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Hero MotoCorp ने अपने निवेशकों के लिए घोषित किया 5000% का बड़ा डिविडेंड, 12 फरवरी को होगा रिकॉर्ड डेट

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Hero MotoCorp ने अपने निवेशकों के लिए घोषित किया 5000% का बड़ा डिविडेंड, 12 फरवरी को होगा रिकॉर्ड डेट

Hero MotoCorp: भारत का शेयर बाजार एक बार फिर भारी गिरावट का सामना कर रहा है। मंगलवार को बाजार की शुरुआत फ्लैट हुई, लेकिन कुछ समय बाद इसमें गिरावट आने लगी। सोमवार को भी शेयर बाजार बड़े गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, इस बीच कई कंपनियां अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा कर रही हैं और अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड का भी ऐलान कर रही हैं। इसी कड़ी में देश की सबसे बड़ी दोपहिया ऑटोमोबाइल कंपनी Hero MotoCorp ने अपने निवेशकों के लिए एक भारी डिविडेंड की घोषणा की है, जिसका रिकॉर्ड डेट बहुत ही करीब है।

Hero MotoCorp द्वारा Rs 100 का डिविडेंड

Hero MotoCorp ने 6 फरवरी को एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए एक अंतरिम डिविडेंड के रूप में हर शेयर पर Rs 100 (5000 प्रतिशत) का डिविडेंड मंजूर किया है। इस डिविडेंड के लिए कंपनी ने रिकॉर्ड डेट 12 फरवरी बुधवार तय की है। इसका मतलब यह है कि Hero MotoCorp के शेयर 12 फरवरी को एक्स-डिविडेंड ट्रेंड करेंगे।

यह महत्वपूर्ण है कि यदि आप इस डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको 12 फरवरी, बुधवार को शेयर खरीदने से पहले ही Hero MotoCorp के शेयर खरीदने होंगे। इसके बाद खरीदे गए शेयरों पर आपको डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा। कंपनी के अनुसार, डिविडेंड की राशि 8 मार्च को निवेशकों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

Hero MotoCorp ने अपने निवेशकों के लिए घोषित किया 5000% का बड़ा डिविडेंड, 12 फरवरी को होगा रिकॉर्ड डेट

Hero MotoCorp के शेयरों में गिरावट जारी

मंगलवार को भी Hero MotoCorp के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सुबह 10:43 बजे तक, Hero MotoCorp के शेयर Rs 4139.00 पर ट्रेड कर रहे थे, जिसमें Rs 57.80 (1.38%) की गिरावट आई थी। सोमवार को कंपनी के शेयर Rs 4196.80 पर बंद हुए थे। मंगलवार को शेयरों की शुरुआत भी Rs 4196.85 से हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ा, शेयरों में गिरावट आती चली गई। इस लेख को लिखे जाने तक, कंपनी के शेयरों ने इंट्राडे लो Rs 4131.95 को छुआ और इंट्राडे हाई Rs 4215.90 तक पहुंचे।

कंपनी के शेयरों का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर Rs 6245.00 है, जबकि न्यूनतम स्तर Rs 3999.00 है। इस गिरावट के बावजूद, Hero MotoCorp के निवेशक इस डिविडेंड की घोषणा से संतुष्ट हैं, क्योंकि कंपनी की ओर से 5000 प्रतिशत का डिविडेंड एक बड़ा आकर्षण है।

डिविडेंड का महत्व और निवेशकों के लिए क्या मतलब है

Hero MotoCorp के द्वारा घोषित किया गया 5000 प्रतिशत का डिविडेंड निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे पहले भी कंपनियां डिविडेंड का ऐलान करती रही हैं, लेकिन इतने बड़े डिविडेंड का ऐलान बहुत कम ही देखने को मिलता है। यह डिविडेंड एक अच्छा संकेत है कि कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है और अपने निवेशकों को लाभ देने के लिए तैयार है।

जो निवेशक कंपनी के शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका है। हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहता है और किसी भी निवेश से पहले अच्छे से रिसर्च करना जरूरी है।

कंपनी के बारे में

Hero MotoCorp, भारत की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी है। यह कंपनी मोटरसाइकिल और स्कूटर की सबसे बड़ी निर्माता है और भारतीय बाजार में इसके उत्पादों की जबरदस्त मांग है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपनी मार्केट पोजीशन को मजबूत किया है और कई नए उत्पाद लॉन्च किए हैं।

हालांकि, कंपनी के शेयर वर्तमान में गिरावट दिखा रहे हैं, लेकिन इस गिरावट के बावजूद कंपनी का प्रदर्शन अच्छा ही रहा है। इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि कंपनी नए उत्पादों की लॉन्चिंग और वैश्विक विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है।

