India vs South Africa: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला गुवाहाटी में खेला जा रहा है, जहां मेहमान दक्षिण अफ्रीकी टीम ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। पहले टेस्ट में जीत हासिल कर बढ़त लेने वाली दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में भी भारत को बैकफुट पर धकेल दिया है। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 489 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जबकि जवाब में भारतीय टीम मात्र 201 रन पर ही सिमट गई। इस तरह मेहमान टीम ने पहली पारी के आधार पर 288 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका ने 260 रन बनाकर पारी घोषित कर दी और भारत के सामने 549 रन का असंभव सा लक्ष्य रख दिया।
अंतिम दिन की चुनौती: भारत को चाहिए 522 रन
चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक टीम इंडिया ने 27 रन पर अपने दो विकेट गंवा दिए थे। कप्तान रोहित शर्मा और एक अन्य बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए, जबकि साई सुदर्शन और नाइटवॉचमैन कुलदीप यादव क्रीज़ पर टिके हुए हैं। भारत को अब भी जीत के लिए 522 रन बनाने की जरूरत है, जो टेस्ट इतिहास में अत्यंत दुर्लभ और लगभग असंभव कार्य माना जाता है। वहीं, दक्षिण अफ्रीकी टीम सिर्फ आठ विकेट से सीरीज में क्लीन स्वीप करने से दूर है। पूरे मैच को देखते हुए भारतीय टीम पर भारी दबाव है और बल्लेबाजों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण प्रदर्शन की आवश्यकता होगी।
टेस्ट क्रिकेट में एक दिन में सबसे ज्यादा रन: 588 का रिकॉर्ड
फैंस के मन में यह सवाल उठ रहा है कि टेस्ट क्रिकेट में एक ही दिन में सबसे ज्यादा कितने रन बने हैं। बता दें कि टेस्ट इतिहास में पांच बार ऐसा हुआ है जब एक दिन में 500 से अधिक रन बने हों। इनमें सबसे बड़ा रिकॉर्ड 1936 में दर्ज हुआ था, जब मैनचेस्टर में भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन कुल 588 रन बने थे। उस दिन इंग्लैंड ने 398 रन बनाए, जबकि भारत ने 190 रन जोड़ते हुए उस समय का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। यह आंकड़ा आज तक कायम है और किसी भी टेस्ट मैच में एक दिन में इससे ज्यादा रन नहीं बने हैं।
भारत की हार तय?—पिच, परिस्थिति और दबाव का असर
गुवाहाटी टेस्ट का चौथा दिन समाप्त होने तक भारत की स्थिति काफी कमजोर दिख रही है। 549 रन के विशाल लक्ष्य के सामने भारतीय बल्लेबाजों को न सिर्फ दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की धार का सामना करना है, बल्कि मानसिक दबाव भी झेलना है। दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी इस सीरीज में बेहद सटीक और आक्रामक रही है, जबकि भारतीय बल्लेबाज बड़े स्कोर खड़े करने में संघर्ष करते नज़र आए हैं। यदि भारत को हार से बचना है, तो उसे अंतिम दिन पूरे सत्रों तक बल्लेबाजी करते हुए ठोस साझेदारियाँ बनानी होंगी। फिलहाल स्थिति को देखते हुए टीम इंडिया एक और बड़ी हार की कगार पर खड़ी है, जबकि दक्षिण अफ्रीका क्लीन स्वीप की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।