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Gold Price Today: वैश्विक व्यापार में अस्थिरता के कारण सोने की कीमत में बेतहाशा वृद्धि
Gold Price Today: सोने की कीमतें आज वैश्विक स्तर पर नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया टैरिफ युद्ध अब व्यापक रूप से फैल चुका है, जिससे वैश्विक व्यापार में अस्थिरता बढ़ी है। इस अस्थिरता ने सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत किया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, शुक्रवार को कमोडिटी मार्केट (Comex) पर सोने की कीमत 3001 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। शुक्रवार को सोने की वैश्विक कीमत 0.33 प्रतिशत या 9.80 डॉलर बढ़कर 3001.10 डॉलर प्रति डॉलर पर बंद हुई। वहीं, गोल्ड स्पॉट (Gold Spot) की कीमत 2984.16 डॉलर प्रति औंस रही, जिसमें 0.17 प्रतिशत या 5.02 डॉलर की गिरावट आई।
वैश्विक व्यापार में अस्थिरता और सोने की बढ़ती कीमतें
सोने की इस तेजी से बढ़ती कीमत का कारण वैश्विक व्यापार में अस्थिरता और यूएस के विशिष्ट दृष्टिकोण से निवेशकों की चिंता को माना जा रहा है। जब भी वैश्विक प्रगति में कोई रुकावट आती है, आर्थिक अस्थिरता पैदा होती है, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ते हैं, या स्टॉक मार्केट में गिरावट आती है, तब सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत होता है। इन परिस्थितियों में, केंद्रीय बैंकों और व्यापारी सोने के बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी में बढ़ोतरी की जाती है, जिससे सोने की कीमतों में और भी वृद्धि होती है।
सोने की कीमत का रिकॉर्ड हाई होना
गोल्ड की कीमतों में यह अचानक वृद्धि, दुनिया भर में व्यापार और आर्थिक अस्थिरता के प्रति बढ़ती चिंता का संकेत है। व्यापारिक संघर्ष, विशेष रूप से यूएस और अन्य देशों के बीच व्यापार युद्ध की स्थिति, निवेशकों को अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश करने के लिए प्रेरित कर रही है। इससे सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। विशेष रूप से, 3001 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचकर सोने ने एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। यह वृद्धि एक बड़े वित्तीय संकट की ओर इशारा कर सकती है, जहां सोना हमेशा सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।
सोने के मूल्य में अंतर्राष्ट्रीय बाजार की भूमिका
सोने की कीमतों में बदलाव केवल वैश्विक व्यापार अस्थिरता या आर्थिक घटनाओं के कारण ही नहीं होता, बल्कि केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी और व्यापारी गोल्ड बैंकों द्वारा की गई खरीदारी भी इसका कारण है। जब भी किसी देश की आर्थिक स्थिति खराब होती है या वैश्विक संकट की स्थिति बनती है, तो निवेशक सोने को अपनी संपत्ति की सुरक्षा के रूप में देखने लगते हैं। यही कारण है कि सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, क्योंकि यह एक स्थिर और सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।
घरेलू बाजार में सोने की कीमत में गिरावट
हालांकि वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में तेजी आई है, घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई है। शुक्रवार को भारतीय बाजार में सोने का भाव 0.03 प्रतिशत यानी 28 रुपये घटकर 87,963 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसके बावजूद, घरेलू बाजार में भी सोने की मांग बनी हुई है, और निवेशक इसे एक सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
भारतीय बाजार में सोने की स्थिति और आगामी ट्रेंड
भारत में सोने का एक लंबा इतिहास रहा है और यह हमेशा निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प के रूप में देखा जाता है। घरेलू बाजार में सोने की मांग में हल्की गिरावट आई है, लेकिन यह अस्थायी है। जैसे-जैसे वैश्विक अस्थिरता बढ़ेगी, सोने की कीमतों में फिर से उछाल आ सकता है। 4 अप्रैल 2025 को भारतीय बाजार में सोने की कीमत 87,963 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। हालांकि इसमें गिरावट आई, लेकिन यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सोने की कीमत में वृद्धि हो सकती है, खासकर जब वैश्विक व्यापार में और अस्थिरता आएगी।
सोने की बढ़ती कीमतों के पीछे प्रमुख कारण
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आर्थिक अस्थिरता – वैश्विक व्यापार युद्ध, विशेष रूप से अमेरिका द्वारा शुरू किए गए टैरिफ युद्ध ने वैश्विक व्यापार अस्थिरता को बढ़ा दिया है। इस अस्थिरता के कारण निवेशक अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सोने का रुख कर रहे हैं।
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भू-राजनीतिक तनाव – जब भी किसी देश के बीच संघर्ष या तनाव होता है, तब निवेशक सोने में अपनी पूंजी निवेश करते हैं, क्योंकि यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प है।
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स्टॉक मार्केट में गिरावट – स्टॉक मार्केट में गिरावट से भी सोने की कीमतों में वृद्धि होती है। जब निवेशक स्टॉक मार्केट से बाहर निकलते हैं, तो वे अपना पैसा सोने में निवेश करते हैं।
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सेंट्रल बैंक द्वारा सोने की खरीदारी – कई केंद्रीय बैंक सोने की खरीदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे सोने की कीमतों में वृद्धि हो रही है। केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने का भंडार बढ़ाना इसका प्रमुख कारण है।
आने वाले दिनों में सोने की कीमतें
आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, खासकर जब वैश्विक आर्थिक स्थिति और अस्थिर होगी। साथ ही, स्टॉक मार्केट में गिरावट और भू-राजनीतिक संकटों की स्थिति में भी सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। भारतीय बाजार में भी यह उम्मीद जताई जा रही है कि सोने की कीमतें 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।
निवेशकों के लिए सिफारिशें
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सोने में निवेश करें – यदि आप सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं, तो सोने में निवेश एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक सोना एक सुरक्षित विकल्प है।
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स्वर्ण बचत योजना – यदि आप नियमित रूप से सोने में निवेश करना चाहते हैं, तो आप स्वर्ण बचत योजनाओं का विकल्प भी चुन सकते हैं, जहां आप छोटे हिस्से में सोने का निवेश कर सकते हैं।
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सोने की कीमतों पर नजर रखें – चूंकि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसलिए निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति का विश्लेषण करें।
वैश्विक व्यापार अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव, और स्टॉक मार्केट में गिरावट के कारण सोने की कीमतें बढ़ रही हैं। निवेशकों के लिए यह एक सुरक्षित निवेश विकल्प बन चुका है। सोने की कीमतों में और वृद्धि की संभावना है, खासकर जब वैश्विक संकटों के चलते निवेशकों की सोने में रुचि बढ़ेगी।