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IND vs PAK: अभिषेक शर्मा कोलंबो में टीम के साथ पहुंचे, पाकिस्तान के खिलाफ मैच में वापसी की उम्मीद
IND vs PAK: भारत के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा 13 फरवरी की रात को टीम इंडिया के साथ कोलंबो पहुंच गए हैं। यहां 15 फरवरी को आर प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। अभिषेक शर्मा के खेल पाना उनके फिटनेस पर निर्भर करेगा। दरअसल पेट में इन्फेक्शन के कारण वह नामीबिया के खिलाफ मैच से बाहर थे। टीम के लिए यह अच्छी खबर है कि वह अब कोलंबो में टीम के साथ हैं। रविवार को होने वाले मुकाबले में उनकी वापसी की उम्मीद बढ़ गई है, लेकिन फिटनेस का अंतिम फैसला 14 फरवरी को होना है।
14 फरवरी को होगा अभिषेक का फिटनेस टेस्ट
अभिषेक शर्मा 12 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ भारत के मैच में नहीं खेल पाए थे। उस मैच के दौरान वह टीम के ड्रेसिंग रूम में मौजूद थे। उनकी गैरमौजूदगी में संजू सैमसन ने पारी की शुरुआत की थी। भारत-पाकिस्तान मैच से पहले टीम इंडिया 14 फरवरी की शाम को कोलंबो में 6 बजे ट्रेनिंग करने वाली है। इसी ट्रेनिंग के दौरान अभिषेक शर्मा का फिटनेस टेस्ट होगा। इस टेस्ट के आधार पर ही तय होगा कि वह सलामी बल्लेबाज के रूप में टीम में वापसी करेंगे या नहीं।

अभिषेक शर्मा के माता-पिता भी कोलंबो पहुंचे
इस बीच अभिषेक शर्मा के माता-पिता भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले कोलंबो पहुंच गए हैं। उनके माता-पिता एशिया कप के दौरान दुबई में टीम इंडिया का समर्थन करने आए थे। अभिषेक के फिटनेस टेस्ट की तैयारियों पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। अगर वह फिट नहीं पाए जाते हैं तो टीम इंडिया को संजू सैमसन या ईशान किशन के साथ टॉप ऑर्डर में बदलाव करना पड़ सकता है। इस स्थिति में टीम का विनिंग कॉम्बिनेशन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
संजू सैमसन की शानदार पारी और विकल्प
नामीबिया के खिलाफ मैच में संजू सैमसन ने ईशान किशन के साथ पारी की शुरुआत की थी और 8 बॉल में 22 रन बनाए थे। इसमें उन्होंने 3 छक्के और एक चौका लगाया था। अगर अभिषेक शर्मा फिट नहीं होते हैं तो टीम इंडिया इसी फॉर्म के आधार पर अपने बल्लेबाजी क्रम में कोई बदलाव नहीं करना चाहेगी। इसके अलावा, वॉशिंगटन सुंदर को भी ईशान किशन या रिंकू सिंह के साथ मौका मिल सकता है। टीम के लिए यह स्थिति रणनीतिक रूप से अहम होगी क्योंकि सलामी बल्लेबाजों की फॉर्म और फिटनेस मैच के नतीजे पर सीधा असर डाल सकती है।
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संजू सैमसन की धमाकेदार पारी ने भारत को इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में पहुंचाया
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ रोमांचक मुकाबला खेला। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 253/7 का स्कोर बनाया। इसमें संजू सैमसन ने केवल 42 गेंदों में 8 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 89 रनों की मैच विनिंग पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बाकी बल्लेबाजों की छोटी-छोटी पारियों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में इंग्लैंड ने भी जबरदस्त बैटिंग की लेकिन सात विकेट खोकर केवल 246 रन ही बना सके। इस तरह भारत ने महज 7 रन से करीबी जीत दर्ज कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड में संजू सैमसन की विनम्र प्रतिक्रिया
