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ICC ODI Rankings: साउथ अफ्रीका की कप्तान को पछाड़ा, मंधाना का बल्ला बोला तो दुनिया झुकी
ICC ODI Rankings: आईसीसी की ताज़ा वनडे रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय महिला क्रिकेट की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना ने शानदार फॉर्म का फायदा उठाते हुए दुनिया की नंबर-1 महिला बल्लेबाज़ का ताज अपने नाम कर लिया है। लंबे समय से टॉप पर बनी हुईं दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वोलवार्ट की बादशाहत अब खत्म हो गई है। स्मृति मंधाना ने श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलंबो में हुई त्रिकोणीय सीरीज़ में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 264 रन बनाए और फाइनल में शतक भी जड़ा। इस धमाकेदार प्रदर्शन के चलते उन्होंने रैंकिंग में लंबी छलांग लगाकर टॉप पोजीशन हासिल कर ली।
छह साल बाद फिर से नंबर-1 का ताज
स्मृति मंधाना करीब छह साल बाद दोबारा नंबर-1 की पोजीशन पर पहुंची हैं। इससे पहले साल 2019 में उन्होंने पहली बार ICC महिला वनडे रैंकिंग में टॉप स्थान हासिल किया था। इस बार उनके पास 727 रेटिंग प्वाइंट्स हैं। वहीं इंग्लैंड की नताली स्किवर-ब्रंट को एक स्थान का फायदा हुआ है और वे अब दूसरे नंबर पर पहुंच गई हैं। उनके पास 719 रेटिंग प्वाइंट्स हैं। इसी के साथ लौरा वोलवार्ट दो स्थान गिरकर तीसरे नंबर पर आ गई हैं। नताली और लौरा के रेटिंग प्वाइंट्स बराबर हैं लेकिन हालिया प्रदर्शन के आधार पर नताली को बढ़त मिली है। स्मृति के इस प्रदर्शन से भारत को गर्व करने का मौका मिला है।
ऑस्ट्रेलिया का दबदबा कायम
महिला वनडे रैंकिंग की टॉप-10 सूची में सबसे ज़्यादा खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की हैं। इस सूची में ऑस्ट्रेलिया की चार बल्लेबाज़ शामिल हैं। इंग्लैंड की दो, जबकि भारत, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और वेस्ट इंडीज की एक-एक बल्लेबाज़ टॉप-10 में अपनी जगह बनाए हुए हैं। इंग्लैंड की एमी जोन्स चौथे और ऑस्ट्रेलिया की एलीस पैरी पांचवें स्थान पर हैं। वेस्ट इंडीज की हेले मैथ्यूज़ छठे, ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली सातवें और श्रीलंका की चमारी अटापट्टू आठवें नंबर पर बनी हुई हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी नौवें और एश्ले गार्डनर दसवें नंबर पर काबिज़ हैं।
भारत के लिए गर्व की बात
स्मृति मंधाना टॉप-10 की एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं और उनका इस मुकाम तक पहुंचना भारतीय महिला क्रिकेट के लिए गर्व की बात है। उन्होंने न सिर्फ अपने खेल से आलोचकों को जवाब दिया बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए भी मिसाल पेश की है। उनका संयमित और आक्रामक अंदाज़ दोनों ही आज के क्रिकेट की ज़रूरत हैं। आईसीसी रैंकिंग में इस तरह की चढ़ाई केवल रनों से नहीं बल्कि निरंतरता और मेहनत से होती है। मंधाना का यह मुकाम यह साबित करता है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब वैश्विक स्तर पर अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।