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Google Search: गूगल पर गलत सर्च करने से बचें, क्योंकि यह हो सकता है जेल का कारण

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Google Search: गूगल पर गलत सर्च करने से बचें, क्योंकि यह हो सकता है जेल का कारण

Google Search: आज के डिजिटल युग में इंटरनेट हमारी ज़िंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। किसी भी जानकारी की तलाश में हम सबसे पहले गूगल का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें गूगल पर सर्च करना आपको सीधे जेल तक पहुंचा सकता है? गूगल पर गलत सर्च करना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन सी चीजों को गूगल पर सर्च करने से बचना चाहिए, ताकि आप कानूनी संकट में न पड़ें।

1. बम बनाने या आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित जानकारी

अगर आप गूगल पर बम बनाने का तरीका, आतंकवादी संगठनों के बारे में जानकारी या किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित जानकारी सर्च करते हैं, तो यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए रेड अलर्ट का कारण बन सकता है। ऐसी गतिविधियाँ देशद्रोह मानी जाती हैं और इसके लिए आपको कड़ी सजा हो सकती है। इसके तहत आपको गिरफ्तार किया जा सकता है और लंबी सजा हो सकती है।

2. बाल यौन शोषण सामग्री या अवैध सामग्री

गूगल पर बाल यौन शोषण (Child Pornography) या ऐसी अवैध सामग्री सर्च करना पूरी तरह से अवैध है। कई देशों में, जिनमें भारत भी शामिल है, इस तरह की सामग्री की सर्चिंग, डाउनलोडिंग और शेयरिंग पर सख्त पाबंदी है। अगर आप ऐसी सामग्री डाउनलोड या शेयर करते हैं, तो आपको सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act 2000) के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और जेल हो सकती है।

3. हैकिंग और साइबर अपराध से संबंधित चीजें

अगर आप गूगल पर किसी के फेसबुक अकाउंट को हैक करने का तरीका या वाई-फाई पासवर्ड चुराने का तरीका सर्च करते हैं, तो यह साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। साइबर पुलिस इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखती है और यदि आप पकड़े जाते हैं, तो आप जेल जा सकते हैं। साइबर अपराधों में जुर्माना और सजा दोनों हो सकते हैं, जो आपके जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।

Google Search: गूगल पर गलत सर्च करने से बचें, क्योंकि यह हो सकता है जेल का कारण

4. नशीले पदार्थों या अवैध हथियारों की खरीदारी

गूगल पर ड्रग्स, अवैध हथियारों या किसी भी प्रकार की अवैध वस्तु की खरीदारी से संबंधित जानकारी सर्च करना पूरी तरह से अपराध है। नारकोटिक्स विभाग और पुलिस ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखते हैं और यदि आप इस प्रकार की जानकारी सर्च करते हैं तो आपको कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे ना केवल आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है, बल्कि आपको जेल की सजा भी हो सकती है।

5. किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सर्च करना

गूगल पर किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, घर का पता, बैंक डिटेल्स आदि सर्च करना भी एक अपराध माना जाता है। यह किसी की निजता का उल्लंघन है, और अगर आप किसी की व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा करते हैं या उनका दुरुपयोग करते हैं तो आप सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act 2000) के तहत जेल जा सकते हैं। इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल अपराध हैं, बल्कि यह किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकती हैं।

गूगल पर सर्च करते समय इन बातों का रखें ध्यान

गूगल पर जानकारी ढूंढना हमारे लिए एक सुविधाजनक तरीका है, लेकिन हमें हमेशा यह समझना चाहिए कि इंटरनेट का उपयोग कानूनी सीमाओं के भीतर किया जाना चाहिए। यदि आप किसी भी अवैध या आपत्तिजनक सामग्री को सर्च करते हैं तो इसका परिणाम गंभीर हो सकता है। इसलिए गूगल का उपयोग करते समय सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि आप किसी भी अवैध गतिविधि से जुड़ी जानकारी सर्च न करें।

