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Grok पर भारत समेत 3 देशों में बैन, अश्लील और डीपफेक कंटेंट का बड़ा खुलासा

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Grok पर भारत समेत 3 देशों में बैन, अश्लील और डीपफेक कंटेंट का बड़ा खुलासा

एलन मस्क के एआई प्लेटफॉर्म ग्रोक (Grok) पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में एआई के जरिए बनाये गए अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के प्रसारण पर कार्रवाई करते हुए ग्रोक ने लगभग 3,500 कंटेंट को ब्लॉक कर दिया है। इस कदम के बाद ग्रोक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत के कानूनों का सम्मान करते हैं और उनका पालन करेंगे। हालांकि विवाद का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि भारत के अलावा दो और देशों ने भी ग्रोक पर बैन लगा दिया है। आरोप है कि इस प्लेटफॉर्म पर डीपफेक और अश्लील कंटेंट का प्रसारण हो रहा है, जिससे यह सख्त कार्रवाई की गई है।

इंडोनेशिया और मलेशिया में लगा ग्रोक पर बैन

ग्रोक को इंडोनेशिया और मलेशिया में टेम्पोररी बैन का सामना करना पड़ रहा है। मलेशिया की कम्युनिकेशन और मल्टीमीडिया कमीशन (MCMC) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ग्रोक को तत्काल प्रभाव से मलेशिया में ब्लॉक कर दिया गया है। वहीं, इंडोनेशिया के डिजिटल कम्युनिकेशन मंत्री मेउतया हाफिद ने भी ग्रोक की सेवाओं पर बैन लगाने का आधिकारिक बयान जारी किया है। इन दोनों देशों में मुख्य कारण ग्रोक के जरिए पोर्नोग्राफिक और अश्लील कंटेंट का निर्माण और प्रसारण होना बताया गया है, जिसमें प्लेटफॉर्म द्वारा उचित कदम नहीं उठाए जाने की भी बात कही गई है। इन देशों की सरकारों ने इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Grok पर भारत समेत 3 देशों में बैन, अश्लील और डीपफेक कंटेंट का बड़ा खुलासा

डीपफेक कंटेंट की समस्या और कानूनी कार्रवाई

ग्रोक एआई पर बनाए जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट में महिलाओं और बच्चों की तस्वीरें भी शामिल हैं, जो स्पष्ट रूप से कानून के खिलाफ है। इस संबंध में भारत की जांच एजेंसियों ने 3 जनवरी और 8 जनवरी को ग्रोक और X (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस भेजा है और प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा है। लेकिन प्लेटफॉर्म पर केवल यूजर-इनिशिएटिव रिपोर्टिंग सिस्टम मौजूद है, जिससे एआई द्वारा रियल दिखने वाले डीपफेक कंटेंट पर रोक लगाना कठिन हो रहा है। यही कारण है कि डीपफेक कंटेंट के खिलाफ अभी तक ठोस मैकेनिज्म नहीं बन पाया है, जिससे ग्रोक पर बैन लगा है और सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

ग्रोक की दुनियाभर में बदनामी और भविष्य की चुनौतियां

भारत, यूरोप, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे कई देशों में ग्रोक के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारण की शिकायतें बढ़ रही हैं, जिससे इसकी विश्वसनीयता और साख को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रोक को एआई के गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण करने के लिए तत्काल प्रभाव से बेहतर नीतियां और तकनीकी समाधान अपनाने की जरूरत है। अन्यथा यह प्लेटफॉर्म न केवल अपनी प्रतिष्ठा खो सकता है बल्कि कई देशों में स्थायी रूप से प्रतिबंधित भी हो सकता है। एलन मस्क की इस एआई सेवा के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण दौर है, जिसमें कानूनी और नैतिक दोनों तरह की जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।

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Google Voice Activity: गूगल की जासूसी की अफवाह सच या फेक? जानें कैसे देखें और हटाएं रिकॉर्डिंग

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Google Voice Activity: गूगल की जासूसी की अफवाह सच या फेक? जानें कैसे देखें और हटाएं रिकॉर्डिंग

Google Voice Activity: आजकल अक्सर लोग यह सवाल करते हैं कि क्या गूगल हमारी बातचीत सुन रहा है? जब फोन पर किसी विषय पर बात होती है और कुछ देर बाद उसी से जुड़ी विज्ञापन दिखने लगते हैं, तो यह शक ज़रूर होता है। इस संदर्भ में एक फीचर है जिसे गूगल वॉइस एक्टिविटी कहा जाता है। यह गूगल अकाउंट से जुड़ा एक ऐसा फीचर है जो आपके द्वारा दिए गए वॉइस कमांड और सर्च हिस्ट्री को सेव करता है। जब आप “ओके गूगल” या “हे गूगल” कहकर कोई सवाल करते हैं या वॉइस सर्च करते हैं, तो आपकी आवाज़ रिकॉर्ड होकर आपके अकाउंट में सेव हो सकती है। इसका मकसद गूगल असिस्टेंट की क्षमता बढ़ाना और आपको बेहतर और सटीक रिजल्ट देना है।

क्या गूगल आपकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड करता है?

