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टेक्नॉलॉजी

Google AI Mode: गूगल सर्च में आया AI मोड, अब जवाब मिलेगा स्मार्ट और तेज़

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Google AI Mode: गूगल सर्च में आया AI मोड, अब जवाब मिलेगा स्मार्ट और तेज़

Google AI Mode: गूगल ने अपने सर्च इंजन को और भी स्मार्ट बना दिया है। अब भारत में भी गूगल सर्च में “AI मोड” नाम का नया फीचर शुरू हो गया है। इस फीचर की मदद से यूज़र्स को अपने सवालों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जवाब मिलेगा जो पहले से ज्यादा सटीक और डिटेल में होगा। इस फीचर को कई महीनों से टेस्ट किया जा रहा था और अब इसे आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया गया है।

अब मिलेगा ज्यादा स्पष्ट और तेज़ रिजल्ट

गूगल का कहना है कि यह नया AI मोड फीचर यूज़र्स को पहले से कहीं बेहतर क्वालिटी की जानकारी देगा। इसका मतलब है कि जब आप गूगल पर कुछ सर्च करेंगे तो आपको सिर्फ लिंक नहीं बल्कि सीधा जवाब भी मिलेगा। यह फीचर किसी भी लॉगिन की ज़रूरत के बिना इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही गूगल ऐप में इसके लिए एक अलग टैब दिखाई देगा जहां से आप इसे एक्सेस कर सकते हैं।

Google AI Mode: गूगल सर्च में आया AI मोड, अब जवाब मिलेगा स्मार्ट और तेज़

कैसे काम करता है AI मोड

गूगल सर्च में मिलने वाला AI मोड फीचर मल्टीमोडल है यानी आप सिर्फ टाइपिंग नहीं बल्कि फोटो और वॉयस कमांड से भी सर्च कर सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपको किसी पौधे के बारे में जानना है तो आप उसकी फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं या माइक आइकन दबाकर बोलकर भी सर्च कर सकते हैं। AI मोड इसके बाद आपको पूरी जानकारी विस्तार से देगा।

 कैसे करें इस्तेमाल AI मोड का

AI मोड को गूगल सर्च में धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से रोल आउट किया जा रहा है। जल्द ही सभी यूज़र्स इसे इस्तेमाल कर पाएंगे। इसके लिए आपको गूगल सर्च ओपन करना होगा जहां एक नया “AI मोड” ऑप्शन मिलेगा। उस पर टैप करने के बाद आप सामान्य रूप से सर्च कर सकते हैं। इसके अलावा गूगल ऐप में भी एक अलग टैब मिलेगा जिससे मोबाइल यूज़र्स आसानी से इसका लाभ ले सकेंगे।

क्या-क्या होंगे फायदे

इस फीचर से यूज़र्स को लंबी और सटीक जानकारी एक जगह पर मिलेगी जिससे उन्हें अलग-अलग साइट पर जाकर पढ़ने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। यह खासतौर पर छात्रों, रिसर्च करने वालों और उन यूज़र्स के लिए फायदेमंद होगा जो किसी भी विषय पर गहराई से जानकारी पाना चाहते हैं। साथ ही वॉयस और फोटो सर्च की सुविधा इसे और आसान बनाती है।

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Business

क्या Vivo X200T 5G बना पाएगा Motorola को टक्कर? कीमत और कैमरा की पूरी जानकारी

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Vivo X200T 5G: कम कीमत में मिलेगी फ्लैगशिप कैमरा और दमदार परफॉर्मेंस

Vivo X200T 5G आखिरकार आज भारतीय बाजार में दस्तक देने वाला है। यह नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो हाई-क्वालिटी कैमरा और बेहतर परफॉर्मेंस की तलाश में हैं लेकिन बजट को लेकर चिंतित हैं। कंपनी इसे दोपहर 12 बजे लॉन्च करेगी और फोन की बिक्री Flipkart और Vivo की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू होगी।

इस फोन की सबसे बड़ी खासियत है इसका ट्रिपल 50 मेगापिक्सल कैमरा सेटअप। इसमें प्राइमरी कैमरा के साथ 50MP अल्ट्रा वाइड और 50MP सुपर टेलीफोटो सेंसर भी मौजूद हैं, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सेल्फी के लिए फ्रंट में 32MP का कैमरा दिया गया है, जो वीडियो कॉलिंग और सेल्फी दोनों में शानदार प्रदर्शन करता है।

