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कोच बने Gautam Gambhir, लेकिन बयान से भड़के फैंस – विराट-रोहित को बताया गैरज़रूरी?
Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज को शानदार अंदाज़ में 2-2 की बराबरी पर खत्म किया। ओवल टेस्ट में भारत ने 6 रन से रोमांचक जीत दर्ज की। इस जीत के बाद बीसीसीआई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया जिसमें खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन और टीम भावना पर बात की। इसी वीडियो में टीम इंडिया के नए मुख्य कोच गौतम गंभीर का एक बयान अब चर्चा में आ गया है।
“टीमवर्क ही असली ताकत है” – गंभीर का बयान
वीडियो में गौतम गंभीर कहते नजर आते हैं – “इस टीम की सोच यही है कि कोई एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरी टीम को प्रदर्शन करना है। जिस तरह से इन खिलाड़ियों ने खेला है, मैं हमेशा कहता हूं कि जो भी आपको मिलना चाहिए, वह जरूर मिलेगा।” गंभीर की यह बात सुनने में सामान्य लग सकती है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ फैंस ने इसे विराट कोहली और रोहित शर्मा के संदर्भ में लिया है। लोगों का मानना है कि गंभीर का इशारा सुपरस्टार संस्कृति की ओर था।
फैंस की प्रतिक्रिया: “क्या विराट-रोहित को बताया गया अप्रासंगिक?”
गंभीर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूज़र्स ने इसे एक छुपा हुआ तंज माना और कहा कि गंभीर शायद उन खिलाड़ियों पर कटाक्ष कर रहे हैं जो व्यक्तिगत ब्रांड बन चुके थे। विराट कोहली और रोहित शर्मा ने इस सीरीज से पहले ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। ऐसे में गंभीर का “कोई एक नहीं” वाला बयान कई लोगों को चुभ गया।
भारत की ऐतिहासिक जीत में चमके नए सितारे
पांचवें टेस्ट की बात करें तो भारत ने पहली पारी में सिर्फ 224 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड ने 247 रन बनाकर बढ़त ली, लेकिन भारत की दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल ने शानदार 118 रन बनाए, जबकि अकाश दीप और वॉशिंगटन सुंदर ने उपयोगी अर्धशतक लगाए। इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रन का लक्ष्य मिला, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम समय पर दम दिखाकर उन्हें 367 रन पर समेट दिया।
नए युग की ओर बढ़ती टीम इंडिया
इस सीरीज में कई युवा खिलाड़ियों ने खुद को साबित किया, जिससे स्पष्ट हो गया कि भारतीय टेस्ट टीम अब एक नई पीढ़ी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। कोच गंभीर का फोकस स्पष्ट है – व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज़्यादा टीम की सफलता मायने रखती है। अब देखना होगा कि भविष्य में कोहली-रोहित के बिना यह टीम कैसे खुद को और मज़बूत बनाती है।