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Instagram पर कैसे मिलते हैं पैसे? जानिए क्रिएटर्स के लिए उपलब्ध सुविधाएं

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Instagram पर कैसे मिलते हैं पैसे? जानिए क्रिएटर्स के लिए उपलब्ध सुविधाएं

कई लोग मानते हैं कि अगर कोई व्यक्ति Instagram पर फेमस हो जाता है और इंफ्लूएंसर बन जाता है तो उसे Instagram पैसे देने लगता है। लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं है। Instagram खुद किसी भी यूजर को डायरेक्ट पैसे नहीं देता। Instagram सिर्फ एक प्लेटफॉर्म है जहां आप अपनी फोटो, वीडियो और Reels डाल सकते हैं।

इंफ्लूएंसर के पैसे कहां से आते हैं?

इंफ्लूएंसर जो पैसे कमाते हैं वह Instagram से नहीं बल्कि ब्रांड्स और कंपनियों से आते हैं। जब किसी इंफ्लूएंसर के पास बड़ी फैन फॉलोइंग होती है तो ब्रांड्स उन्हें अपने प्रोडक्ट्स का प्रमोशन करने के लिए पैसे देते हैं। इसमें स्पॉन्सर्ड पोस्ट, एफिलिएट मार्केटिंग और प्रोडक्ट बेचने के तरीके शामिल हैं।

Instagram प्लेटफॉर्म का रोल

Instagram केवल एक प्लेटफॉर्म है जहां इंफ्लूएंसर अपने कंटेंट से लोगों से जुड़ते हैं। जैसा कि पहले बताया गया है कि Instagram खुद पैसे नहीं देता। हालांकि कुछ विशेष फीचर्स जैसे Badges in Live और Reels Bonus कुछ देशों में उपलब्ध हैं। लेकिन भारत और पाकिस्तान में यह सुविधाएं सीमित यूजर्स तक ही हैं।

Instagram पर कैसे मिलते हैं पैसे? जानिए क्रिएटर्स के लिए उपलब्ध सुविधाएं

Instagram डायरेक्ट पेमेंट कब देता है?

Instagram कुछ फीचर्स के जरिए डायरेक्ट पेमेंट देता है लेकिन यह ऑप्शन हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं है। उदाहरण के लिए, कुछ देशों में Instagram सेलेक्टेड क्रिएटर्स को रील्स बनाने पर बोनस देता है। यह फीचर अभी भारत या पाकिस्तान में सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है।

Badges और Reels Bonus का फायदा

Instagram पर जब कोई इंफ्लूएंसर लाइव आता है तो उसके फॉलोअर्स उसे सपोर्ट करने के लिए Badge खरीद सकते हैं। इसके पैसे Instagram क्रिएटर को देता है। यह फीचर भी अभी केवल कुछ देशों में उपलब्ध है। इस तरीके से इंफ्लूएंसर अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं।

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Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी

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Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी

Microsoft AI Chief: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ दफ्तरों और बड़ी मशीनों तक सीमित नहीं रह गया है. यह धीरे धीरे इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी जगह बना रहा है. Mustafa Suleyman जो Microsoft में AI से जुड़ी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं उनका मानना है कि आने वाले करीब पांच सालों में हर इंसान के पास उसका अपना निजी AI कंपैनियन होगा. यह AI केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इंसान की जरूरतों को गहराई से समझेगा. Suleyman के अनुसार भविष्य का AI एक ऐसा डिजिटल साथी होगा जो इंसान के सोचने के तरीके को पहचानेगा और समय के साथ और ज्यादा समझदार बनता चला जाएगा. यह बदलाव तकनीक को इंसानी अनुभव के और ज्यादा करीब ले जाएगा.

इंसान की तरह समझने वाला AI

Suleyman ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भविष्य का AI सिर्फ आदेश मानने वाली मशीन नहीं होगा. यह यूजर की पसंद नापसंद आदतों और सोच को समझेगा. उनका कहना है कि यह AI वही देखेगा जो यूजर देखता है और वही सुनेगा जो यूजर सुनता है. हालात को भी यह उसी नजरिए से समझेगा जिससे इंसान समझता है. Suleyman के मुताबिक ऐसा AI हमेशा साथ रहने वाले दोस्त जैसा महसूस होगा. यह जिंदगी के बड़े फैसलों में मदद करेगा और मुश्किल समय में सहारा बनेगा. उनका मानना है कि यह तकनीक इंसान और मशीन के रिश्ते को पूरी तरह बदल देगी और AI को ज्यादा भरोसेमंद बनाएगी.

