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Kamal Haasan: राज्यसभा में अभिनेता कमल हासन का धमाकेदार प्रवेश! राज्यसभा में क्या दिखेगा नया राजनीतिक रंग?
Kamal Haasan: दक्षिण भारत के मशहूर अभिनेता और राजनेता कमल हासन अब राज्यसभा में कदम रखने की तैयारी में हैं। तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी डीएमके ने बुधवार को घोषणा की कि वह राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में चार सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी ने साफ किया है कि एक सीट कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम को दी गई है। राज्यसभा के यह चुनाव 19 जून को होंगे।
डीएमके ने घोषित किए अपने तीन उम्मीदवार
डीएमके ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने तीन उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने सीनियर एडवोकेट पी विल्सन को फिर से नामित किया है। इसके अलावा पार्टी नेता एसआर शिवलिंगम और कवियत्री रुकीय्या मलिक उर्फ कविन्यार सलमा को भी उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि तमिलनाडु से छह राज्यसभा सांसद 24 जुलाई 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं जिनमें पीएमके के अंबुमणि रामदास और एमडीएमके के प्रमुख वैको भी शामिल हैं।
#WATCH | Chennai, Tamil Nadu: Makkal Needhi Maiam (MNM) leader Murali Appas says "We have passed a resolution to elect Kamal Haasan as a Rajya Sabha member from Makkal Needhi Maiam party." pic.twitter.com/k6vmGVK0k0
— ANI (@ANI) May 28, 2025
कैसा है चुनावी गणित
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने बताया कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले हुए समझौते के तहत कमल हासन की पार्टी को राज्यसभा की एक सीट दी गई है। विधानसभा में डीएमके और उसके सहयोगियों के नंबरों के बल पर पार्टी छह में से चार सीटें जीत सकती है। वहीं विपक्षी एआईएडीएमके भाजपा और अन्य सहयोगियों की मदद से दो सीटें जीत सकती है।
कमल हासन की पार्टी का बड़ा बयान
कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम ने भी इशारा किया है कि अभिनेता अब संसद की ऊपरी सदन यानी राज्यसभा का हिस्सा बन सकते हैं। पार्टी नेता मुरली अप्पास ने कहा कि हमने मक्कल निधि मय्यम पार्टी की तरफ से कमल हासन को राज्यसभा सदस्य के रूप में चुनने का प्रस्ताव पारित किया है। इससे साफ है कि कमल हासन की दिल्ली की राजनीति में एंट्री अब करीब है।
राज्यसभा में अभिनेता से नेता बनने का सफर
कमल हासन के लिए यह मौका बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं लेकिन अब तक संसद का हिस्सा नहीं बने थे। राज्यसभा में उनकी एंट्री से न केवल उनकी पार्टी को पहचान मिलेगी बल्कि डीएमके के साथ गठबंधन को भी मजबूती मिलेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि वह संसद में अपनी उपस्थिति से क्या नया रंग भरते हैं।