गूगल की तरफ से यह साफ किया गया है कि वह केवल तभी ऑडियो रिकॉर्ड करता है जब यूजर वॉइस कमांड देता है या माइक्रोफोन की अनुमति देता है। हालांकि कभी-कभी फोन की गलती से एक्टिवेशन हो जाती है जिससे कुछ आवाज़ की क्लिप सेव हो सकती हैं। यही वजह है कि कुछ लोग महसूस करते हैं कि गूगल हमेशा सुन रहा है। लेकिन यह कोई जासूसी का तरीका नहीं है, बल्कि तकनीकी कारणों से ऐसी स्थिति बनती है। इसलिए माइक्रोफोन की अनुमति देते समय सतर्क रहना जरूरी है।

कैसे देखें और हटाएं अपनी वॉइस एक्टिविटी?

अगर आप जानना चाहते हैं कि गूगल ने आपके कौन-कौन से वॉइस रिकॉर्डिंग सेव की हैं, तो यह बहुत आसान है। आपको अपने गूगल अकाउंट में जाकर ‘एक्टिविटी कंट्रोल्स’ या ‘माई एक्टिविटी’ सेक्शन में जाना होगा। वहां “वॉइस और ऑडियो एक्टिविटी” के अंतर्गत आपकी रिकॉर्डिंग की लिस्ट मिलेगी, जिसमें तारीख और समय के साथ रिकॉर्ड की गई आवाज़ को आप खुद सुन भी सकते हैं। अगर आप इन रिकॉर्डिंग को पसंद नहीं करते हैं तो आप चाहें तो एक-एक रिकॉर्डिंग हटा सकते हैं या पूरी वॉइस एक्टिविटी एक साथ क्लियर भी कर सकते हैं। इसके अलावा, सेटिंग्स में जाकर आप वॉइस और ऑडियो एक्टिविटी को पूरी तरह से बंद भी कर सकते हैं ताकि भविष्य में आपकी आवाज़ सेव न हो।

अपनी प्राइवेसी कैसे सुरक्षित रखें?

आपकी प्राइवेसी की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि आप अपने गूगल अकाउंट की एक्टिविटी को नियमित रूप से चेक करते रहें। केवल उन्हीं ऐप्स को माइक्रोफोन की अनुमति दें जिनकी वाकई जरूरत हो। यदि आप ‘हे गूगल’ फीचर का उपयोग नहीं करते तो इसे बंद कर दें। गूगल वॉइस एक्टिविटी कोई जासूसी उपकरण नहीं है, बल्कि यह आपकी आवाज़ी खोज और कमांड को बेहतर बनाने का एक जरिया है। सावधानी और जागरूकता के साथ आप अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं और अनचाही रिकॉर्डिंग से बच सकते हैं।

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Budget 2026: 15 हजार स्कूलों में AVGC लैब्स खोलकर युवाओं को देंगे नया भविष्य

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Budget 2026: 15 हजार स्कूलों में AVGC लैब्स खोलकर युवाओं को देंगे नया भविष्य

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट भाषण में भारत के तेजी से उभरते गेमिंग और AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) सेक्टर के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि भारत इस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2030 तक इस क्षेत्र में 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। इस ग्रोथ को देखते हुए सरकार ने कंटेंट क्रिएशन और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सेक्टर को मजबूत करने के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिंग टेक्नोलॉजी (IICT), मुंबई की मदद ली जाएगी और देश के 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोली जाएंगी।

स्किल डेवलपमेंट और कंटेंट क्रिएटर लैब्स का विस्तार

सरकार का मानना है कि AVGC सेक्टर की मांग को पूरा करने के लिए जरूरी है कि युवाओं को ग्रासरूट स्तर पर कंटेंट क्रिएशन की स्किल्स सिखाई जाएं। इसलिए IICT मुंबई के सहयोग से देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में लैब्स स्थापित की जाएंगी, जहां बच्चों और युवाओं को आधुनिक टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी के साथ कंटेंट क्रिएशन की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पहल युवा पीढ़ी को डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री में करियर बनाने के लिए तैयार करेगी और भारत को ग्लोबल मार्केट में मजबूत बनाएगी। इसके अलावा, सरकार ने स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करते हुए टेक फेलोशिप, एआई गवर्नेंस और डीप-टेक रोबोटिक्स को भी बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है।

टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को विकसित भारत की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक आईटी और कंटेंट क्रिएशन सेक्टर में विश्व स्तर पर अग्रणी बनेगा। इसके लिए सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर खास जोर दिया है। देश के इंटरनेट नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का बड़ा बजट रखा गया है। 5G/6G टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज के विस्तार से डिजिटल इंडिया को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की योजना है। इसके साथ ही बायोफार्मा टेक्नोलॉजी को भी बड़ी सहायता दी जाएगी ताकि स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में भी भारत तेजी से उन्नति कर सके।

सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और भविष्य की तैयारियां

भारत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाने के लिए बजट में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) की घोषणा की गई है, जिसके लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह पहल भारत को वैश्विक चिप उत्पादन के नक्शे पर ला सकती है और देश की टेक इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, सरकार ने गहरी तकनीक (डीप-टेक), रोबोटिक्स और एआई स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन देने की भी योजना बनाई है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भविष्य के लिए तैयार रहेगा। इन कदमों से भारत का गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन और टेक्नोलॉजी सेक्टर तेजी से विकसित होगा और लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

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Samsung जल्द भारत में लॉन्च करेगा Galaxy F70 सीरीज का पहला बजट फोन

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Samsung जल्द भारत में लॉन्च करेगा Galaxy F70 सीरीज का पहला बजट फोन

Samsung जल्द ही भारत में एक नया लो-बजट स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है। कंपनी ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि भी कर दी है। यह फोन गैलेक्सी F70 सीरीज का पहला मॉडल होगा। दक्षिण कोरियाई कंपनी इसे 10,000 से 15,000 रुपये के बीच कीमत में लाने की योजना बना रही है। खास बात यह है कि इस फोन को युवा वर्ग और खासकर जनरेशन Z को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सस्ते दाम में नए फीचर्स के साथ यह फोन बाजार में तगड़ी टक्कर देने वाला है।

2 फरवरी को होगा लॉन्च

यह नया Samsung फोन 2 फरवरी, सोमवार को भारतीय बाजार में लॉन्च होगा। इसे लेकर कंपनी ने पहले ही एक पोस्टर जारी किया है जिसमें इसे एक कैमरा-केंद्रित बजट फोन बताया गया है। फोन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खूबियां भी देखने को मिलेंगी। इस फोन को लेकर कई सर्टिफिकेशन वेबसाइट्स पर भी इसके मॉडल की जानकारी सामने आ चुकी है, जिससे इसके लॉन्च की संभावना और पक्की हो गई है। गैलेक्सी F सीरीज में कंपनी ने पहले भी कुछ फोन लॉन्च किए हैं, लेकिन इस बार यह सीरीज अल्ट्रा बजट रेंज में उतरने जा रही है।

70 सीरीज की वापसी

Samsung ने 2019 में गैलेक्सी A70 लॉन्च किया था, जिसके बाद गैलेक्सी A71 आया था। इसके बाद 70 सीरीज में कंपनी ने कोई नया फोन लॉन्च नहीं किया था। अब लंबे समय के बाद कंपनी इस लोकप्रिय 70 सीरीज में वापसी कर रही है और गैलेक्सी F70 फोन को लॉन्च करने जा रही है। हालांकि कंपनी ने अभी तक इस फोन के फीचर्स को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि यह फोन 5G नेटवर्क सपोर्ट के साथ आएगा, जो गैलेक्सी A70 में नहीं था।

गैलेक्सी A70 के फीचर्स और तुलना

गैलेक्सी A70 की बात करें तो इसमें 6.7 इंच का FHD+ सुपर AMOLED डिस्प्ले था, जो देखने में बेहद शानदार था। इस फोन में Qualcomm Snapdragon 675 प्रोसेसर था और यह 4G नेटवर्क सपोर्ट के साथ लॉन्च हुआ था। मेमोरी की बात करें तो इसमें 6GB रैम और 128GB स्टोरेज था, जिसे माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से बढ़ाया जा सकता था। कैमरे की बात करें तो फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप था, जिसमें 32MP का मेन कैमरा, 8MP सेकेंडरी कैमरा और 5MP डेप्थ सेंसर था। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा था। फोन में 4,500mAh की बैटरी लगी थी जो 25W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती थी। लॉन्च के समय इसकी कीमत 28,990 रुपये थी।

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