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IMD Alert: नया साल कड़ाके की ठंड के साथ शुरू, पहाड़ों में बर्फबारी, दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट

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IMD Alert: नया साल कड़ाके की ठंड के साथ शुरू, पहाड़ों में बर्फबारी, दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट

IMD Alert: नए साल की शुरुआत देशभर में कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के साथ हुई है। पहाड़ी राज्यों में आज भी भारी हिमपात की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक शीत लहर (कोल्ड वेव) का असर देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में बर्फबारी होने की संभावना है। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और ठंड और ज्यादा बढ़ेगी। हालांकि, ठंड के इस कहर के बीच पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेते हुए नजर आ रहे हैं और पहाड़ी इलाकों में रौनक बनी हुई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ-साथ घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी कोहरे का असर देखने को मिलेगा।

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

दिल्लीवासियों के लिए आज का दिन ठंड और परेशानी भरा रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 जनवरी को दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। आज राजधानी में ठंडी हवाएं चलने, आसमान में घने बादल छाए रहने और दिनभर धूप न निकलने की संभावना है। इससे ठंड और ज्यादा महसूस होगी। IMD की ओर से फिलहाल 2 जनवरी के लिए ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन 7 जनवरी तक के पूर्वानुमान में बताया गया है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण सुबह और रात के समय लोगों को खासा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी का अलर्ट

नए साल के आगमन के साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में जोरदार बर्फबारी देखने को मिल रही है। जम्मू, उत्तराखंड और हिमाचल की घाटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक चुकी हैं। चंबा, मनाली, भद्रवाह और गुलमर्ग जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पूरी तरह से बर्फ से ढके हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आज भी इन पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। बर्फबारी के कारण जहां एक ओर पर्यटक उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

पंजाब से ओडिशा तक कोहरे का कहर, उत्तराखंड में भी अलर्ट

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 5 से 7 दिनों तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में सुबह और रात के समय बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है। उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में ठंड और कोहरे का दोहरा असर देखने को मिलेगा। कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी शीत लहर का अलर्ट जारी किया गया है, जहां सुबह और रात की ठंड लोगों को खासा परेशान कर सकती है। उत्तराखंड में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान और गिर सकता है। ऐसे में यात्रियों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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सादगी में सजी IPS अंशिका–केके की शादी, हल्दी से जोधपुर रिसेप्शन तक दिखा परंपरा और प्यार का खूबसूरत संगम

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सादगी में सजी IPS अंशिका–केके की शादी, हल्दी से जोधपुर रिसेप्शन तक दिखा परंपरा और प्यार का खूबसूरत संगम

देश के चर्चित आईपीएस अधिकारियों अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई की शादी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। जहां आजकल शादियों में भव्यता और वीआईपी कल्चर हावी रहता है, वहीं इस पावर कपल ने अपनी शादी की शुरुआत बेहद सादगी और पारंपरिक अंदाज में की है।

राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना स्थित केके बिश्नोई के पैतृक घर ‘कृष्ण निवास’ में हल्दी समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान दूल्हे केके बिश्नोई पूरी तरह से एक आम ग्रामीण बेटे की तरह नजर आए। परिवार, रिश्तेदारों और गांव के बुजुर्गों के बीच हुई इस रस्म में किसी तरह की दिखावट नहीं, बल्कि अपनापन और सादगी की झलक देखने को मिली। यही कारण है कि इस आयोजन ने स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया।

दूसरी ओर, अंशिका वर्मा ने अपने प्री-वेडिंग शूट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर फैंस का ध्यान खींचा। व्हाइट और सिल्वर एथनिक आउटफिट में यह जोड़ी बेहद खूबसूरत नजर आई। उनके लुक और केमिस्ट्री को देखकर लोग उन्हें किसी बॉलीवुड कपल से कम नहीं मान रहे। तस्वीरों के साथ अंशिका द्वारा लिखा गया कैप्शन “मेरा ख्वाहिशों का शामियाना” भी खूब पसंद किया जा रहा है।