गूगल ने हमारी जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन यह जरूरी है कि हम इसका उपयोग जिम्मेदारी से करें। गूगल पर कुछ गलत चीजों को सर्च करना न केवल हमें कानूनी परेशानी में डाल सकता है, बल्कि यह हमें जेल भी भेज सकता है। हमें हमेशा इंटरनेट का उपयोग सही तरीके से करना चाहिए और अवैध सामग्री से दूर रहना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इंटरनेट का सही तरीके से उपयोग करें और इसका लाभ उठाएं, बजाय इसके कि हम खुद को और दूसरों को कानूनी संकट में डालें।

इसलिए, गूगल पर सर्च करते समय सावधानी बरतें और ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार की अवैध जानकारी सर्च करने से न केवल आपकी निजी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, बल्कि आपको गंभीर कानूनी परिणामों का सामना भी करना पड़ सकता है। हमेशा याद रखें कि इंटरनेट पर सुरक्षा और कानून दोनों की सीमाएं होती हैं, और आपको इनका उल्लंघन करने से बचना चाहिए।

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iPhone 18 Pro में मिलेगा सैटेलाइट 5G कनेक्टिविटी, रिमोट एरिया में इंटरनेट का सपना

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iPhone 18 Pro में मिलेगा सैटेलाइट 5G कनेक्टिविटी, रिमोट एरिया में इंटरनेट का सपना

एप्पल के आगामी फ्लैगशिप iPhone 18 Pro की नई लीक सामने आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह iPhone नेक्स्ट-जेनरेशन C2 मॉडम के साथ आएगा और इसमें यूजर्स को सैटेलाइट बेस्ड 5G कनेक्टिविटी का फीचर मिलेगा। क्यूपरटिनो स्थित कंपनी NR-NTN यानी न्यू रेडियो नॉन टेरेस्ट्रियल नेटवर्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। यह तकनीक iPhone को लो-ऑर्बिट सैटेलाइट्स से डायरेक्ट कनेक्ट करने में सक्षम बनाएगी। इस फीचर की मदद से यूजर्स रिमोट एरिया या लो नेटवर्क कवरेज वाले स्थानों पर भी 5G इंटरनेट और कॉलिंग का लाभ उठा सकेंगे।

C2 मॉडम और NR-NTN टेक्नोलॉजी का फायदा

चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo पर पोस्ट हुई जानकारी के अनुसार, iPhone 18 Pro में C2 बेसबैंड में मौजूद NR-NTN तकनीक यूजर के डिवाइस को लो नेटवर्क या नो नेटवर्क कवरेज वाले रिमोट एरिया में भी सैटेलाइट कनेक्टिविटी देगी। इसका मतलब है कि यूजर्स को 5G इंटरनेट और कॉलिंग के लिए ऑन ग्राउंड नेटवर्क कवरेज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एप्पल ने पहले iPhone 14 में सैटेलाइट कनेक्टिविटी फीचर पेश किया था, लेकिन यह काफी लिमिटेड था। नए iPhone 18 Pro में यह फीचर और एडवांस होगा।

iPhone 18 Pro में मिलेगा सैटेलाइट 5G कनेक्टिविटी, रिमोट एरिया में इंटरनेट का सपना

iPhone 14 के मुकाबले बड़ा अपग्रेड

iPhone 14 में यूजर्स को इमरजेंसी SOS, फाइंड माई डिवाइस, मैसेज और रोडसाइड असिस्टेंस जैसी सुविधाएं सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ दी गई थीं। लेकिन यह सभी देशों में उपलब्ध नहीं थी। iPhone 18 Pro का C2 मॉडम पुराने C1 और C1X चिप की तुलना में ज्यादा एडवांस है। यह मॉडम कंजेस्टेड नेटवर्क में भी अच्छी कवरेज दे सकता है। साथ ही इसमें लिमिट प्रिसाइज लोकेशन फीचर भी होने की संभावना है, जो यूजर की लोकेशन की सटीक जानकारी देगा।

