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ओवरहीटिंग से स्टोरेज तक, ऐसे सुधारें पुराने लैपटॉप की परफॉर्मेंस
अक्सर देखा जाता है कि ज्यादातर लैपटॉप 3-4 साल बाद पुराने लगने लगते हैं और 5-7 साल में उनकी परफॉर्मेंस काफी गिर जाती है। सिस्टम स्लो हो जाता है, ऐप्स खुलने में समय लेते हैं और बैटरी भी जल्दी खत्म होने लगती है। ऐसे में कई लोग नया लैपटॉप खरीदने के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन हर बार नया डिवाइस खरीदना जरूरी नहीं होता। कुछ सस्ते और उपयोगी गैजेट्स की मदद से आप अपने पुराने लैपटॉप को लगभग नए जैसा बना सकते हैं। इससे न केवल आपका पैसा बचेगा, बल्कि आपको बेहतर स्पीड और स्मूथ अनुभव भी मिलेगा। आइए जानते हैं किन-किन गैजेट्स की मदद से आप अपने पुराने लैपटॉप की परफॉर्मेंस सुधार सकते हैं।
कूलिंग पैड: ओवरहीटिंग से मिलेगा छुटकारा
पुराने लैपटॉप में ओवरहीटिंग की समस्या आम होती है। भारी सॉफ्टवेयर चलाने या लंबे समय तक काम करने पर सिस्टम गर्म हो जाता है, जिससे उसकी स्पीड कम हो जाती है। कई बार वेंट्स में धूल जमने या फैन के ठीक से काम न करने की वजह से भी यह समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में कूलिंग पैड एक आसान और किफायती समाधान है। बाजार में अलग-अलग कीमत और डिजाइन में उपलब्ध कूलिंग पैड लैपटॉप के नीचे से अतिरिक्त हवा प्रदान करते हैं, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है। इससे न केवल लैपटॉप की स्पीड बेहतर होती है, बल्कि उसकी लाइफ भी बढ़ती है।

एक्सटर्नल माउस-कीबोर्ड और USB हब से बढ़ाएं सुविधा
लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद लैपटॉप का कीबोर्ड या ट्रैकपैड खराब होने लगता है। कई बार कुछ कीज़ काम करना बंद कर देती हैं या ट्रैकपैड सही से रिस्पॉन्स नहीं देता। ऐसे में पूरा कीबोर्ड बदलवाना महंगा पड़ सकता है। इसके बजाय आप एक्सटर्नल कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कम खर्च में समस्या का समाधान दे देता है। वहीं, 8-10 साल पुराने लैपटॉप में USB पोर्ट की संख्या कम होती है या वे लेटेस्ट स्टैंडर्ड सपोर्ट नहीं करते। बार-बार डिवाइस निकालने और लगाने से दिक्कत होती है। इस स्थिति में USB हब काफी काम आता है। एक USB हब की मदद से आप एक साथ कई डिवाइस—जैसे पेन ड्राइव, माउस, कीबोर्ड या हार्ड ड्राइव—कनेक्ट कर सकते हैं।
एक्सटर्नल स्टोरेज से पाएं नई स्पीड और ज्यादा जगह
पुराने लैपटॉप में स्टोरेज की कमी भी बड़ी समस्या बन जाती है। जब हार्ड ड्राइव लगभग फुल हो जाती है, तो सिस्टम की स्पीड पर सीधा असर पड़ता है। फाइल्स ओपन होने में समय लगता है और सिस्टम हैंग होने लगता है। ऐसे में एक्सटर्नल स्टोरेज एक बेहतरीन विकल्प है। बाजार में दो प्रमुख विकल्प मिलते हैं—HDD और SSD। HDD सस्ता होता है और इसमें आप अपने पर्सनल फाइल्स, मूवी या गेम्स स्टोर कर सकते हैं। वहीं SSD थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन यह ज्यादा तेज और भरोसेमंद होता है। यदि आप बेहतर स्पीड चाहते हैं तो SSD एक शानदार निवेश साबित हो सकता है। इन छोटे-छोटे गैजेट्स की मदद से आप अपने पुराने लैपटॉप को बिना बदले ही नया जैसा अनुभव पा सकते हैं।
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Samsung Galaxy S26 में AirDrop सुविधा से Apple डिवाइस के साथ फाइल शेयरिंग अब आसान