संगीत समारोह भी पूरी तरह पारंपरिक रंग में रंगा रहा। यहां डीजे या तेज म्यूजिक की बजाय घर की महिलाओं ने राजस्थानी लोकगीतों और मंगल गीतों के साथ माहौल को खुशनुमा बनाया। पारंपरिक संगीत और आत्मीय माहौल ने इस शादी को और खास बना दिया। हालांकि खुशी के मौके पर हल्की आतिशबाजी भी की गई, लेकिन पूरे आयोजन में मर्यादा और सादगी सबसे ऊपर रही।

इस बीच मौसम ने थोड़ी चिंता जरूर बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के चलते तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारात के धोरीमन्ना से जोधपुर रवाना होने के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में परिवार और प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दे रहे हैं।

शादी की मुख्य रस्में 29 मार्च को पूरी होंगी, जबकि 30 मार्च को जोधपुर में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में कई बड़े प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति शामिल हो सकते हैं।

कुल मिलाकर, अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई की शादी ने यह संदेश दिया है कि सच्ची खुशी और परंपरा दिखावे से कहीं ज्यादा मायने रखती है।

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होर्मुज संकट के बीच भारत सतर्क, विदेश मंत्रालय ने बताई ऊर्जा और जहाज सुरक्षा की रणनीति

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होर्मुज संकट के बीच भारत सतर्क, विदेश मंत्रालय ने बताई ऊर्जा और जहाज सुरक्षा की रणनीति

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को लेकर स्पष्ट और सक्रिय रणनीति अपनाई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात पर विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि भारत लगातार संबंधित देशों के संपर्क में है और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, अब तक एलपीजी से लदे चार भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके हैं। फिलहाल कुल 24 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा और आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार केस-बाय-केस आधार पर संबंधित देशों के साथ समन्वय कर रही है ताकि किसी भी तरह का व्यवधान न आए।

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भारत का दृष्टिकोण व्यापक और संतुलित बताया गया है। सरकार तीन प्रमुख आधारों—1.4 अरब लोगों की जरूरतें, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और वैश्विक हालात—को ध्यान में रखकर निर्णय ले रही है। कच्चे तेल और गैस की खरीद तकनीकी और व्यावसायिक विषय है, जिसकी जिम्मेदारी पेट्रोलियम मंत्रालय के पास है। इस बीच रूस से तेल और एलपीजी की सप्लाई जारी है, जबकि ईरान से जुड़े हालात पर भी नजर रखी जा रही है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पेरिस में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, मानवीय सहायता आपूर्ति को मजबूत करने और ग्लोबल साउथ पर युद्ध के प्रभाव जैसे मुद्दे उठाए। साथ ही IMEC कॉरिडोर और वैश्विक कनेक्टिविटी पर भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

सरकार ने खाद आपूर्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। प्राकृतिक गैस सप्लाई में आई चुनौतियों के बावजूद उर्वरक उत्पादन प्रभावित नहीं होने दिया गया है। Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 के तहत खाद कारखानों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे उत्पादन और भंडारण दोनों स्थिर बने हुए हैं।

वहीं, पाकिस्तान के परमाणु बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा गया कि दुनिया इन खतरों से भली-भांति परिचित है।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत बहुआयामी रणनीति के तहत ऊर्जा, खाद और समुद्री सुरक्षा को संतुलित बनाए रखने में जुटा है, जिससे घरेलू जरूरतों पर किसी प्रकार का असर न पड़े।

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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें

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मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हलचल, $200 प्रति बैरल तक जा सकती हैं कीमतें

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता और बेचैनी बढ़ा दी है। निवेश बैंक मैक्वेरी ग्रुप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। यह स्थिति न केवल ऊर्जा बाजार, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकती है।

दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान से जुड़े मौजूदा तनाव और संभावित संघर्ष के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे सप्लाई में भारी कमी आ सकती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेडर्स पहले ही अनुमान लगा रहे हैं कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें निकट भविष्य में $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल कीमतें करीब $107 प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन हालात बिगड़ने पर यह तेजी से बढ़ सकती हैं।

अगर तेल की कीमतें $150 से $200 के बीच लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो इसका सीधा असर महंगाई, परिवहन लागत और उत्पादन खर्च पर पड़ेगा। इससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा और कई देशों की आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बढ़ती कीमतों से पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं और सरकारी वित्तीय संतुलन पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का यह संकट आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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