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भारतीय Stock Market में गुरुवार को तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

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भारतीय Stock Market में गुरुवार को तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

आज यानी 13 मार्च 2025 को भारतीय Stock Market ने सकारात्मक शुरुआत की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 363 अंकों की बढ़त के साथ 74,392 पर खुला। इसके साथ ही बाजार में शुरुआती व्यापार में भी तेजी देखी गई। शुरुआती व्यापार के दौरान, 30 सेंसेक्स स्टॉक्स में से 15 स्टॉक्स हरे निशान (Green) में और 15 लाल निशान (Red) में दिखाई दिए।

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 0.32 प्रतिशत यानी 71 अंकों की बढ़त के साथ 22,541 पर ट्रेड करता हुआ नजर आया। इस दौरान, निफ्टी के 50 स्टॉक्स में से 38 स्टॉक्स हरे निशान में, 7 लाल निशान में और 5 स्टॉक्स बिना किसी बदलाव के ट्रेड कर रहे थे।

निफ्टी में आई सबसे बड़ी गिरावट: इंफोसिस

इस दिन की सबसे बड़ी गिरावट निफ्टी के प्रमुख स्टॉक्स में से एक इंफोसिस में देखी गई, जो 4.31 प्रतिशत गिरकर नीचे चला गया। इसके अलावा, विप्रो 3.44 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 2.84 प्रतिशत, नेस्ले इंडिया 2.42 प्रतिशत और HCL टेक 1.93 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

वहीं दूसरी ओर, कई प्रमुख स्टॉक्स में बढ़त भी देखने को मिली। इस सूची में इंडसइंड बैंक 4.43 प्रतिशत, टाटा मोटर्स 3.10 प्रतिशत, कोटक बैंक 2.31 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 2.10 प्रतिशत और ITC 1.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

भारतीय Stock Market में गुरुवार को तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त

सेंटरल और सेक्टोरल इंडेक्स में बदलाव

अगर हम सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें, तो निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेस में 1.06 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो 0.77 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 0.68 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.12 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.51 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स 0.13 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्युरेबल्स 0.38 प्रतिशत और निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 0.30 प्रतिशत की गिरावट आई।

वहीं, कुछ सेक्टोरल इंडेक्स में बढ़त भी देखी गई। इनमें निफ्टी बैंक 0.31 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेस 0.28 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.23 प्रतिशत, निफ्टी PSU बैंक 0.11 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.19 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.09 प्रतिशत और निफ्टी मिडस्मॉल IT & Telecom 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ व्यापार कर रहे थे।

भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन: मुख्य बातें

  1. सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी: भारतीय शेयर बाजार ने आज बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की है। सेंसेक्स में 363 अंकों की बढ़त आई, जबकि निफ्टी में 71 अंकों का उछाल देखने को मिला।

  2. सेंसेक्स और निफ्टी के प्रमुख स्टॉक्स में असमान प्रदर्शन: सेंसेक्स और निफ्टी के अधिकांश प्रमुख स्टॉक्स में विविध प्रदर्शन देखने को मिला। जहां कुछ स्टॉक्स में वृद्धि हुई, वहीं कुछ में गिरावट भी आई।

  3. इंफोसिस और विप्रो में गिरावट: इंफोसिस और विप्रो में बड़ी गिरावट देखी गई, जबकि टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक और बजाज फाइनेंस में बढ़त दर्ज की गई।

  4. सेक्टोरल इंडेक्स में मिली-जुली प्रतिक्रिया: निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेस और निफ्टी ऑटो जैसे सेक्टर्स में गिरावट आई, जबकि निफ्टी बैंक और निफ्टी मेटल जैसे सेक्टर्स में बढ़त देखी गई।

आज के बाजार में मिश्रित संकेत मिले हैं, जहां कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई, वहीं दूसरी ओर कई कंपनियों के शेयरों में उछाल भी आया। भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन इस बात को दर्शाता है कि निवेशक सतर्कता के साथ बाजार में ट्रेड कर रहे हैं और संभावित रूप से कुछ स्टॉक्स को फायदा हो सकता है, जबकि कुछ में नुकसान भी हो सकता है।

