिन कंगना का सपना कुछ और ही था — बॉलीवुड की चमकती दुनिया में नाम कमाना। छोटी उम्र से ही अभिनय और ग्लैमर की दुनिया ने उन्हें आकर्षित किया। उन्होंने 15 साल की उम्र में DAV स्कूल से पढ़ाई करते हुए मॉडलिंग में कदम रखा और फिर अपना सपना पूरा करने के लिए मुंबई का रुख किया।
ऑडिशन और असफलताओं से मिली सीख
मुंबई आने के बाद कंगना ने खुद को पूरी तरह फिल्मों और फैशन की दुनिया में झोंक दिया। उन्होंने तमाम ऑडिशन दिए, कई बार रिजेक्शन झेला, लेकिन कभी हार नहीं मानी। 19 साल की उम्र में उन्हें पहली बड़ी सफलता मिली जब एक पार्टी में उनकी मुलाकात फिल्म निर्देशक अनुराग बसु से हुई। अनुराग बसु ने उन्हें अपनी फिल्म गैंगस्टर में लीड रोल दिया और यहीं से कंगना का बॉलीवुड सफर शुरू हुआ। इस फिल्म से उन्हें पहचान मिली और अभिनय की दुनिया में उनकी साख मजबूत हुई।
अनुराग बसु बने भाग्यविधाता
गैंगस्टर के बाद कंगना रनौत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अनुराग बसु ने उन्हें फिर से अपनी फिल्म लाइफ इन अ मेट्रो में मौका दिया। इसके बाद कंगना ने ‘फैशन’, ‘राज़’, ‘काइट्स’, ‘नॉक आउट’ जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय कर दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। हर फिल्म में उन्होंने एक नया किरदार निभाकर साबित किया कि वे सिर्फ एक सुंदर चेहरा नहीं, बल्कि एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से खुद को बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों की सूची में शामिल कर लिया।
बॉक्स ऑफिस की क्वीन बनी कंगना
कंगना रनौत ने ऐसी कई फिल्में कीं जो केवल उनके दम पर सुपरहिट हुईं। ‘क्वीन’ और ‘तनु वेड्स मनु’ जैसी फिल्मों में उन्होंने जो अभिनय किया, उसने ना सिर्फ क्रिटिक्स का दिल जीता बल्कि आम दर्शकों को भी उनका दीवाना बना दिया। खास बात यह रही कि इन फिल्मों में कोई बड़ा हीरो नहीं था, फिर भी कंगना की उपस्थिति ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया। ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ में उन्होंने डबल रोल निभाकर अपने अभिनय की गहराई को और मजबूत किया।
अब संसद में भी बज रहा है कंगना का डंका
अब कंगना रनौत सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक सांसद भी बन चुकी हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर हिमाचल की मंडी सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। यह जीत न सिर्फ उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत है बल्कि यह दर्शाती है कि कंगना एक बहुआयामी व्यक्तित्व वाली महिला हैं, जो अपने दम पर कोई भी मुकाम हासिल कर सकती हैं।