सोशल मीडिया पर तेज बहस

Suleyman के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने इसे भविष्य की सबसे बड़ी क्रांति बताया. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह दावा जरूरत से ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है. कई यूजर्स ने कहा कि वे ऐसा AI चाहते हैं जो खुलकर अपनी बात रख सके और सीमाओं में बंधा न हो. कुछ लोगों को यह भी लगा कि अगर इस बदलाव में पांच साल लगेंगे तो तकनीक की रफ्तार काफी धीमी मानी जाएगी. कई यूजर्स का तो मानना है कि ऐसा AI इससे भी पहले आम लोगों के हाथ में आ सकता है. इस बहस ने यह साफ कर दिया कि AI को लेकर लोगों में उत्सुकता के साथ साथ चिंता भी बराबर मौजूद है.

इंसान केंद्रित AI की सोच

Microsoft से पहले Mustafa Suleyman ने Inflection AI की सह स्थापना की थी जहां उन्होंने Pi नाम का एक खास AI चैटबॉट बनाया था. Pi को भावनात्मक रूप से समझदार AI के रूप में पेश किया गया था. इसका मकसद यूजर्स से सहज बातचीत करना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना था. यह दूसरे AI टूल्स से अलग था क्योंकि इसका फोकस तकनीकी जवाबों से ज्यादा इंसानी संवाद पर था. Suleyman लंबे समय से ऐसे AI की वकालत करते रहे हैं जो इंसानों के हित में काम करे. उनका मानना है कि भविष्य की सुपर एडवांस्ड AI तकनीक मानव मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए. उनके अनुसार AI को आजादी देने से पहले उसमें सही नियंत्रण और सीमाएं तय करना जरूरी है ताकि वह इंसान का भरोसेमंद साथी बन सके.

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Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण

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Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण

टेक्नोलॉजी जगत में एक बार फिर बड़ा विवाद छिड़ गया है। टेस्ला और xAI के संस्थापक Elon Musk ने एप्पल और गूगल के बीच हाल ही में हुई साझेदारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस गठजोड़ को “अनुचित शक्ति का केंद्रीकरण” करार दिया है। यह साझेदारी iPhone के वॉइस असिस्टेंट सिरी में गूगल के AI असिस्टेंट को शामिल करने को लेकर है। मस्क का कहना है कि गूगल पहले से ही एंड्रॉइड और क्रोम जैसी बड़ी प्लेटफॉर्म्स का मालिक है, ऐसे में एप्पल का AI गूगल को सौंपना उसकी ताकत को असहज रूप से बढ़ाएगा। उन्होंने इसे पूरी इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह भी बताया है।

Elon Musk की तीखी प्रतिक्रिया और xAI कंपनी की स्थिति

Elon Musk ने गूगल की इस साझेदारी की घोषणा के बाद X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गूगल के पास पहले से ही कई बड़े प्लेटफॉर्म हैं और एप्पल का AI भी उन्हें देना सही नहीं होगा। इससे टेक्नोलॉजी में एकाधिकार की समस्या और बढ़ेगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि मस्क की अपनी AI कंपनी xAI भी AI के क्षेत्र में सक्रिय है। xAI ने कुछ साल पहले एजेंटिक AI Grok को लॉन्च किया था, जो AI वर्चुअल असिस्टेंट के तौर पर काम करता है। इसी वजह से मस्क के लिए यह गठजोड़ एक प्रतिद्वंद्वी की ताकत को बढ़ाने जैसा लग रहा है।

Grok पर चल रहे विवाद और कानूनी झगड़े

Elon Musk की कंपनी xAI और एप्पल के बीच पहले से ही विवाद जारी है। मस्क ने एप्पल और OpenAI पर मुकदमा दायर किया है जिसमें उन्होंने Apple App Store की नीतियों को Grok के लिए हानिकारक बताया है। वहीं Grok AI को लेकर कई देशों में भी विवाद उठे हैं। इंडोनेशिया और मलेशिया ने Grok को अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट जनरेट करने के आरोप में बैन कर दिया है। भारत और यूरोपीय यूनियन की सरकारों ने भी Grok की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई है। भारत सरकार की IT मंत्रालय ने Grok से हानिकारक कंटेंट हटाने के आदेश जारी किए, जिनका पालन xAI ने किया।