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शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

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शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

दो दिनों की मजबूत तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और अंततः दिन के अंत तक निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। सेंसेक्स करीब 1,690 अंक टूटकर 73,583 के स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी भी 486 अंक गिरकर 22,819 पर आ गया। इस गिरावट ने बाजार के पूरे सेंटिमेंट को बदल दिया और तेजी का माहौल अचानक कमजोर पड़ गया। निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई और कई लोगों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

लगभग सभी सेक्टर्स में गिरावट मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुक्रवार को बाजार के लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। खासतौर पर PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो, प्राइवेट बैंक, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी करीब 2 प्रतिशत तक की कमजोरी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे जहां मिडकैप इंडेक्स लगभग 2.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.7 प्रतिशत गिर गया। व्यापक स्तर पर हुई इस गिरावट ने संकेत दिया कि बाजार में दबाव केवल कुछ सेक्टर तक सीमित नहीं था बल्कि यह पूरे बाजार में फैला हुआ था।

शेयर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट निवेशकों के लाखों करोड़ों डूबने का खतरा बढ़ा

प्रॉफिट बुकिंग और वैश्विक संकेतों का मिला संयुक्त असर

विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो कारोबारी दिनों में बाजार में लगभग 3.5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली थी जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया। इसी प्रॉफिट बुकिंग का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया और कई प्रमुख शेयरों में तेजी से गिरावट आई। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर भी नकारात्मक संकेतों ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका तथा ईरान के बीच अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी ने भी भारतीय बाजार को प्रभावित किया।

कच्चे तेल की कीमतों से बढ़ी चिंता भविष्य को लेकर अनिश्चितता कायम

कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल के ऊपर बने रहना भी बाजार के लिए चिंता का प्रमुख कारण बना हुआ है। महंगे तेल से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है जिससे कंपनियों की लागत और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसी कारण निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते नजर आ रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बाजार में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है और यह वैश्विक परिस्थितियों तथा कच्चे तेल की कीमतों पर काफी हद तक निर्भर करेगा। यदि अंतरराष्ट्रीय हालात सुधरते हैं और तेल की कीमतों में गिरावट आती है तो बाजार में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

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वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

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वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

निवेशक हमेशा ऐसे स्टॉक्स की तलाश में रहते हैं जिनमें भविष्य में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना हो। इसी कड़ी में पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड कंपनी का शेयर भी चर्चा में है। ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक को कवर करना शुरू किया है और इसे ‘Buy’ कैटेगरी में रखा है। फर्म ने शेयर के लिए 284 रुपये का टारगेट तय किया है, जो मौजूदा कीमत के मुकाबले लगभग 38 प्रतिशत तक की तेजी का संकेत देता है।

वेंचुरा ने शेयर पर जताया भरोसा, अगले 24 महीनों की भविष्यवाणी

वेंचुरा सिक्योरिटीज के अनुसार, पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड आने वाले 24 महीनों में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है। फर्म ने कंपनी की क्षमता और हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए पॉजिटिव राय दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी का ऑपरेटिंग मॉडल लागत के बेहतर उपयोग पर आधारित है, जिससे आने वाले समय में प्रदर्शन में और सुधार देखने को मिल सकता है। इस भरोसे के चलते ब्रोकरेज ने इसे अपनी पसंदीदा शेयरों की लिस्ट में शामिल किया है।

वेंचुरा सिक्योरिटीज ने पार्क मेडी वर्ल्ड को बाय रेटिंग दी, निवेश में 38 फीसदी उछाल की संभावना

कंपनी की रणनीति और प्रदर्शन से निवेशकों को लाभ

पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड लगातार अपनी उत्पादन क्षमता और सेवा विस्तार पर जोर दे रही है। हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ और लागत नियंत्रण के कारण कंपनी भविष्य में और मजबूत हो सकती है। शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन भी सकारात्मक संकेत दे रहा है। 17 दिसंबर 2025 को लिस्ट होने के बाद कंपनी शेयर में लगातार सुधार देखा गया है। पिछले तीन महीनों में 35 प्रतिशत की तेजी और एक महीने में लगभग 7 प्रतिशत की उछाल ने निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक की ओर खींचा है।

