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Google Maps में आया बड़ा बदलाव—Gemini ने संभाली कमान, अब क्या-क्या हो सकेगा सिर्फ आवाज़ से?
Google Maps: गूगल ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि उसका नया एआई असिस्टेंट Gemini, Google Assistant की जगह लेगा। अब यह बदलाव धीरे-धीरे लागू होना शुरू हो गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अब गूगल मैप्स में नेविगेशन के दौरान Gemini आपकी मदद करने के लिए उपलब्ध है। इसके जरिए उपयोगकर्ता केवल आवाज़ के निर्देश देकर किसी भी गंतव्य तक नेविगेशन शुरू कर सकते हैं, रास्ते में आने वाली जगहों की जानकारी ले सकते हैं और अपना ETA यानी अनुमानित पहुंच समय दूसरों के साथ आसानी से साझा कर सकते हैं।
सभी डिवाइसों पर धीरे-धीरे उपलब्ध हो रहा Gemini
9to5Google की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल मैप्स में Gemini सपोर्ट सभी डिवाइसों पर रोलआउट किया जा रहा है। हालांकि यह सुविधा कुछ अकाउंट्स या डिवाइसों पर पहले दिख सकती है। कंपनी ने अपने सपोर्ट पेज को भी अपडेट किया है, जिसमें बताया गया है कि पहले यह फीचर केवल ड्राइविंग मोड के लिए उपलब्ध था, लेकिन अब यह सभी नेविगेशन मोड्स—ड्राइविंग, वॉकिंग और टू-व्हीलर—के लिए उपलब्ध रहेगा। यानी अब पैदल चलते समय भी उपयोगकर्ता Gemini से दिशा, रास्ते की जानकारी और अन्य सहायता ले सकेंगे।

ऐसे करें गूगल मैप्स में Gemini का इस्तेमाल
Gemini का उपयोग करना बेहद आसान है।
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अपने एंड्रॉयड फोन या टैबलेट में Google Maps ऐप खोलें।
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नेविगेशन मोड में आने के बाद “Hey Google” कहें या माइक्रोफोन बटन दबाकर एआई असिस्टेंट को सक्रिय करें।
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इसके बाद सरल भाषा में किसी भी तरह का निर्देश दें।
गूगल के अनुसार, मैप्स में Gemini वही भाषा और वॉयस सेटिंग इस्तेमाल करता है जो आपके गूगल अकाउंट में पहले से सेट होती हैं। यदि चाहें तो उपयोगकर्ता असिस्टेंट की भाषा बदल भी सकते हैं। यह आपके लोकेशन प्रेफरेंस के आधार पर जवाब देता है, जिससे नेविगेशन और भी सटीक और उपयोगी हो जाता है।
क्या खास है Gemini सपोर्ट में?
गूगल का दावा है कि Gemini के आने से गूगल मैप्स का हैंड्स-फ्री अनुभव पहले से कहीं बेहतर हो गया है। अब उपयोगकर्ताओं को विशेष कमांड याद रखने की जरूरत नहीं होगी। यह असिस्टेंट सामान्य भाषा में दिए गए निर्देशों को भी समझता है, जैसे—“आगे ट्रैफिक जाम दिख रहा है”, “यहां बाढ़ जैसा लग रहा है” या “रास्ते में कोई अच्छा रेस्टोरेंट बताओ।”
Gemini मैसेज का अनुवाद कर सकता है, यात्रा के दौरान सुझाव दे सकता है, और बिना किसी बटन दबाए Gemini Live बातचीत मोड भी शुरू कर सकता है। यह कैलेंडर से जुड़कर आपके इवेंट्स को अपडेट कर देता है और कार में बैठे-बैठे ही आपको ताज़ा खबरें और खेल जगत की जानकारी दे सकता है।
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Google Search का विवादित जवाब, एलोन मस्क ने तकनीक की विश्वसनीयता पर उठाया सवाल
टेक्नोलॉजी की दुनिया के चर्चित नाम एलोन मस्क एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपने बेबाक और सटीक कमेंट्स के लिए जाने जाने वाले मस्क ने इस बार Google Search की कार्यप्रणाली पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक यूजर के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए गूगल के एक अजीब और भ्रमित करने वाले सर्च रिजल्ट पर चुप्पी तोड़ी। इस पोस्ट में दिखाया गया था कि जब गूगल से पूछा गया, “अगला साल 2027 है क्या?” तो गूगल ने contradictory यानी विरोधाभासी जवाब दिया, जो तकनीकी जगत में चर्चा का विषय बन गया।
गूगल के जवाब में दो विरोधाभासी तथ्य
मामला यह था कि गूगल ने सही जानकारी भी दी और गलत जानकारी भी। गूगल ने यह बताया कि अगला साल 2026 है, जिसके बाद 2027 आता है। लेकिन वहीं नीचे उसी रिजल्ट में यह भी दिखाया गया कि 2026 वर्तमान साल है और 2027 अगला साल है। इस तरह की विपरीत जानकारी ने उपयोगकर्ताओं को भ्रमित कर दिया। खासकर तब जब यह जानकारी पूरी निश्चितता के साथ प्रदर्शित हो रही हो, तो इसे स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है। मस्क ने इस मामले पर बस इतना कहा कि “सुधार की गुंजाइश है,” जो एक छोटा लेकिन बहुत सशक्त व्यंग्य था। उनका संदेश साफ था कि विश्व की सबसे भरोसेमंद सर्च इंजन भी गलतियां कर सकती है।
2026 is not working great for Google 😑 pic.twitter.com/KZlpqkwko3
— X Freeze (@XFreeze) January 6, 2026
गूगल सर्च और उपयोगकर्ताओं की भरोसेमंदी
गूगल सर्च लंबे समय से इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की पहली पसंद रही है। चाहे आसान सवाल हों या जटिल जानकारी, लोग बिना शंका के गूगल पर भरोसा करते हैं। एआई चैटबॉट्स के आने तक गूगल को लगभग हर सवाल का जवाब समझा जाता था। लेकिन इसी भरोसे ने कभी-कभी समस्याएं भी पैदा की हैं। अक्सर लोग बिना किसी जांच-पड़ताल के गूगल के जवाबों को सच्चाई मान लेते हैं, जो जोखिम भरा हो सकता है। तारीख जैसे मामूली विषय पर हुई गलती भी भ्रम बढ़ाती है, लेकिन अगर ऐसा वित्तीय, स्वास्थ्य या कानूनी जानकारियों में हो तो नतीजे बहुत गंभीर हो सकते हैं। इसलिए बड़ी टेक कंपनियों से शून्य त्रुटि की उम्मीद होती है।
तकनीक की बढ़ती जिम्मेदारी और उपयोगकर्ताओं के लिए सीख
खोज इंजन भी गलत हो सकते हैं, यह बात आमतौर पर लोग मानना पसंद नहीं करते। लेकिन सच यह है कि गूगल समेत सभी सर्च प्लेटफॉर्म्स अपने डेटा स्रोतों, AI मॉडल्स और ऑटोमेटेड सिस्टम पर निर्भर होते हैं। कभी-कभी डेटा में टकराव होने से गलत या पुरानी जानकारी आ सकती है। खासकर Features जैसे Featured Snippets और Instant Answers में त्रुटियां हो सकती हैं। आज जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विकसित हो रहा है, तो टेक कंपनियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद जानकारी दें। मस्क का यह कमेंट सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि तकनीकी दुनिया को लगातार सुधार करते रहना चाहिए।
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