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टेक्नॉलॉजी

कहीं आपका WhatsApp कोई और तो नहीं चला रहा? जानिए पहचानने का तरीका!

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कहीं आपका WhatsApp कोई और तो नहीं चला रहा? जानिए पहचानने का तरीका!

WhatsApp दुनिया का सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला मैसेजिंग ऐप है। इस ऐप के माध्यम से कई बार गोपनीय बातचीत भी की जाती है, जिसे अगर कोई गलत व्यक्ति एक्सेस कर ले, तो यह आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि कहीं कोई और गुप्त रूप से आपका WhatsApp अकाउंट तो इस्तेमाल नहीं कर रहा।

WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta का दावा है कि इस ऐप के माध्यम से होने वाली चैट और वीडियो-ऑडियो कॉल पूरी तरह से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती हैं। इसका मतलब है कि इन्हें कोई तीसरा व्यक्ति एक्सेस नहीं कर सकता। हालांकि, अगर कोई आपके WhatsApp अकाउंट की जानकारी हासिल कर ले, तो वह इसका दुरुपयोग कर सकता है।

कैसे पता करें कि कोई और आपका WhatsApp इस्तेमाल कर रहा है?

अगर आपको संदेह है कि कोई और गुप्त रूप से आपके WhatsApp अकाउंट का उपयोग कर रहा है, तो आपको इसके लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप को इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है। WhatsApp में ही एक ऐसा फीचर मौजूद है, जिससे आप यह पता लगा सकते हैं कि आपका अकाउंट किसी अन्य डिवाइस पर लॉगिन तो नहीं है।

इसके लिए WhatsApp को अपडेट करना जरूरी है। कुछ समय पहले, Meta ने WhatsApp में “Linked Devices” नामक फीचर जोड़ा है। इस फीचर के माध्यम से आप उन सभी डिवाइसेज़ की सूची देख सकते हैं, जो आपके WhatsApp अकाउंट से जुड़े हुए हैं।

अगर आपको कोई ऐसा डिवाइस दिखता है, जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है, तो आप इसे तुरंत हटा सकते हैं।

Linked Devices फीचर का उपयोग कैसे करें?

WhatsApp में Linked Devices फीचर का उपयोग करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करें:

  1. WhatsApp खोलें: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में WhatsApp ऐप को खोलें।
  2. तीन डॉट्स पर क्लिक करें: होम पेज पर ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट्स (⋮) पर टैप करें।
  3. Linked Devices का चयन करें: यहां आपको “Linked Devices” का विकल्प मिलेगा। इस पर टैप करें।
  4. लिंक किए गए डिवाइसेज़ देखें: अब आपको उन सभी डिवाइसेज़ की सूची दिखाई देगी, जो आपके WhatsApp अकाउंट से जुड़े हुए हैं।
  5. डिवाइस डिटेल्स जांचें: इस सूची में आपको Android, Windows, Browser आदि डिवाइसेज़ के नाम दिखाई देंगे।
  6. अनजान डिवाइस हटाएं: यदि आपको इस सूची में कोई ऐसा डिवाइस दिखता है, जो आपकी जानकारी में नहीं है, तो उसे तुरंत हटा दें।

कहीं आपका WhatsApp कोई और तो नहीं चला रहा? जानिए पहचानने का तरीका!

अनजान डिवाइस को हटाने के लिए क्या करें?

अगर आपको कोई अनजान डिवाइस दिखता है और आप उसे हटाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:

  • जिस डिवाइस को हटाना चाहते हैं, उस पर क्लिक करें
  • अब “Log out” या “Remove Device” का विकल्प मिलेगा, उस पर टैप करें।
  • इसके बाद आपका WhatsApp उस अनजान डिवाइस से लॉगआउट हो जाएगा।

इस तरह से आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि कहीं कोई और आपका WhatsApp इस्तेमाल तो नहीं कर रहा।

WhatsApp अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी टिप्स

अगर आप अपने WhatsApp अकाउंट को अनधिकृत एक्सेस से बचाना चाहते हैं, तो इन सुरक्षा उपायों को अपनाएं:

1. टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करें

WhatsApp में टू-स्टेप वेरिफिकेशन नामक फीचर दिया गया है, जिसे ऑन करने से आपका अकाउंट अधिक सुरक्षित हो जाता है।

  • WhatsApp की Settings में जाएं।
  • Privacy सेक्शन में जाएं और Two-step verification को ऑन करें।
  • यहां आपको एक 6 अंकों का पिन सेट करना होगा, जिसे हर बार लॉगिन करते समय डालना होगा।

2. अनावश्यक लिंक पर क्लिक न करें

अक्सर हैकर्स नकली मैसेज भेजकर लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। यदि आपको कोई अज्ञात लिंक मिले, तो उस पर क्लिक न करें।

3. WhatsApp वेब लॉगिन को समय-समय पर चेक करें

अगर आप WhatsApp Web का उपयोग करते हैं, तो समय-समय पर चेक करें कि कहीं कोई अनजान ब्राउज़र से लॉगिन तो नहीं है।

4. फोन लॉक को सुरक्षित रखें

यदि आपका फोन किसी अन्य व्यक्ति के हाथ लग जाता है, तो वह आपके WhatsApp को एक्सेस कर सकता है। इसलिए फोन में फिंगरप्रिंट लॉक या पिन लॉक जरूर सेट करें।

5. WhatsApp ऐप को नियमित रूप से अपडेट करें

WhatsApp समय-समय पर सिक्योरिटी पैच अपडेट करता रहता है। इसलिए ऐप को हमेशा लेटेस्ट वर्जन में अपडेट रखें, ताकि कोई सिक्योरिटी खामी न रहे।

WhatsApp के मल्टी-डिवाइस फीचर से भी रखें सतर्कता

Meta ने WhatsApp में मल्टी-डिवाइस फीचर जोड़ा है, जिससे एक ही WhatsApp अकाउंट को एक साथ कई डिवाइसेज़ पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, यह सुविधा उपयोगी है, लेकिन यदि किसी और के पास आपकी जानकारी पहुंच गई, तो वह इसे गलत तरीके से इस्तेमाल कर सकता है।

इसलिए समय-समय पर अपने Linked Devices की जांच करें और अनजान डिवाइसेज़ को तुरंत हटा दें।

आज के समय में WhatsApp हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसके माध्यम से निजी और पेशेवर बातचीत की जाती है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी हो जाता है कि कोई और आपके WhatsApp का दुरुपयोग न कर रहा हो।

Linked Devices फीचर की मदद से आप आसानी से यह जांच सकते हैं कि आपका अकाउंट कहीं और तो नहीं खुला हुआ। अगर कोई अनजान डिवाइस दिखाई देता है, तो तुरंत उसे हटा दें और टू-स्टेप वेरिफिकेशन जैसे सुरक्षा उपाय अपनाकर अपने अकाउंट को और भी सुरक्षित बनाएं।

इस तरह से कुछ आसान स्टेप्स को अपनाकर आप अपने WhatsApp अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं और अपने व्यक्तिगत डेटा को चोरी होने से बचा सकते हैं।

Business

क्या Vivo X200T 5G बना पाएगा Motorola को टक्कर? कीमत और कैमरा की पूरी जानकारी

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Vivo X200T 5G: कम कीमत में मिलेगी फ्लैगशिप कैमरा और दमदार परफॉर्मेंस

Vivo X200T 5G आखिरकार आज भारतीय बाजार में दस्तक देने वाला है। यह नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो हाई-क्वालिटी कैमरा और बेहतर परफॉर्मेंस की तलाश में हैं लेकिन बजट को लेकर चिंतित हैं। कंपनी इसे दोपहर 12 बजे लॉन्च करेगी और फोन की बिक्री Flipkart और Vivo की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू होगी।

इस फोन की सबसे बड़ी खासियत है इसका ट्रिपल 50 मेगापिक्सल कैमरा सेटअप। इसमें प्राइमरी कैमरा के साथ 50MP अल्ट्रा वाइड और 50MP सुपर टेलीफोटो सेंसर भी मौजूद हैं, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सेल्फी के लिए फ्रंट में 32MP का कैमरा दिया गया है, जो वीडियो कॉलिंग और सेल्फी दोनों में शानदार प्रदर्शन करता है।