वैश्विक टेक कंपनियां भी NR-NTN पर काम कर रही हैं

इस साल चीनी कंपनी Huawei ने भी बताया है कि वह अपना NR-NTN सॉल्यूशन पब्लिक टेस्टिंग के लिए तैयार कर रही है। पिछले साल यह पब्लिक टेस्टिंग के लिए आना था, लेकिन अब इसे इस साल टेस्ट किया जा सकता है। iPhone 18 सीरीज के प्रो मॉडल्स के अलावा iPhone 18 में भी C2 मॉडम दिया जा सकता है। सैटेलाइट कनेक्टिविटी की मदद से यूजर्स बिना नेटवर्क कवरेज के भी 5G सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह फीचर iPhone को रिमोट लोकेशन में भी पूरी तरह काम करने योग्य बनाएगा।

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एयरटेल ने दिसंबर में जोड़े 54.2 लाख नए यूजर्स, कंपनी के यूजर्स 46 करोड़ पार

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एयरटेल ने दिसंबर में जोड़े 54.2 लाख नए यूजर्स, कंपनी के यूजर्स 46 करोड़ पार

भारती एयरटेल अपने नेटवर्क में तेजी से नए यूजर्स जोड़ रही है। हाल ही में TRAI की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दिसंबर महीने में एयरटेल ने 54.2 लाख नए यूजर्स अपने नेटवर्क में शामिल किए। सुनील भारती मित्तल की कंपनी ने अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर्स के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा नए ग्राहकों को आकर्षित किया है। इस वृद्धि के साथ एयरटेल के कुल यूजर्स की संख्या अब 46.33 करोड़ के पार पहुंच गई है। कंपनी ने यह सफलता अपने सस्ते और लंबी वैलिडिटी वाले प्लान्स की वजह से हासिल की है, जिनमें यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा का लाभ मिलता है।

2249 रुपये वाला लंबी वैलिडिटी प्लान

एयरटेल का 2249 रुपये वाला रिचार्ज प्लान सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक बन चुका है। इस प्लान की वैलिडिटी 365 दिनों की है, यानी एक बार रिचार्ज करने के बाद पूरे साल सेवा का लाभ लिया जा सकता है। इस प्लान में यूजर्स को पूरे भारत में किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। इसके अलावा, 3,600 फ्री SMS भी इस प्लान में शामिल हैं। डेटा की बात करें तो यूजर्स को कुल 30GB डेटा मिलता है। साथ ही, 1 साल के लिए Adobe Express Premium का सब्सक्रिप्शन भी इस प्लान में शामिल है, जिससे यूजर्स फोटो और वीडियो एडिटिंग का फायदा उठा सकते हैं।

एयरटेल ने दिसंबर में जोड़े 54.2 लाख नए यूजर्स, कंपनी के यूजर्स 46 करोड़ पार

1798 रुपये वाला फीचर फोन प्लान

एयरटेल ने 2G फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए भी एक सस्ता और लंबी वैलिडिटी वाला प्लान पेश किया है। इस 1798 रुपये वाले प्लान की वैलिडिटी भी 365 दिनों की है। इसमें यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। इसके अलावा यूजर्स को 3,600 फ्री SMS और 1 साल के लिए Adobe Express Premium का सब्सक्रिप्शन भी दिया जाता है। इस प्लान में डेटा शामिल नहीं है, लेकिन यूजर्स चाहें तो डेटा ऐड-ऑन पैक के साथ इसे जोड़ सकते हैं। TRAI के निर्देशों के बाद एयरटेल ने पिछले साल यह लंबी वैलिडिटी वाले प्लान लॉन्च किया था।

एयरटेल की रणनीति और यूजर्स को मिलने वाले लाभ

एयरटेल की यह रणनीति साफ तौर पर नए यूजर्स को आकर्षित करने और मौजूदा ग्राहकों को बनाए रखने पर केंद्रित है। सस्ते और लंबी वैलिडिटी वाले प्लान्स के जरिए कंपनी ने मोबाइल डेटा और कॉलिंग की जरूरतों को पूरा किया है। यह प्लान्स न केवल व्यक्तिगत यूजर्स बल्कि छोटे व्यवसायों और लंबे समय तक सेवाओं की तलाश करने वाले यूजर्स के लिए भी लाभकारी हैं। कंपनी की यह पहल भारतीय टेलीकॉम उद्योग में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगी और अन्य ऑपरेटर्स को भी नए और आकर्षक प्लान्स पेश करने के लिए प्रेरित करेगी।