परफॉर्मेंस के लिहाज से Vivo X200T मीडियाटेक का दमदार Dimensity 9400 Plus प्रोसेसर लेकर आता है। यह प्रोसेसर मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिए खासा बेहतर माना जाता है। बैटरी की बात करें तो फोन में 6200mAh की बड़ी क्षमता वाली बैटरी दी गई है, जो 90W फास्ट चार्जिंग और 40W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ लंबे समय तक चलने की गारंटी देती है।

कीमत की बात करें तो टिप्स्टर संजू चौधरी के अनुसार, 12GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत लगभग 59,999 रुपए हो सकती है। वहीं, 12GB/512GB वेरिएंट करीब 69,999 रुपए में उपलब्ध होगा। इसके अलावा चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर 5000 रुपए तक का डिस्काउंट और 2000 रुपए के कूपन की भी सुविधा मिल सकती है।

Vivo X200T की यह कीमत इसे Motorola Signature जैसे प्रतिस्पर्धियों से सीधे मुकाबला करने वाला बनाती है। अब बस इंतजार है लॉन्च के ऑफिशियल रेट और सेल के दिन का, जो आज ही सामने आ जाएगा।

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टेक्नॉलॉजी

Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी

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Microsoft AI चीफ का बड़ा दावा, पांच साल में हर इंसान के पास AI साथी

Microsoft AI Chief: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ दफ्तरों और बड़ी मशीनों तक सीमित नहीं रह गया है. यह धीरे धीरे इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी जगह बना रहा है. Mustafa Suleyman जो Microsoft में AI से जुड़ी अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं उनका मानना है कि आने वाले करीब पांच सालों में हर इंसान के पास उसका अपना निजी AI कंपैनियन होगा. यह AI केवल सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इंसान की जरूरतों को गहराई से समझेगा. Suleyman के अनुसार भविष्य का AI एक ऐसा डिजिटल साथी होगा जो इंसान के सोचने के तरीके को पहचानेगा और समय के साथ और ज्यादा समझदार बनता चला जाएगा. यह बदलाव तकनीक को इंसानी अनुभव के और ज्यादा करीब ले जाएगा.

इंसान की तरह समझने वाला AI

Suleyman ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भविष्य का AI सिर्फ आदेश मानने वाली मशीन नहीं होगा. यह यूजर की पसंद नापसंद आदतों और सोच को समझेगा. उनका कहना है कि यह AI वही देखेगा जो यूजर देखता है और वही सुनेगा जो यूजर सुनता है. हालात को भी यह उसी नजरिए से समझेगा जिससे इंसान समझता है. Suleyman के मुताबिक ऐसा AI हमेशा साथ रहने वाले दोस्त जैसा महसूस होगा. यह जिंदगी के बड़े फैसलों में मदद करेगा और मुश्किल समय में सहारा बनेगा. उनका मानना है कि यह तकनीक इंसान और मशीन के रिश्ते को पूरी तरह बदल देगी और AI को ज्यादा भरोसेमंद बनाएगी.

सोशल मीडिया पर तेज बहस

Suleyman के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने इसे भविष्य की सबसे बड़ी क्रांति बताया. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह दावा जरूरत से ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है. कई यूजर्स ने कहा कि वे ऐसा AI चाहते हैं जो खुलकर अपनी बात रख सके और सीमाओं में बंधा न हो. कुछ लोगों को यह भी लगा कि अगर इस बदलाव में पांच साल लगेंगे तो तकनीक की रफ्तार काफी धीमी मानी जाएगी. कई यूजर्स का तो मानना है कि ऐसा AI इससे भी पहले आम लोगों के हाथ में आ सकता है. इस बहस ने यह साफ कर दिया कि AI को लेकर लोगों में उत्सुकता के साथ साथ चिंता भी बराबर मौजूद है.