परफॉर्मेंस के लिहाज से Vivo X200T मीडियाटेक का दमदार Dimensity 9400 Plus प्रोसेसर लेकर आता है। यह प्रोसेसर मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिए खासा बेहतर माना जाता है। बैटरी की बात करें तो फोन में 6200mAh की बड़ी क्षमता वाली बैटरी दी गई है, जो 90W फास्ट चार्जिंग और 40W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ लंबे समय तक चलने की गारंटी देती है।

कीमत की बात करें तो टिप्स्टर संजू चौधरी के अनुसार, 12GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत लगभग 59,999 रुपए हो सकती है। वहीं, 12GB/512GB वेरिएंट करीब 69,999 रुपए में उपलब्ध होगा। इसके अलावा चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर 5000 रुपए तक का डिस्काउंट और 2000 रुपए के कूपन की भी सुविधा मिल सकती है।

Vivo X200T की यह कीमत इसे Motorola Signature जैसे प्रतिस्पर्धियों से सीधे मुकाबला करने वाला बनाती है। अब बस इंतजार है लॉन्च के ऑफिशियल रेट और सेल के दिन का, जो आज ही सामने आ जाएगा।

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Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी

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Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी

Microsoft AI Chief: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ दफ्तरों और बड़ी मशीनों तक सीमित नहीं रह गया है. यह धीरे धीरे इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी जगह बना रहा है. Mustafa Suleyman जो Microsoft में AI से जुड़ी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं उनका मानना है कि आने वाले करीब पांच सालों में हर इंसान के पास उसका अपना निजी AI कंपैनियन होगा. यह AI केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इंसान की जरूरतों को गहराई से समझेगा. Suleyman के अनुसार भविष्य का AI एक ऐसा डिजिटल साथी होगा जो इंसान के सोचने के तरीके को पहचानेगा और समय के साथ और ज्यादा समझदार बनता चला जाएगा. यह बदलाव तकनीक को इंसानी अनुभव के और ज्यादा करीब ले जाएगा.

इंसान की तरह समझने वाला AI

Suleyman ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भविष्य का AI सिर्फ आदेश मानने वाली मशीन नहीं होगा. यह यूजर की पसंद नापसंद आदतों और सोच को समझेगा. उनका कहना है कि यह AI वही देखेगा जो यूजर देखता है और वही सुनेगा जो यूजर सुनता है. हालात को भी यह उसी नजरिए से समझेगा जिससे इंसान समझता है. Suleyman के मुताबिक ऐसा AI हमेशा साथ रहने वाले दोस्त जैसा महसूस होगा. यह जिंदगी के बड़े फैसलों में मदद करेगा और मुश्किल समय में सहारा बनेगा. उनका मानना है कि यह तकनीक इंसान और मशीन के रिश्ते को पूरी तरह बदल देगी और AI को ज्यादा भरोसेमंद बनाएगी.

सोशल मीडिया पर तेज बहस

Suleyman के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने इसे भविष्य की सबसे बड़ी क्रांति बताया. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह दावा जरूरत से ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है. कई यूजर्स ने कहा कि वे ऐसा AI चाहते हैं जो खुलकर अपनी बात रख सके और सीमाओं में बंधा न हो. कुछ लोगों को यह भी लगा कि अगर इस बदलाव में पांच साल लगेंगे तो तकनीक की रफ्तार काफी धीमी मानी जाएगी. कई यूजर्स का तो मानना है कि ऐसा AI इससे भी पहले आम लोगों के हाथ में आ सकता है. इस बहस ने यह साफ कर दिया कि AI को लेकर लोगों में उत्सुकता के साथ साथ चिंता भी बराबर मौजूद है.