शेयर बाजार में कंपनी का हाल और निवेश की संभावनाएं

बीएसई पर बुधवार, 25 मार्च को पार्क मेडी वर्ल्ड के शेयर 2.49 प्रतिशत या 5.10 रुपये गिरकर 200.05 रुपये पर बंद हुए। दिन का इंट्रा-डे हाई 208.05 रुपये रहा। कंपनी का मार्केट कैप 8,640.78 करोड़ रुपये है। निवेशकों के लिए यह स्टॉक खास इसलिए भी है क्योंकि हेल्थकेयर सेक्टर में स्थिर ग्रोथ के साथ कंपनी के शेयर में अगले 24 महीनों में 38 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताई जा रही है। इस लिहाज से यह शेयर निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है।

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अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

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अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

सरकार ने नए आदेश के तहत स्पष्ट किया है कि जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां एलपीजी (LPG) सप्लाई तीन महीने के भीतर बंद कर दी जाएगी यदि उपभोक्ता PNG में स्विच नहीं करते। यह कदम गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और ईंधन विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, विश्वभर में वेस्ट एशिया में युद्ध और आपूर्ति बाधाओं के कारण LPG की कमी बनी हुई है। PNG कनेक्शन सीधे घर तक सप्लाई करता है, जिससे सिलेंडर बुक करने की आवश्यकता खत्म हो जाती है और घरेलू ऊर्जा उपयोग में आसानी आती है।

पेट्रोलियम मंत्रालय का आदेश और नियम

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नेचुरल गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं के निर्माण, संचालन और विस्तार) आदेश, 2026 जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि अगर किसी घर ने PNG कनेक्शन नहीं लिया और यह तकनीकी रूप से संभव है, तो तीन महीने के बाद LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। तकनीकी रूप से कनेक्शन संभव न होने पर उपभोक्ता को नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया जाएगा और LPG सप्लाई जारी रहेगी। आदेश का मकसद पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करना, अनुमोदन प्रक्रिया को सरल बनाना और उपभोक्ताओं को PNG की ओर प्रेरित करना है।

अब PNG में स्विच न करने पर घरों को तीन महीने में LPG सप्लाई बंद कर दिया जाएगा

सरकार का उद्देश्य और ऊर्जा सुरक्षा

सरकार का यह कदम उन क्षेत्रों में LPG आपूर्ति को मुक्त करने के लिए है, जहां PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध है। इसका उद्देश्य LPG को उन क्षेत्रों में स्थानांतरित करना है जहां पाइपलाइन नहीं है। साथ ही यह ईंधन विविधीकरण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास है। तेल सचिव नीरज मित्तल ने कहा, “इस संकट को अवसर में बदला गया है।” अब घरों को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और केवल उन घरों को LPG सिलेंडर सप्लाई मिलेगा, जहां PNG कनेक्शन तकनीकी रूप से उपलब्ध नहीं है।

आदेश में समय सीमा और जिम्मेदारियां

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर के रोलआउट के लिए सार्वजनिक प्राधिकरणों को समयबद्ध अनुमति देनी होगी। आवासीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की अनुमति तीन कार्यदिवसों में और अंतिम मील PNG कनेक्शन 48 घंटे में उपलब्ध कराई जाएगी। पाइपलाइन लगाने में देरी या अनुमति न देने पर अधिकारी नागरिक अदालत के समान शक्तियों के साथ हस्तक्षेप कर सकेंगे। अनुमोदन मिलने के चार महीने के भीतर पाइपलाइन बिछाना अनिवार्य है। PNGRB को इस आदेश के कार्यान्वयन और अनुपालन की निगरानी करने वाला नोडल एजेंसी बनाया गया है।

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