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TRAI का नया AI प्रस्ताव स्पैम कॉल्स पर करेगा तुरंत कार्रवाई और नंबर को ब्लॉक

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TRAI का नया AI प्रस्ताव स्पैम कॉल्स पर करेगा तुरंत कार्रवाई और नंबर को ब्लॉक

टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने फर्जी कॉल्स और ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एक नया प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना के तहत यूजर्स के नंबर पर आने वाली संदिग्ध कॉल्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए ऑटोमैटिकली डिटेक्ट किया जाएगा। AI फिल्टर कॉल को खुद पहचान लेगा और जिस नंबर से फर्जी कॉल आ रही होगी, उसे बिना किसी शिकायत के ही ब्लॉक कर दिया जाएगा। TRAI का उद्देश्य इस कदम से टेलीकॉम यूजर्स को लगातार बढ़ रही स्पैम कॉल्स और धोखाधड़ी से बचाना है।

स्पैम कॉल्स के खिलाफ सख्ती बढ़ाने की योजना

ET टेलीकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, TRAI मौजूदा नियमों में बदलाव कर स्पैम कॉल्स पर और सख्ती लाने वाला है। वर्तमान नियमों के मुताबिक, किसी नंबर पर तभी कार्रवाई होती है जब 10 दिनों में उस नंबर के खिलाफ कम से कम पांच शिकायतें दर्ज हों। TRAI अब इस नियम में बदलाव पर विचार कर रहा है और इंडस्ट्री से सुझाव मांग रहा है। AI फिल्टर लागू होने के बाद संदिग्ध नंबरों को तुरंत ब्लॉक किया जा सकेगा, जिससे फर्जी कॉल्स के मामले में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

TRAI का नया AI प्रस्ताव स्पैम कॉल्स पर करेगा तुरंत कार्रवाई और नंबर को ब्लॉक

स्पैम कॉल्स की बढ़ती घटनाओं के आंकड़े

दूरसंचार विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक स्पैम कॉल्स की शिकायतें 3.34 लाख के पार पहुंच गई थीं। वहीं फरवरी 2025 में केवल 1.16 लाख शिकायतें ही दर्ज हुई थीं। टेलीकॉम कंपनियां हर महीने लगभग 30 से 40 करोड़ कॉल्स को संदिग्ध मानकर मॉनिटर करती हैं। इसके बावजूद यूजर्स द्वारा रोजाना की जाने वाली शिकायतें केवल 10 हजार प्रतिदिन ही दर्ज होती हैं। यही वजह है कि TRAI ने AI आधारित ऑटोमैटिक डिटेक्शन की योजना पेश की है, ताकि स्पैम कॉल्स के खिलाफ तेजी से और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

स्टेकहोल्डर्स के कमेंट और संभावित चुनौतियां

TRAI के इस प्रस्ताव से स्कैमर्स के साथ-साथ कुछ वैध सेवाओं में भी परेशानी आ सकती है। उदाहरण के लिए, ऑनलाइन डिलीवरी एजेंट्स या बैंकिंग सेवाओं द्वारा किए जाने वाले कॉल्स AI के नजरिए में फर्जी कॉल के रूप में पहचान किए जा सकते हैं। ऐसे में जरूरी कॉल्स ब्लॉक होने की संभावना रहती है। TRAI फिलहाल इस प्रस्ताव पर स्टेकहोल्डर्स की राय का इंतजार कर रहा है। उनके सुझावों के बाद ही अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि फर्जी कॉल्स रोकने के साथ-साथ सामान्य सेवाओं में कोई बाधा न आए।

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