इंसान केंद्रित AI की सोच

Microsoft से पहले Mustafa Suleyman ने Inflection AI की सह स्थापना की थी जहां उन्होंने Pi नाम का एक खास AI चैटबॉट बनाया था. Pi को भावनात्मक रूप से समझदार AI के रूप में पेश किया गया था. इसका मकसद यूजर्स से सहज बातचीत करना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना था. यह दूसरे AI टूल्स से अलग था क्योंकि इसका फोकस तकनीकी जवाबों से ज्यादा इंसानी संवाद पर था. Suleyman लंबे समय से ऐसे AI की वकालत करते रहे हैं जो इंसानों के हित में काम करे. उनका मानना है कि भविष्य की सुपर एडवांस्ड AI तकनीक मानव मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए. उनके अनुसार AI को आजादी देने से पहले उसमें सही नियंत्रण और सीमाएं तय करना जरूरी है ताकि वह इंसान का भरोसेमंद साथी बन सके.

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Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण

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Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण

टेक्नोलॉजी जगत में एक बार फिर बड़ा विवाद छिड़ गया है। टेस्ला और xAI के संस्थापक Elon Musk ने एप्पल और गूगल के बीच हाल ही में हुई साझेदारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस गठजोड़ को “अनुचित शक्ति का केंद्रीकरण” करार दिया है। यह साझेदारी iPhone के वॉइस असिस्टेंट सिरी में गूगल के AI असिस्टेंट को शामिल करने को लेकर है। मस्क का कहना है कि गूगल पहले से ही एंड्रॉइड और क्रोम जैसी बड़ी प्लेटफॉर्म्स का मालिक है, ऐसे में एप्पल का AI गूगल को सौंपना उसकी ताकत को असहज रूप से बढ़ाएगा। उन्होंने इसे पूरी इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह भी बताया है।

Elon Musk की तीखी प्रतिक्रिया और xAI कंपनी की स्थिति

Elon Musk ने गूगल की इस साझेदारी की घोषणा के बाद X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गूगल के पास पहले से ही कई बड़े प्लेटफॉर्म हैं और एप्पल का AI भी उन्हें देना सही नहीं होगा। इससे टेक्नोलॉजी में एकाधिकार की समस्या और बढ़ेगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि मस्क की अपनी AI कंपनी xAI भी AI के क्षेत्र में सक्रिय है। xAI ने कुछ साल पहले एजेंटिक AI Grok को लॉन्च किया था, जो AI वर्चुअल असिस्टेंट के तौर पर काम करता है। इसी वजह से मस्क के लिए यह गठजोड़ एक प्रतिद्वंद्वी की ताकत को बढ़ाने जैसा लग रहा है।

Grok पर चल रहे विवाद और कानूनी झगड़े

Elon Musk की कंपनी xAI और एप्पल के बीच पहले से ही विवाद जारी है। मस्क ने एप्पल और OpenAI पर मुकदमा दायर किया है जिसमें उन्होंने Apple App Store की नीतियों को Grok के लिए हानिकारक बताया है। वहीं Grok AI को लेकर कई देशों में भी विवाद उठे हैं। इंडोनेशिया और मलेशिया ने Grok को अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट जनरेट करने के आरोप में बैन कर दिया है। भारत और यूरोपीय यूनियन की सरकारों ने भी Grok की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई है। भारत सरकार की IT मंत्रालय ने Grok से हानिकारक कंटेंट हटाने के आदेश जारी किए, जिनका पालन xAI ने किया।

एप्पल-गूगल साझेदारी से iPhone यूजर्स को होंगे फायदे

जहां एक ओर यह साझेदारी विवादों का विषय बनी हुई है, वहीं लाखों iPhone यूजर्स के लिए यह एक बड़ी सुविधा साबित होगी। गूगल जेमिनी AI के सपोर्ट से सिरी पहले से भी ज्यादा स्मार्ट और सक्षम बन जाएगा। यूजर्स अब सिरी के जरिए कई नई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे जैसे कि लाइव ट्रांसलेशन और बेहतर वॉइस कमांड। यह अपडेट iPhone, iPad और एप्पल के अन्य डिवाइसेज में उपलब्ध होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल इस साझेदारी के लिए गूगल को हर साल लगभग 1 बिलियन डॉलर की राशि देगा। इससे दोनों टेक दिग्गजों को अपने AI क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी, लेकिन एलन मस्क जैसे विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ेगी कि कहीं इस गठजोड़ से बाजार में असंतुलन न पैदा हो जाए।

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