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India Post की अंतरराष्ट्रीय सेवाओं पर ब्रेक, सरकार ने बताए 2026 से नए नियम

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नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही India Post की सेवाओं में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सरकार ने 1 जनवरी 2026 से अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाओं से जुड़ी कुछ आउटवर्ड लेटर मेल सेवाओं को बंद करने का फैसला किया है। इस फैसले का सीधा असर उन लोगों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा, जो विदेशों में दस्तावेज़, छोटे पैकेट या अन्य सामग्री भेजने के लिए पारंपरिक डाक सेवाओं का उपयोग करते थे। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य डाक सेवाओं को वैश्विक ई-कॉमर्स मानकों के अनुरूप बनाना, ग्राहकों के अनुभव को बेहतर करना और सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ाना है।

कौन-कौन सी अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं होंगी बंद

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, डाक विभाग ने अंतरराष्ट्रीय लेटर पोस्ट की कुछ सेवाओं को तर्कसंगत (रैशनलाइज) करने का निर्णय लिया है। इसके तहत उन सेवाओं को बंद किया जा रहा है, जिनमें ट्रैकिंग की सुविधा नहीं है या बेहद सीमित है। यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के नए फैसलों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से रजिस्टर्ड स्मॉल पैकेट सेवा को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा समुद्री मार्ग या हवाई मार्ग से विदेशों में सामग्री भेजने वाली स्मॉल पैकेट सेवा और उससे जुड़ी अन्य सेवाएं भी समाप्त होंगी। साथ ही आउटवर्ड पोस्टल आर्टिकल्स के लिए सरफेस लेटर मेल और सरफेस एयर लिफ्टेड लेटर मेल सेवाएं भी अब उपलब्ध नहीं रहेंगी।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

सरकार और डाक विभाग का मानना है कि इन सेवाओं के जरिए भेजे जाने वाले पार्सल और पत्रों में कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही थीं। सबसे बड़ी समस्या ट्रैकिंग की थी, क्योंकि स्मॉल पैकेट जैसी सेवाओं में या तो ट्रैकिंग उपलब्ध नहीं थी या फिर बहुत सीमित जानकारी मिलती थी। इसके कारण ग्राहकों की शिकायतें बढ़ रही थीं। इसके अलावा इन सेवाओं में डिलीवरी का समय काफी लंबा होता था, जिससे अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स के मौजूदा तेज़ और भरोसेमंद मानकों पर ये सेवाएं खरी नहीं उतर पा रही थीं। कई देशों में कस्टम्स और सुरक्षा नियम सख्त हो चुके हैं और वहां की डाक सेवाएं भी ऐसे पैकेट स्वीकार करने से इनकार कर रही थीं।

ग्राहकों और व्यापारियों पर क्या पड़ेगा असर

इन सेवाओं के बंद होने से आम ग्राहकों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और ऑनलाइन विक्रेताओं को भी अपने विकल्प बदलने होंगे। हालांकि डाक विभाग का कहना है कि यह कदम ग्राहकों के हित में है, क्योंकि अब अधिक सुरक्षित, ट्रैकिंग-सक्षम और भरोसेमंद सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट में जवाबदेही बढ़ेगी और पार्सल के गुम होने या देरी की शिकायतें कम होंगी। सरकार का उद्देश्य यह भी है कि भारत की डाक सेवाएं वैश्विक ई-कॉमर्स नेटवर्क के साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकें। आने वाले समय में इंडिया पोस्ट ऐसी सेवाओं पर फोकस करेगा, जो तेज़ डिलीवरी, बेहतर सुरक्षा और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करें, ताकि ग्राहकों का भरोसा और संतुष्टि दोनों बढ़ाई जा सकें।

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