संजू सैमसन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया। हालांकि उन्होंने खुद को इसके योग्य नहीं माना और कहा कि असली क्रेडिट तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को जाना चाहिए। बुमराह ने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ 33 रन देकर इंग्लैंड के कप्तान हैरू ब्रूक को आउट किया। खासकर 18वें ओवर में सिर्फ 6 रन देना मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। सैमसन ने कहा कि बुमराह के प्रदर्शन ने हमारी जीत सुनिश्चित की और उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने अवॉर्ड पाने के बावजूद बुमराह की तारीफ कर यह साबित किया कि टीम को प्राथमिकता उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर है।

लगातार दूसरे मुकाबले में सैमसन बने प्लेयर ऑफ द मैच
संजू सैमसन ने सेमीफाइनल के बाद कहा कि उन्हें लगातार दूसरी बार प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले मैच से उनकी लय अच्छी थी और उन्होंने इसे जारी रखने की कोशिश की। सैमसन ने अपनी पारी को सोच-समझकर खेला और शुरुआती समय में थोड़ी किस्मत भी उनके साथ रही। उन्होंने बताया कि वानखेड़े में स्कोर का महत्व अधिक है क्योंकि यहां चेज करना आसान होता है। उन्होंने टीम के बैकअप और पार्टनरशिप की भी तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की बैटिंग ने मुकाबले को रोमांचक बनाया और इस जीत का श्रेय पूरी टीम और विशेष रूप से बुमराह को जाता है।
सेंचुरी से चूकने पर सैमसन की सकारात्मक सोच
संजू सैमसन ने सेंचुरी से चूकने के सवाल पर कहा कि यह मायने नहीं रखता। शतक केवल प्रोसेस का हिस्सा होता है और इसमें कभी भी रणनीति बदलना जरूरी नहीं होता। उन्होंने बताया कि टी20 में आक्रामक क्रिकेट खेलना और टीम के लिए योगदान देना ही प्राथमिकता होती है। उन्होंने अपनी टीम की जीत में योगदान देने की खुशी जताई और कहा कि उन्हें जो भी रन मिले, उन्होंने उनका सही उपयोग किया। उनके विचारों और टीम की जीत के प्रति समर्पण ने उन्हें दर्शकों और क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरों में एक जिम्मेदार और समर्पित खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।
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IND vs ENG हेड-टू-हेड रिकॉर्ड और पिच रिपोर्ट से बढ़ा मुंबई सेमीफाइनल का रोमांच
IND vs ENG: T20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड का मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगा। टीम इंडिया, जिसकी कप्तानी सूर्यकुमार यादव कर रहे हैं, सुपर-8 में साउथ अफ्रीका से हार के बाद वापसी करते हुए जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची है। भारतीय टीम जीत की लय को बरकरार रखते हुए इंग्लैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में जगह बनाने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने सुपर-8 में सभी मैच जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। इंग्लिश टीम की योजना भारतीय टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाने की होगी, लेकिन वानखेड़े में भारत को हराना आसान नहीं होगा।
वानखेड़े स्टेडियम की पिच रिपोर्ट
वानखेड़े की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। इस मैदान पर जो टीम अपने ओपनिंग बल्लेबाजों से मजबूत शुरुआत करेगी, उसी टीम के जीतने की संभावना अधिक होगी। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल का फायदा मिल सकता है और ओपनर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मिडल ओवर में पिच थोड़ी रफ हो सकती है, जिससे स्पिनर्स को गेंद घुमाने का बढ़िया मौका मिलेगा। पावरप्ले के दौरान तेज गेंदबाज और मिडल ओवर में स्पिनरों की अहम भूमिका रहेगी। कुल मिलाकर यह पिच हाई-स्कोरिंग मैच के लिए मुफीद है और टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले की संभावना बढ़ा देती है।

ओस का असर और संभावित स्कोर