इंसान केंद्रित AI की सोच

Microsoft से पहले Mustafa Suleyman ने Inflection AI की सह स्थापना की थी जहां उन्होंने Pi नाम का एक खास AI चैटबॉट बनाया था. Pi को भावनात्मक रूप से समझदार AI के रूप में पेश किया गया था. इसका मकसद यूजर्स से सहज बातचीत करना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना था. यह दूसरे AI टूल्स से अलग था क्योंकि इसका फोकस तकनीकी जवाबों से ज्यादा इंसानी संवाद पर था. Suleyman लंबे समय से ऐसे AI की वकालत करते रहे हैं जो इंसानों के हित में काम करे. उनका मानना है कि भविष्य की सुपर एडवांस्ड AI तकनीक मानव मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए. उनके अनुसार AI को आजादी देने से पहले उसमें सही नियंत्रण और सीमाएं तय करना जरूरी है ताकि वह इंसान का भरोसेमंद साथी बन सके.

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टेक्नॉलॉजी

Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण

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Elon Musk ने एप्पल-गूगल साझेदारी पर किया भड़काऊ हमला, कहा ये है अनुचित शक्ति केंद्रीकरण

टेक्नोलॉजी जगत में एक बार फिर बड़ा विवाद छिड़ गया है। टेस्ला और xAI के संस्थापक Elon Musk ने एप्पल और गूगल के बीच हाल ही में हुई साझेदारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस गठजोड़ को “अनुचित शक्ति का केंद्रीकरण” करार दिया है। यह साझेदारी iPhone के वॉइस असिस्टेंट सिरी में गूगल के AI असिस्टेंट को शामिल करने को लेकर है। मस्क का कहना है कि गूगल पहले से ही एंड्रॉइड और क्रोम जैसी बड़ी प्लेटफॉर्म्स का मालिक है, ऐसे में एप्पल का AI गूगल को सौंपना उसकी ताकत को असहज रूप से बढ़ाएगा। उन्होंने इसे पूरी इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह भी बताया है।

Elon Musk की तीखी प्रतिक्रिया और xAI कंपनी की स्थिति

Elon Musk ने गूगल की इस साझेदारी की घोषणा के बाद X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गूगल के पास पहले से ही कई बड़े प्लेटफॉर्म हैं और एप्पल का AI भी उन्हें देना सही नहीं होगा। इससे टेक्नोलॉजी में एकाधिकार की समस्या और बढ़ेगी। यह ध्यान देने वाली बात है कि मस्क की अपनी AI कंपनी xAI भी AI के क्षेत्र में सक्रिय है। xAI ने कुछ साल पहले एजेंटिक AI Grok को लॉन्च किया था, जो AI वर्चुअल असिस्टेंट के तौर पर काम करता है। इसी वजह से मस्क के लिए यह गठजोड़ एक प्रतिद्वंद्वी की ताकत को बढ़ाने जैसा लग रहा है।

Grok पर चल रहे विवाद और कानूनी झगड़े

Elon Musk की कंपनी xAI और एप्पल के बीच पहले से ही विवाद जारी है। मस्क ने एप्पल और OpenAI पर मुकदमा दायर किया है जिसमें उन्होंने Apple App Store की नीतियों को Grok के लिए हानिकारक बताया है। वहीं Grok AI को लेकर कई देशों में भी विवाद उठे हैं। इंडोनेशिया और मलेशिया ने Grok को अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट जनरेट करने के आरोप में बैन कर दिया है। भारत और यूरोपीय यूनियन की सरकारों ने भी Grok की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई है। भारत सरकार की IT मंत्रालय ने Grok से हानिकारक कंटेंट हटाने के आदेश जारी किए, जिनका पालन xAI ने किया।

एप्पल-गूगल साझेदारी से iPhone यूजर्स को होंगे फायदे

जहां एक ओर यह साझेदारी विवादों का विषय बनी हुई है, वहीं लाखों iPhone यूजर्स के लिए यह एक बड़ी सुविधा साबित होगी। गूगल जेमिनी AI के सपोर्ट से सिरी पहले से भी ज्यादा स्मार्ट और सक्षम बन जाएगा। यूजर्स अब सिरी के जरिए कई नई सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे जैसे कि लाइव ट्रांसलेशन और बेहतर वॉइस कमांड। यह अपडेट iPhone, iPad और एप्पल के अन्य डिवाइसेज में उपलब्ध होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, एप्पल इस साझेदारी के लिए गूगल को हर साल लगभग 1 बिलियन डॉलर की राशि देगा। इससे दोनों टेक दिग्गजों को अपने AI क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी, लेकिन एलन मस्क जैसे विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ेगी कि कहीं इस गठजोड़ से बाजार में असंतुलन न पैदा हो जाए।

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