निवेशकों के लिए डिविडेंड के फायदे

  1. आकर्षक डिविडेंड: Hero MotoCorp के द्वारा घोषित Rs 100 (5000 प्रतिशत) का डिविडेंड निवेशकों के लिए एक बड़ा फायदा है। इस डिविडेंड से निवेशकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।

  2. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम डिविडेंड: यह डिविडेंड वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम डिविडेंड है, जिससे कंपनी के निवेशकों को साल के पहले हिस्से में अच्छा लाभ मिलेगा।

  3. अच्छा मौका: जो निवेशक कंपनी के शेयर पहले ही खरीद चुके हैं, उन्हें 12 फरवरी को डिविडेंड का फायदा मिल जाएगा। यदि आप इस डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको 12 फरवरी से पहले ही शेयर खरीदने होंगे।

  4. निवेश की सुरक्षा: Hero MotoCorp जैसे बड़े और स्थिर कंपनियों में निवेश करना निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। कंपनी का लंबे समय से मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है, जिससे यह एक आकर्षक निवेश बनता है।

Hero MotoCorp का डिविडेंड निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि के निवेश के बारे में सोच रहे हैं। कंपनी का प्रदर्शन भले ही कुछ समय से गिरावट दिखा रहा हो, लेकिन डिविडेंड का ऐलान एक सकारात्मक संकेत है। निवेशकों को यह समझने की आवश्यकता है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है, और ऐसे समय में भी सही निवेश निर्णय लेना जरूरी होता है। अगर आप इस डिविडेंड का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आज ही Hero MotoCorp के शेयर खरीदें और 12 फरवरी से पहले उनका लाभ उठाएं।

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घरेलू गैस सिलेंडरों में 14.2 किलोग्राम की जगह 10 किलोग्राम की संभावना

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घरेलू गैस सिलेंडरों में 14.2 किलोग्राम की जगह 10 किलोग्राम की संभावना

गुल्फ़ देशों में जारी संघर्ष का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण आयात में कमी आई है। इसके परिणामस्वरूप तेल विपणन कंपनियों के पास उपलब्ध स्टॉक तेजी से घट रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और कंपनियां दोनों ही आवश्यक कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडरों में एलपीजी की आपूर्ति को घटाने पर विचार किया जा रहा है। योजना यह है कि हर सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम की बजाय लगभग 10 किलोग्राम गैस दी जाएगी। ऐसा करने से कुल उपलब्ध आपूर्ति में कमी होने के बावजूद अधिक परिवारों तक गैस पहुंचाई जा सकेगी।

आयात पर बढ़ा दबाव

देश में एलपीजी आयात की स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। वर्तमान में, गल्फ़ देशों से नई खेपें नहीं आ रही हैं। पिछले सप्ताह लगभग 92,700 टन गैस दो जहाजों के माध्यम से पहुंची, जो पूरे देश की एक दिन की खपत के बराबर है। वहीं, वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए आपूर्ति फिर से शुरू होने से उपलब्ध सीमित स्टॉक पर और दबाव पड़ गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने हाल ही में कई बार कहा कि देश में एलपीजी की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।

घरेलू गैस सिलेंडरों में 14.2 किलोग्राम की जगह 10 किलोग्राम की संभावना

कम मात्रा वाले सिलेंडरों की कीमत कैसे तय होगी

अगर सिलेंडरों में गैस की मात्रा कम करने का निर्णय लागू किया गया तो इसकी कीमत अनुपात के आधार पर तय की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे सिलेंडरों पर विशेष स्टिकर लगाया जाएगा ताकि स्पष्ट हो कि इसमें कम मात्रा की गैस है। इसके लिए बॉटलिंग प्लांट्स को अपनी आंतरिक प्रणालियों में बदलाव करना होगा और आवश्यक नियामक अनुमोदन प्राप्त करने के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

कंपनियों की चिंताएं और संभावित विरोध

इस योजना को लेकर संबंधित कंपनियों ने भी अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। उनका मानना है कि अचानक सिलेंडरों के वजन में कमी से उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा हो सकता है। इसके चलते जनता में असंतोष और विरोध की भावना पैदा होने की संभावना है। विशेष रूप से उन राज्यों में, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। कंपनियों के अनुसार, यदि अगले महीने स्थिति और बिगड़ती है, तो यह गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।

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ईरान तनाव और तेल कीमतों से रुपये में गिरावट, डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंचा

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ईरान तनाव और तेल कीमतों से रुपये में गिरावट, डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंचा

हाल के दिनों में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालातों के बीच भारतीय रुपया लगातार दबाव में है। 18 मार्च को रुपया गिरकर अपने ऑल-टाइम लो 92.62 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों की बेचने की गतिविधियों ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, दक्षिण एशियाई देशों में भारतीय रुपये की स्थिति सबसे कमजोर बनी हुई है और अगले साल यह डॉलर के मुकाबले 95 रुपये तक गिर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

