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Google की सुरक्षा सर्विस बंद, यूजर्स को अब कैसे मिलेगी महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारी?
Google ने हाल ही में अपनी कई पुरानी सर्विसेज बंद करने का ऐलान किया है। इसके तहत कंपनी ने अपने वॉइस असिस्टेंट टूल को बंद करने के बाद अब डार्क वेब रिपोर्ट सर्विस को बंद करने का फैसला किया है। यह सर्विस यूजर्स को उनके अकाउंट की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराती थी और ई-मेल अड्रेस के डार्क वेब में होने की जानकारी देती थी। 2023 में लॉन्च की गई इस सर्विस के बंद होने से करोड़ों यूजर्स को डेटा ब्रीच की जानकारी प्राप्त करने में दिक्कत आ सकती है। गूगल अब यूजर्स को अपनी अन्य सिक्योरिटी और प्राइवेसी सर्विस पर रिडायरेक्ट कर रहा है।
कब बंद होगी सर्विस और यूजर्स को क्या करना होगा
Google ने ब्लॉग पोस्ट के जरिए बताया कि 15 जनवरी 2026 से डार्क वेब ब्रीच की स्कैनिंग बंद कर दी जाएगी। इसके एक महीने बाद यानी 16 फरवरी 2026 से यूजर्स को डार्क वेब रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होगी। सर्विस बंद होने से पहले Google ने यूजर्स को निर्देश दिया है कि वे अपने डार्क वेब प्रोफाइल को डिलीट कर दें। प्रोफाइल डिलीट करने के बाद ही यूजर्स इस सर्विस को एक्सेस कर पाएंगे। यह कदम यूजर्स की डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुराने अकाउंट मॉनिटरिंग प्रोफाइल को सिस्टम से हटाने के लिए उठाया गया है।
कैसे करें डार्क वेब प्रोफाइल डिलीट
यूजर्स अपने डार्क वेब प्रोफाइल को पीसी, एंड्रॉइड फोन या आईफोन से आसानी से डिलीट कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने गूगल प्रोफाइल में जाना होगा और डार्क वेब रिपोर्ट वाले सेक्शन में क्लिक करना होगा। यहां इन्फो सेक्शन में जाकर “एडिट मॉनिटरिंग प्रोफाइल” पर क्लिक या टैप करें। इसके बाद “डिलीट मॉनिटरिंग प्रोफाइल” वाले बटन पर क्लिक करके प्रोफाइल को डिलीट कर दें। प्रोफाइल डिलीट करने के बाद यूजर्स गूगल के डार्क वेब रिपोर्ट सर्विस को एक्सेस नहीं कर पाएंगे। इस प्रक्रिया के जरिए यूजर्स अपने व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित कर सकते हैं और भविष्य में किसी भी तरह की डेटा ब्रीच से बचाव कर सकते हैं।
नए सिक्योरिटी टूल्स का करें उपयोग
Google ने यूजर्स को निर्देश दिया है कि वे नए सिक्योरिटी और प्राइवेसी टूल्स का इस्तेमाल करें। इनमें सिक्योरिटी चेक-अप, पासकी क्रिएट करने और गूगल पासवर्ड मैनेजर जैसे फीचर्स शामिल हैं। इन टूल्स की मदद से यूजर्स अपने Google अकाउंट और गूगल सर्च में मौजूद निजी जानकारी जैसे कि फोन नंबर, अड्रेस आदि को डिलीट करने का रिक्वेस्ट भी दर्ज कर सकते हैं। गूगल का कहना है कि इन नए टूल्स के माध्यम से यूजर्स अधिक सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से अपनी ऑनलाइन प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।