भारतीय तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah ने 2025 के अंत में एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। उन्होंने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज ने पहले नहीं किया था। हालांकि 2025 भारतीय क्रिकेट के लिए टीम और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से पूरी तरह से उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, लेकिन बुमराह ने आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में इतिहास रचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने लगातार प्रदर्शन कर भारत के तेज गेंदबाजी के मानक को और ऊंचा किया।
दो साल लगातार नंबर वन बनने का अनोखा रिकॉर्ड
ICC टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग के अनुसार, बुमराह ने 2025 का अंत दुनिया के नंबर एक गेंदबाज के रूप में किया। इस उपलब्धि के साथ, वह पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन गए हैं, जो लगातार दो साल तक टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बने रहे। इससे पहले यह रिकॉर्ड केवल अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के नाम था, जिन्होंने 2015 और 2016 में लगातार दो साल टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था। महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी भी 1973 तक शीर्ष स्थान पर रहे थे। बुमराह की खास बात यह है कि वह तेज गेंदबाज हैं, इसलिए यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
2025 में बुमराह का प्रदर्शन
आंकड़ों की बात करें तो बुमराह ने 2025 में 8 टेस्ट मैचों की 14 पारियों में 31 विकेट लिए, और उनका औसत शानदार 22.16 रहा। इस दौरान उन्होंने तीन बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया, जो उनकी विश्वस्तरीय गेंदबाजी क्षमता का प्रमाण है। लगातार दो साल दुनिया के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज बने रहना न केवल बुमराह की प्रतिभा को दर्शाता है, बल्कि भारतीय तेज गेंदबाजी की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा को भी उजागर करता है।
तीनों प्रारूपों में बुमराह की रैंकिंग
हालांकि Jasprit Bumrah टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन हैं और उनका रेटिंग 879 है, लेकिन वनडे में वह शीर्ष 100 गेंदबाजों में भी शामिल नहीं हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि बुमराह ने पिछले दो सालों में कोई वनडे मैच नहीं खेला। उनका अंतिम वनडे मैच 2023 में अहमदाबाद में हुए वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था, जिसमें भारत को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की रैंकिंग में बुमराह वर्तमान में 18वें स्थान पर हैं। इस तथ्य से यह स्पष्ट होता है कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट में कितने प्रभावशाली हैं और भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान किस कदर अहम है।