एप्पल-गूगल साझेदारी से iPhone यूजर्स को होंगे फायदे

जहां एक ओर यह साझेदारी विवादों का विषय बनी हुई है, वहीं लाखों iPhone यूजर्स के लिए यह एक बड़ी सुविधा साबित होगी। गूगल जेमिनी AI के सपोर्ट से सिरी पहले से भी ज्यादा स्मार्ट और सक्षम बन जाएगा। यूजर्स अब सिरी के जरिए कई नई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे जैसे कि लाइव ट्रांसलेशन और बेहतर वॉइस कमांड। यह अपडेट iPhone, iPad और एप्पल के अन्य डिवाइसेज में उपलब्ध होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल इस साझेदारी के लिए गूगल को हर साल लगभग 1 बिलियन डॉलर की राशि देगा। इससे दोनों टेक दिग्गजों को अपने AI क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी, लेकिन एलन मस्क जैसे विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ेगी कि कहीं इस गठजोड़ से बाजार में असंतुलन न पैदा हो जाए।

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Realme Neo 8 के स्पेसिफिकेशन्स लीक, 80W चार्जिंग और 3D इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट के साथ

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Realme Neo 8 के स्पेसिफिकेशन्स लीक, 80W चार्जिंग और 3D इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट के साथ

Realme Neo 8 स्मार्टफोन फिर से लीक में सामने आया है और खबरों के अनुसार यह स्मार्टफोन अगले महीने चीन में लॉन्च हो सकता है। यह डिवाइस Realme Neo 7 का सीक्वेल माना जा रहा है, जिसे दिसंबर 2024 में लॉन्च किया गया था। पिछले लीक में फोन की बैटरी क्षमता के बारे में जानकारी सामने आई थी, वहीं अब टिपस्टर ने फोन की अन्य विशेषताओं के बारे में भी खुलासा किया है। खास बात यह है कि Realme Neo 8 को भारत में अलग नाम से, संभवतः Realme GT 8 के रूप में, 2026 के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है।

संभावित स्पेसिफिकेशन और फीचर्स

X (पूर्व में Twitter) पर टिपस्टर अभिषेक यादव (@yabhishekhd) ने दावा किया कि Realme Neo 8 जनवरी 2026 में चीन में लॉन्च होगा। इसके अलावा, यह फोन भारत और अन्य वैश्विक बाजारों में Realme GT 8 के रूप में पेश किया जा सकता है। टिपस्टर के अनुसार, यह स्मार्टफोन Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट से लैस होगा और इसमें LPDDR5X RAM के साथ UFS 4.1 स्टोरेज मिलेगी। फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट वाली AMOLED डिस्प्ले हो सकती है। इसके अलावा, पिछली रिपोर्ट में 6.78-इंच की LTPS फ्लैट डिस्प्ले और 1.5K रिज़ॉल्यूशन के साथ 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा होने की संभावना भी जताई गई थी।

8000mAh बैटरी और अन्य हाई-एंड फीचर्स

अभिषेक यादव ने यह भी दावा किया कि Realme Neo 8 में 8000mAh की बैटरी होगी और यह 80W वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। इसके अलावा, फोन में 3D अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर, X-एक्सिस लाइनियर मोटर फॉर हैप्टिक्स, Wi-Fi 7 और Bluetooth 5.4 सपोर्ट भी मिल सकता है। फोन को IP68 रेटिंग के साथ धूल और पानी से सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। ये सभी फीचर्स इसे हाई-एंड स्मार्टफोन के रूप में पेश करते हैं और इसे बाजार में अन्य फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स से प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाते हैं।

Realme GT 8 Pro से तुलना और कीमत का अनुमान

हाल ही में भारत में लॉन्च हुए Realme GT 8 Pro की तुलना में Realme Neo 8 में कई उन्नत फीचर्स मिलने की संभावना है। GT 8 Pro 6.79-इंच QHD+ AMOLED स्क्रीन के साथ आता है, जिसकी रिफ्रेश रेट 144Hz है। यह Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट से लैस है और 16GB LPDDR5X RAM व 512GB UFS 4.1 स्टोरेज विकल्प प्रदान करता है। कैमरा सेटअप में 50 मेगापिक्सल मुख्य कैमरा, 50 मेगापिक्सल अल्ट्रावाइड सेंसर और 200 मेगापिक्सल टेलीफोटो लेंस शामिल है, जो 120x डिजिटल ज़ूम को सपोर्ट करता है। फ्रंट कैमरा 32 मेगापिक्सल का है। Realme Neo 8 की भारत में कीमत और अन्य विवरण आने वाले महीनों में साझा किए जाने की संभावना है, लेकिन यह फोन पहले से ही हाई-एंड स्मार्टफोन प्रेमियों के बीच उत्सुकता बढ़ा चुका है।

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