जैसे-जैसे मैच का अंत होगा, ओस का असर दिखाई दे सकता है, जो गेंदबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगा। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक होगी और मिडल ओवर में स्पिनरों के लिए गेंद को घुमाना महत्वपूर्ण होगा। वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर दोनों टीमों के लिए 200 से अधिक रन का स्कोर करना संभव है। ओपनिंग बल्लेबाजों की स्थिरता और बीच के ओवरों में स्पिनरों का प्रभाव मैच के परिणाम को प्रभावित कर सकता है। इसलिए यह मुकाबला बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए रणनीति का परीक्षण साबित होगा।
भारत और इंग्लैंड का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और इंग्लैंड के बीच यह तीसरा सेमीफाइनल मुकाबला है। 2022 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने भारत को हराया था, जबकि 2024 में टीम इंडिया ने बाजी मारी। गौरतलब है कि पिछले दोनों सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ने अंततः खिताब भी अपने नाम किया। अब तक भारत और इंग्लैंड के बीच 29 T20I मुकाबले हुए हैं, जिसमें भारत को 17 और इंग्लैंड को 12 जीत मिली हैं। यह आंकड़े बताती हैं कि मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धात्मक और रोमांचक रहने वाला है।
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पीवी सिंधू दुबई से सुरक्षित भारत लौटीं, ऑल इंग्लैंड ओपन का सपना अधूरा रह गया
भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधू कुछ दिनों तक दुबई में फंसी रहीं। वह ऑल इंग्लैंड ओपन में हिस्सा लेने बर्मिंघम जा रही थीं कि तभी ईरान पर US और इजरायल के हमले के कारण UAE का एयरस्पेस बंद हो गया। इस वजह से सिंधू 28 फरवरी से दुबई में ही फंसी रहीं। लंबे और अनिश्चित समय के बाद अब वह बैंगलोर में अपने घर सुरक्षित पहुंच गई हैं। अपने लौटने की जानकारी उन्होंने एक्स (X) पर दी और कहा कि यह मुश्किल समय उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा।
दुबई एयरपोर्ट स्टाफ और सुरक्षा टीम को जताया आभार
पीवी सिंधू ने अपनी पोस्ट में दुबई एयरपोर्ट स्टाफ और सुरक्षा टीम का विशेष आभार जताया। उन्होंने लिखा कि ग्राउंड टीम, एयरपोर्ट अथॉरिटी, इमिग्रेशन और हर उस व्यक्ति का धन्यवाद जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में उनकी मदद की। उन्होंने कहा कि उनकी प्रोफेशनलिज्म और मदद शब्दों से कहीं अधिक मायने रखती है। सिंधू ने यह भी बताया कि फिलहाल आराम करना, खुद को रीसेट करना और अगले कदम तय करना उनका मुख्य लक्ष्य है। उनके पोस्ट से यह स्पष्ट हुआ कि इस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत किया है।

ऑल इंग्लैंड ओपन में हिस्सा लेने का सपना टला
दुर्भाग्यवश, इस यात्रा रुकावट के कारण पीवी सिंधू का ऑल इंग्लैंड ओपन में खेलना असंभव हो गया। टूर्नामेंट 3 मार्च से बर्मिंघम में शुरू होना था। हालांकि यह उनके लिए निराशाजनक है, लेकिन उनका सुरक्षित घर लौटना सबसे अहम था। इस घटना के दौरान सिंधू ने दुबई में खराब होते हालात और धमाके की आवाज के बारे में भी जानकारी शेयर की थी। उनके फंसने की खबर ने खेल जगत में भी हलचल मचा दी थी।
लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी पर टिकी निगाहें
पीवी सिंधू के अनुपस्थिति में भारत के अन्य खिलाड़ियों पर निगाहें टिकी हैं। टॉप मेन्स सिंगल्स शटलर लक्ष्य सेन का मुकाबला दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी चीन के शि यूकी से होगा। वहीं युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सामना पहले राउंड में इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से होगा। दोनों खिलाड़ियों ने बिना किसी यात्रा की कठिनाई के बर्मिंघम पहुंचकर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। इस बार भारतीय बैडमिंटन टीम की चुनौती बढ़ गई है, और दर्शक खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए हैं।
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