व्यापार

India Oil Import: क्रूड ऑयल की नई सप्लाई लाइन, भारत ने गुयाना से तेल खरीद शुरू किया, टैंकर जनवरी में पहुंचेंगे

Published

on

India Oil Import: अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भारत के लिए क्रूड ऑयल की आपूर्ति एक बड़ी चुनौती बन गई है। अब भारत को तेल खरीदने के लिए दूर-दराज के देशों तक का रुख करना पड़ रहा है। ब्लूमबर्ग के शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, भारत ने हाल ही में गुयाना से क्रूड ऑयल का पहला शिपमेंट मंगाया है। इसके लिए भारतीय टैंकरों को लगभग 11,000 मील (17,700 किलोमीटर) की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, दो बड़े क्रूड कैरियर्स, कोबाल्ट नोवा और ओलंपिक लायन, नवंबर के अंत में गुयाना से रवाना हुए। हर जहाज में लगभग 2 मिलियन बैरल तेल लदा हुआ है, जो जनवरी में भारत पहुंचेगा।

रूस का विकल्प खोज रहा भारत

ट्रैकिंग डेटा से यह भी पता चला है कि 2021 के बाद से गुयाना से भारत के लिए यह पहला क्रूड शिपमेंट है। उस समय भी भारत ने 1 मिलियन बैरल तेल लादकर दो कार्गो मंगाए थे। भारत रोजाना लगभग 1.7 मिलियन बैरल रूसी तेल का आयात करता था। लेकिन पिछले महीने रूस के दो बड़े एक्सपोर्टर, रोसनेफ्ट PJSC और लुकोइल PJSC पर अमेरिकी प्रतिबंधों ने भारतीय रिफाइनरों की चिंता बढ़ा दी। इससे भारत को अब रूस के अलावा अन्य देशों से तेल खरीदने की जरूरत पड़ी। अमेरिका पहले भी रूस से क्रूड ऑयल खरीदने पर भारत पर टैरिफ बढ़ा चुका है।

रूस से मिलने वाला डिस्काउंट अब बंद

भारत दुनिया में क्रूड ऑयल का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार है। पिछले साल भारत ने रूस से 52.7 अरब डॉलर का कच्चा तेल खरीदा था, जो रूस के कुल निर्यात का 37% था। रूस से भारत को विशेष डिस्काउंट रेट पर तेल मिलता था। साल 2022-23 में रूस से तेल पर औसतन 14.1% छूट मिली थी और 2023-24 में यह 10.4% तक रही, जिससे भारत को लगभग 5 अरब डॉलर की बचत हुई। भारत रूस के अलावा इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, नाइजीरिया और अमेरिका से भी क्रूड ऑयल का आयात करता है।

टैंकरों का डेस्टिनेशन और रिफाइनरी विवरण

ओलंपिक लायन गुयाना के गोल्डन एरोहेड क्रूड का कार्गो भारत के पूर्वी तट पर पारादीप भेजा जाएगा, जहां इंडियन ऑयल कॉर्प. की 300,000 बैरल-प्रतिदिन क्षमता वाली रिफाइनरी तेल को प्रोसेस करेगी। यह कार्गो एक्सॉनमोबिल इंक. से अक्टूबर में खरीदा गया था। वहीं, कोबाल्ट नोवा, जिसमें लिजा और यूनिटी गोल्ड ग्रेड का मिश्रित कार्गो है, मुंबई या विशाखापत्तनम में उतारा जाएगा, जहां हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प. की रिफाइनरी इस तेल का उपयोग करेगी। दोनों जहाजों से जनवरी के शुरुआत तक डिलीवरी की उम्मीद है, जो भारत की तेल आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Copyright © 2025 India365 News | All Rights Reserved