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क्या Gensol के पीछे छुपा है करोड़ों का घोटाला! अब हर दस्तावेज पर ICAI की नजरें
Gensol : Gensol Engineering Limited और Bluesmart Mobility Private Limited पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और अब इनकी वित्तीय स्थिति की जांच ICAI यानी भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान करेगा। ICAI के अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने बताया कि यह फैसला बुधवार को वित्तीय रिपोर्टिंग समीक्षा बोर्ड यानी FRRB की बैठक में लिया गया। Gensol Engineering पर फंड के गलत इस्तेमाल और कामकाज में खामियों को लेकर पहले से जांच चल रही है।
FRRB की भूमिका और जांच की प्रक्रिया
FRRB कंपनियों के वित्तीय दस्तावेजों की जांच करता है ताकि यह देखा जा सके कि क्या वे अकाउंटिंग और ऑडिटिंग स्टैंडर्ड्स का सही तरीके से पालन कर रहे हैं। यह जांच कंपनियों एक्ट 2013 के सेक्शन दो और तीन की गाइडलाइंस के तहत की जाती है। इसके अलावा FRRB भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देशों और मास्टर सर्कुलरों के अनुपालन की भी समीक्षा करता है।
SEBI की सख्ती और प्रमोटर्स पर बैन
हाल ही में SEBI ने Gensol Engineering के प्रमोटर्स अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी को सिक्योरिटी मार्केट से बैन कर दिया था। उन पर कई नियमों और कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप है। FRRB अब इनके 2023-24 के वित्तीय वर्ष के स्टेटमेंट्स और ऑडिटर रिपोर्ट की जांच करेगा ताकि यह पता चल सके कि कोई अनियमितता तो नहीं की गई।
प्रमोटर्स पर कर्ज के दुरुपयोग का आरोप
Gensol Engineering के प्रमोटर्स पर यह आरोप है कि उन्होंने कंपनी द्वारा लिए गए लोन का उपयोग निजी जरूरतों के लिए किया। यह पैसा कंपनी के काम में न लगाकर व्यक्तिगत कार्यों में खर्च किया गया। अगर वित्तीय दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ी पाई जाती है तो ICAI इसका मामला अनुशासन निदेशक और अन्य संबंधित रेगुलेटरी एजेंसियों को भेजेगा।
कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने 21 अप्रैल को कहा था कि वह SEBI के आदेश की समीक्षा के बाद Gensol Engineering पर आगे की कार्रवाई करेगा। मंत्रालय ने साफ किया कि अगर कंपनी के खिलाफ आरोप साबित होते हैं तो कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे कंपनी की साख पर और भी असर पड़ सकता है।