भारतीय ऑलराउंडर Hardik Pandya ने BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी कड़ी रीहैबिलिटेशन पूरी कर ली है और उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गेंदबाजी करने की हरी झंडी मिल गई है। यह खबर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज से पहले टीम के लिए उत्साहजनक है। हार्दिक को एशिया कप 2025 के सेमीफाइनल में चोट लगी थी, जिसके कारण वे ऑस्ट्रेलिया दौरे और वर्तमान ODI सीरीज से बाहर थे।
रीहैब और RTP प्रोटोकॉल की पूरी प्रक्रिया
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, हार्दिक पांड्या ने 21 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में intensive रीहैब ब्लॉक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘रिटर्न टू प्ले’ (RTP) प्रोटोकॉल के तहत पूरी फिटनेस टेस्टिंग और व्यायाम किया। अब उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक टी20 क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह सक्षम घोषित कर दिया गया है। बीसीसीआई पहले ही संकेत दे चुका था कि वे केवल टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए ही उनका प्रबंधन करेंगे, ताकि 2026 टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी में उन्हें फिट रखा जा सके।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से होगी वापसी
हार्दिक पांड्या की पहली वापसी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से होगी, ताकि उनकी वर्कलोड मैनेजमेंट को टेस्ट किया जा सके। PTI रिपोर्ट के अनुसार, हार्दिक पांड्या 2 दिसंबर को बारोडा के लिए पंजाब के खिलाफ और 4 दिसंबर को गुजरात के खिलाफ खेल सकते हैं। इन दो लगातार मैचों में उनकी गेंदबाजी पर ध्यान दिया जाएगा और यह देखा जाएगा कि उनका शरीर कितनी अच्छी तरह प्रतिक्रिया करता है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अहम खिलाड़ी
राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्य प्रज्ञान ओझा को हार्दिक पांड्या की प्रगति पर निगरानी रखने और टीम मैनेजमेंट व सेलेक्टर्स को फीडबैक देने का काम सौंपा गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि टीम मैनेजमेंट उन्हें 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए एक अहम खिलाड़ी मानती है। हार्दिक पांड्या के बल्ले, गेंद और फील्डिंग में योगदान टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। उनकी वापसी से टीम की ऑलराउंड क्षमता में मजबूती आएगी और कप्तान को रणनीति में विकल्प मिलेंगे।