पिछले महीने रुपये में गिरावट और RBI की रणनीति

पिछले एक महीने में भारतीय रुपये में करीब 1.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी निवेशकों ने मार्च महीने में लगभग 5.5 अरब डॉलर की इक्विटी भारतीय बाजार से निकाल ली, जिससे निफ्टी 50 करीब 8 प्रतिशत तक गिर गया। भारतीय रिजर्व बैंक लगातार बाजार में हस्तक्षेप कर रुपये पर दबाव कम करने की कोशिश कर रहा है। आरबीआई ने हाल के समय में एक ही सप्ताह में करीब 18 से 20 अरब डॉलर की बिक्री की है, ताकि मुद्रा को स्थिर रखा जा सके। हालांकि, मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियां रुपये को मजबूती देने में चुनौतीपूर्ण साबित हो रही हैं।

ईरान तनाव और तेल कीमतों से रुपये में गिरावट, डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर पहुंचा

रुपये के टूटने के कारण और संभावित प्रभाव

गोल्डमैन सैक्स के भारतीय अर्थशास्त्री शांतनु सेनगुप्ता के अनुसार, रुपये के 95 प्रति डॉलर तक गिरने का अनुमान मुख्यतः अमेरिका-इजरायल संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संभावित बंद होने की आशंका पर आधारित है। चालू खाते के घाटे में वृद्धि भी इसका बड़ा कारण है। उच्च तेल मूल्य, निवेशकों की निकासी और वैश्विक आर्थिक तनाव ने भारतीय रुपये को कमजोर कर दिया है। यदि रुपया और नीचे गिरता है, तो आयात महंगा होगा, मुद्रास्फीति बढ़ेगी और आम जनता के लिए रोजमर्रा की चीजों की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

आर्थिक वृद्धि और महंगाई पर असर

रुपये की कमजोरी का असर भारत की आर्थिक वृद्धि पर भी देखने को मिल सकता है। गोल्डमैन सैक्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का पूर्व अनुमान 7.0 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, महंगाई दर में 30 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी और चालू खाता घाटा 0.8 प्रतिशत बढ़कर जीडीपी के 1.2 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह संकेत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले वर्ष कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और रुपये की मजबूती और आर्थिक स्थिरता के लिए सरकार और RBI को सतर्क उपाय करने होंगे।

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भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशक दबाव में

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भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशक दबाव में

भारतीय शेयर बाजार बुधवार को फिर से बड़ी गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स अपनी शुरुआती बढ़त खोकर अब 1000 अंक से ज्यादा टूट चुका है और 77,100-77,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी भी 300 से ज्यादा अंक गिरकर 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया। निवेशकों पर एनर्जी संकट, Essential Commodities Act के लागू होने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव साफ दिख रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और पॉजिटिव खबरों के इंतजार में हैं।

टॉप गेनर्स और लूजर्स की स्थिति

दिन के कारोबार में Wipro, Tata Steel, Power Grid, Hindalco, Tech Mahindra के शेयरों में तेजी देखने को मिली। वहीं, बैंकिंग सेक्टर में दबाव रहा और Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank, HDFC Bank, Axis Bank, Bajaj Finserv के शेयर गिरावट में रहे। ऑटो सेक्टर में भी बिकवाली देखी गई, जिसमें Mahindra & Mahindra, TVS Motors शामिल हैं। टॉप लूजर्स में Reliance Industries और Bharti Airtel भी शामिल रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक और घरेलू घटनाओं के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशक दबाव में

एशियाई और वॉल स्ट्रीट का रुख

बुधवार को एशियाई बाजारों में तेल की कीमतों में कमी के चलते तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 1.36 प्रतिशत बढ़ा, जबकि टॉपिक्स 1.22 प्रतिशत की तेजी में रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.52 प्रतिशत और कोस्डैक स्मॉल-कैप 1.39 प्रतिशत बढ़ा। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 25,936 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, वॉल स्ट्रीट मंगलवार को लाल निशान में बंद हुआ। S&P 500 0.21 प्रतिशत गिरकर 6,781.48 पर बंद हुआ और डॉव जोन्स 34.29 अंक या 0.07 प्रतिशत लुढ़ककर 47,706.51 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.01 प्रतिशत बढ़कर 22,697.10 पर बंद हुआ।

क्रूड तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतें हल्की गिरावट के बाद ऊपर चली गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान में युद्ध समाप्त होने के संकेत मिलने के बाद WTI क्रूड 0.03 प्रतिशत गिरकर 83.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। वहीं, ब्रेंट क्रूड 119.50 डॉलर से गिरकर 87-90 डॉलर के दायरे में आ गया। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने वैश्विक बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए 182 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल आपातकालीन भंडार से जारी करने का प्रस्ताव रखा है। इससे तेल की सप्लाई में सुधार की उम्मीद है।

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