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Head of State Review: प्रियंका चोपड़ा की वापसी बनी हाईलाइट, दिखा एक्शन और अटिट्यूड का जबरदस्त मेल
Head of State Review: फिल्म हेड्स ऑफ स्टेट की कहानी को अगर एक लाइन में समझाया जाए तो यह दो विश्व नेताओं की मिशन पर आधारित हल्की-फुल्की कहानी है। अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन सीना और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री इद्रिस एल्बा एक ऐसी साझेदारी में बंधते हैं जिसकी उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी। दुनिया को बचाने के मिशन के साथ-साथ फिल्म में कॉमेडी और एक्शन का तड़का लगाया गया है। अगर आप लॉजिक से ज्यादा मज़ा ढूंढते हैं तो यह फिल्म आपके लिए है।
कॉमेडी और एक्शन की मिक्स प्लेट
यह फिल्म उन फिल्मों की श्रेणी में आती है जिन्हें आप वीकेंड पर दिमाग आराम देकर देख सकते हैं। इसमें लॉजिक नहीं है लेकिन मैजिक है जो आपको बोर नहीं होने देता। कई जगह स्क्रिप्ट खिंचती हुई लगती है लेकिन एक पंचलाइन या ज़बरदस्त एक्शन आपको फिर से स्क्रीन पर खींच लाती है। इसे थिएटर में देखना ज़्यादा मजेदार होता लेकिन ओटीटी पर भी यह फिल्म अपनी टोन में एंटरटेन करती है।
निर्देशन और लेखन में कमी रह गई
फिल्म के निर्देशक इल्या नैशुलर ने अपनी स्टाइल को बरकरार रखते हुए कहानी को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। हालांकि लेखन में ज़्यादा कुछ नया नहीं है। वही पुराने ट्विस्ट, वही चेकलिस्ट वाला अप्रोच – एक्शन है? हां। कॉमेडी है? हां। ट्विस्ट है? हां, लेकिन पहले देखा हुआ। फिर भी कुछ सीन में निर्देशक की स्टाइलिश प्रेजेंटेशन कहानी को मजबूती देती है।
प्रियंका चोपड़ा की वापसी और दमदार अभिनय
प्रियंका चोपड़ा ने इस फिल्म में बतौर एजेंट कमाल कर दिया है। उनका किरदार न केवल ग्लैमरस है बल्कि मजबूत भी है। जॉन सीना और इद्रिस एल्बा जैसे दिग्गज एक्टर्स के बीच प्रियंका ने अपनी मौजूदगी इतनी जबरदस्त बनाई है कि कई सीन में वह बाकियों पर भारी पड़ती हैं। एक्ट्रेस को देखकर अच्छा लगता है जब वह सिर्फ शोपीस न होकर कहानी का जरूरी हिस्सा बनती हैं।
क्या देखें या छोड़ दें?
अगर आप किसी गहरी और सोचने वाली कहानी की तलाश में हैं तो हेड्स ऑफ स्टेट आपके लिए नहीं है। लेकिन अगर आप 90 के दशक की बॉलीवुड फिल्मों की तरह ‘नो लॉजिक, ओनली मैजिक’ वाले एंटरटेनमेंट की तलाश में हैं तो यह फिल्म आपको हंसाएगी, थोड़ाअ सा चौंकाएगी और वीकेंड पर टाइम पास के लिए बिल्कुल सही साबित होगी।