India Issued NOTAM: भारत ने 6 से 8 दिसंबर के बीच बे ऑफ बंगाल में मिसाइल परीक्षण की तैयारी के चलते NOTAM जारी किया है। NOTAM का अर्थ है Notice to Airmen, यानी हवाई यात्री या पायलटों को दी जाने वाली सूचना। यह नोटिस तब जारी किया जाता है जब युद्ध, असामान्य परिस्थितियों या सैन्य अभ्यास जैसी घटनाएँ हों। NOTAM का उद्देश्य हवाई यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाना होता है। इसमें किसी हवाई अड्डे, एयरस्पेस या अन्य हवाई सुविधाओं में अस्थायी बदलाव या संभावित खतरों की जानकारी दी जाती है। यह सूचना दूरसंचार माध्यमों के जरिए पायलटों और फ्लाइट ऑपरेटरों तक पहुँचाई जाती है, ताकि वे अपने फ्लाइट प्लान में तुरंत बदलाव कर सकें। इस प्रकार, NOTAM हवाई संचालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लगातार हो रहे मिसाइल परीक्षण
भारत ने पहले भी बे ऑफ बंगाल में मिसाइल परीक्षण के लिए NOTAM जारी किया है। अक्टूबर 15 से 17, 2025 के बीच भी लगभग 1,480 किलोमीटर के क्षेत्र को नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया था। इसके अलावा, 24 और 25 सितंबर को भी एब्दुल कलाम द्वीप से मिसाइल परीक्षण किए गए थे, जिनके लिए NOTAM जारी किया गया था। ये परीक्षण भारतीय सेना की सैन्य क्षमताओं को लगातार बढ़ाने के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। लगातार परीक्षण से यह सुनिश्चित होता है कि भारत की मिसाइल तकनीक आधुनिक मानकों के अनुरूप और विश्वसनीय बनी रहे।
भारत की मिसाइल शक्ति में वृद्धि
पिछले कुछ वर्षों में DRDO ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के विकास में अभूतपूर्व प्रगति की है। इसके परिणामस्वरूप भारत की क्षेत्रीय शक्ति और सैन्य क्षमता मजबूत हुई है। लंबी दूरी की मिसाइलों के परीक्षण न केवल तकनीकी उत्कृष्टता को परखने का अवसर देते हैं, बल्कि रणनीतिक सुरक्षा की दृष्टि से भी अहम होते हैं। ये परीक्षण यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहे और उसकी सामरिक स्थिति मजबूत बनी रहे।
आधुनिक युद्ध में मिसाइल शक्ति का महत्व
आधुनिक युद्ध में मिसाइलों की भूमिका अत्यंत निर्णायक हो गई है। हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने मिसाइलों का इस्तेमाल करके शत्रु के ठिकानों को सटीक रूप से नष्ट किया। इस तरह के हमलों से स्पष्ट होता है कि मिसाइलें न केवल सैन्य श्रेष्ठता का प्रतीक हैं, बल्कि किसी संकट या युद्ध की स्थिति में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। भारत द्वारा किए जा रहे लगातार मिसाइल परीक्षण केवल आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को नया आयाम नहीं देंगे, बल्कि देश की रणनीतिक तैयारी को और मजबूत करेंगे। ऐसे परीक्षण यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार रहे।