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Indian economy: भारत को मिली बड़ी राहत, खाड़ी देशों की चाल से रुपया बना मजबूत योद्धा
Indian economy: भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते भले ही बहुत नाजुक दौर से गुजर रहे हों लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक खुशखबरी आई है। हाल ही में जारी हुए आर्थिक आंकड़े काफी सकारात्मक हैं। जीएसटी संग्रह, विदेशी निवेश और मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के आंकड़े अच्छे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अब भारत के लिए सबसे बड़ी आर्थिक खबर खाड़ी देशों से आई है। इन देशों ने अपने कच्चे तेल उत्पादन में वृद्धि की घोषणा की है जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इस गिरावट ने भारतीय रुपया को मजबूती दी है और सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया काफी चढ़ा।
रुपये की मजबूती
सोमवार को रुपया 39 पैसे बढ़कर 84.18 पर पहुंच गया। इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों का निरंतर निवेश है। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया।
ओपेक+ का प्रभाव
ओपेक+ ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि वे आगामी महीनों में उत्पादन बढ़ाने वाले हैं। इसके कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस गिरावट से भारतीय तेल आयात बिल में कमी आएगी और रुपया और भी मजबूत हो सकता है।
विदेशी निवेश और रुपये का भविष्य
भारत में विदेशी निवेशकों का निवेश बढ़ रहा है। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2,769.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.98 बिलियन डॉलर बढ़कर 688.12 बिलियन डॉलर हो गया है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।