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ICC ने क्रिकेट में नया नियम लागू किया, अब विकेट के पीछे जाने वाले शॉट्स को मिलेगा डेड बॉल का संकेत
मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) लगातार क्रिकेट को और रोमांचक बनाने के लिए नए नियम लागू करता रहा है। अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने एक अनोखा नियम पेश किया है, जिसका उद्देश्य बैट्समैन की चतुराई को रोकना है। पूर्व आईसीसी अंपायर अनिल चौधरी ने इस नियम के बारे में अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए जानकारी साझा की। इस नए नियम से गेंदबाजों को थोड़ी राहत मिलेगी और खेल और प्रतिस्पर्धात्मक बनेगा।
क्या होगा नियम के तहत शॉट
इस नियम के अनुसार, यदि कोई बैट्समैन गेंद खेलने के दौरान पूरी तरह से स्टंप के पीछे चला जाता है और उसका शरीर का कोई भी हिस्सा पिच पर नहीं रहता, तो उस शॉट को डेड बॉल घोषित किया जाएगा। इस स्थिति में कोई रन नहीं जोड़ा जाएगा, हालांकि गेंद कानूनी डिलीवरी मानी जाएगी। यदि इस दौरान बैट्समैन बोल्ड हो जाता है, तो वह आउट होगा। यह नियम सभी क्रिकेट फॉर्मेट्स—टी20, वनडे और टेस्ट में लागू होगा।
कीरोन पोलार्ड और स्टंप के पीछे के शॉट
पिछले समय में यह देखा गया है कि कई बैट्समैन स्टंप के पीछे जाकर गेंदबाजों को भ्रमित करते थे। वेस्ट इंडीज के दिग्गज खिलाड़ी कीरोन पोलार्ड इस तकनीक का बार-बार इस्तेमाल करते थे। इससे गेंदबाजों को परेशानी होती थी और फील्डिंग भी प्रभावित होती थी। अब नए नियम के तहत यदि बैट्समैन का पैर या शरीर का कोई हिस्सा पिच को नहीं छूता, तो अंपायर तुरंत डेड बॉल का इशारा करेगा। इसका मतलब है कि चाहे बैट्समैन ने चौका या छक्का मारा हो, रन नहीं गिने जाएंगे।
गेंदबाजों को मिलेगा फायदा
इस नियम का ट्विस्ट यह है कि डिलीवरी कानूनी मानी जाएगी और ओवर का हिस्सा बनी रहेगी। इसका मतलब है कि बैट्समैन को अपनी पोजीशन पर अधिक सतर्क रहना होगा। गेंदबाजों को यह नियम थोड़ा फायदा देगा क्योंकि अब उन्हें बैट्समैन की चतुराई से कम परेशान होना पड़ेगा। टी20 क्रिकेट में यह शॉट सबसे ज्यादा देखा जाता है, इसलिए बैट्समैन को अपने तकनीक में बदलाव करना पड़ सकता है।
क्रिकेट में नियम का प्रभाव
यह नया नियम क्रिकेट को और रोमांचक और न्यायसंगत बनाएगा। बैट्समैन अब स्टंप के पीछे जाकर आसानी से रन नहीं जोड़ पाएंगे। गेंदबाजों और फील्डिंग टीमों की रणनीति बदल सकती है। सभी फॉर्मेट्स में लागू होने वाला यह नियम खिलाड़ियों को नई तकनीक अपनाने के लिए मजबूर करेगा और खेल में संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा। इस नियम से क्रिकेट के रोमांच में इजाफा होगा और खेल की प्रतिस्पर्धा और बढ़ेगी।