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Ishan kishan and mohammad abbas viral video: पाकिस्तानी खिलाड़ी से गले मिले इशान किशन, खेल भावना या देशभक्ति सोशल मीडिया पर सवाल उठे
Ishan kishan and mohammad abbas viral video: भारतीय क्रिकेटर इशान किशन इस समय इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं। वे नॉटिंघमशायर की ओर से खेल रहे हैं और हाल ही में यॉर्कशायर के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 98 गेंदों में 87 रनों की तेज़ पारी खेली। इस प्रदर्शन ने दर्शकों का ध्यान खींचा लेकिन एक वायरल वीडियो ने अलग ही बहस छेड़ दी है। इस वीडियो में इशान विकेट मिलने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाज मोहम्मद अब्बास को गले लगाते नजर आते हैं।
वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय, पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर सवाल
मैच के पहले दिन यॉर्कशायर की पारी की शुरुआत में ही मोहम्मद अब्बास ने पहले ही गेंद पर बल्लेबाज एडम लाइथ को आउट किया। विकेट के पीछे कीपिंग कर रहे इशान किशन ने कैच लपका और विकेट गिरते ही वह अब्बास को गले लगाते नजर आए। यह दृश्य खेल भावना की मिसाल था लेकिन सोशल मीडिया पर इसे भारत-पाक संबंधों के चश्मे से देखा गया।
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भारत-पाक क्रिकेट संबंधों पर फिर उठा विवाद
भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज पिछले कई सालों से नहीं हो रही है। मुंबई आतंकी हमले के बाद से आईपीएल में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों की एंट्री बंद कर दी गई थी। अब जब एक भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी क्रिकेटर के साथ मैदान पर गले मिलता है तो कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आता। हालांकि, यह एक काउंटी मैच है जहां दोनों खिलाड़ी एक ही टीम से खेल रहे हैं।
इशान किशन का करियर और वर्तमान स्थिति
इशान किशन को पिछले साल BCCI की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया था लेकिन इस बार उन्हें सी श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने भारत के लिए 2 टेस्ट, 27 वनडे और 32 टी20 मुकाबले खेले हैं। इशान ने वनडे में दोहरा शतक भी जड़ा है जो उनके टैलेंट का सबूत है। इस काउंटी चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और वे फॉर्म में लौटते दिख रहे हैं।
खेल भावना बनाम राजनीति: क्या गलत है गले मिलना?
क्रिकेट सिर्फ एक खेल है लेकिन भारत-पाक रिश्तों के चलते कई बार खिलाड़ी भी आलोचना का शिकार हो जाते हैं। इशान किशन और अब्बास के बीच झप्पी एक सामान्य खेल भावना का उदाहरण थी लेकिन कुछ दर्शकों ने इसे राजनीतिक नजरिए से देखा। क्या खिलाड़ी मैदान पर सिर्फ देश के झंडे के तहत नहीं बल्कि इंसानियत और खेल की भावना के तहत भी एकजुट नहीं हो सकते? यह सवाल अब चर्चा में है।