सैमसंग ने अपने Galaxy S26 सीरीज़ में आधिकारिक तौर पर AirDrop सुविधा को पेश किया है। अब इस नई सुविधा के साथ, उपयोगकर्ताओं को Samsung और Apple डिवाइस के बीच फाइल साझा करने के लिए किसी तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन की आवश्यकता नहीं होगी। इस सुविधा की शुरुआत फिलहाल कोरियाई संस्करण में की गई है और जल्द ही इसे ग्लोबल स्तर पर लॉन्च किया जाएगा। यह सुविधा Android के Quick Share टूल और Apple के AirDrop के बीच पूर्ण संगतता प्रदान करती है, जिससे Samsung और Apple दोनों उपयोगकर्ताओं को महत्वपूर्ण सुविधा मिल सकेगी। कोरिया में शुरुआत के बाद, यह सुविधा यूरोप, हांगकांग, जापान, लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और ताइवान सहित अन्य बाजारों में उपलब्ध कराई जाएगी।
Galaxy S26 उपयोगकर्ताओं को अब तीसरे ऐप की जरूरत नहीं
Galaxy S26 सीरीज़ के डिवाइस अब सीधे Apple iPhones के साथ फाइल साझा कर पाएंगे, बिना किसी तीसरे पक्ष के एप्लिकेशन के। कंपनी ने सोमवार को इस विकास की घोषणा की और यह सुविधा आज से Galaxy S26 सीरीज़ के फोन में लाइव हो गई है। सैमसंग के प्रबंधन ने पुष्टि की है कि यह सुविधा जल्दी ही अन्य वैश्विक बाजारों में भी लागू की जाएगी। इससे उपयोगकर्ताओं के लिए फाइल शेयरिंग प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो जाएगी। अब Samsung उपयोगकर्ता आसानी से अपनी फाइलें iPhone, iPad या Mac डिवाइस के साथ साझा कर सकेंगे।

प्रतियोगियों को मात देने की सैमसंग की रणनीति
Apple इकोसिस्टम में AirDrop को सबसे महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक माना जाता है, जो iPhones, iPads और Mac डिवाइस के बीच सहज फाइल शेयरिंग की अनुमति देता है। सैमसंग ने इस फीचर को Galaxy S26 में शामिल करके यह सुनिश्चित किया है कि Galaxy उपयोगकर्ता बिना किसी तीसरे पक्ष के माध्यम के आसानी से Apple डिवाइस के साथ फाइल साझा कर सकें। बाजार रिपोर्ट के अनुसार, इस सुविधा की उपलब्धता उपभोक्ताओं के खरीद निर्णय को प्रभावित कर सकती है और संभावित रूप से सैमसंग के प्रतियोगियों के लिए खरीदारी में रुचि को कम कर सकती है। यह कदम सैमसंग की स्मार्ट और आक्रामक रणनीति का हिस्सा है, जिससे वह तकनीकी रूप से Apple के करीब आ सके।
Smart Switch टूल के साथ सुविधा और आसान
AirDrop जैसी सुविधा के अलावा, सैमसंग ने अपने Smart Switch टूल को भी बढ़ावा दिया है, जो Apple iPhones से Galaxy डिवाइस में फोटो, एप्लिकेशन और अन्य डेटा को ट्रांसफर करने में मदद करता है। कंपनी योजना बना रही है कि इस सुविधा को आगामी Galaxy S26 श्रृंखला के अलावा पुराने Samsung डिवाइस में भी प्रदान किया जाएगा। यह रोलआउट One UI 9 जैसे सॉफ़्टवेयर अपडेट के माध्यम से किया जा सकता है। इस नई सुविधा और Smart Switch टूल के साथ, Samsung उपयोगकर्ताओं को दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर डेटा ट्रांसफर करने में पूरी स्वतंत्रता और सहज अनुभव मिलेगा।
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अब बिना इंटरनेट भी UPI से पैसे भेजना हुआ बेहद आसान और सुरक्षित तरीका
आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन पेमेंट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सब्जी खरीदने से लेकर दोस्तों के साथ बिल शेयर करने तक, लोग अब कैश के बजाय UPI का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जैसे ही नेटवर्क या इंटरनेट बंद हो जाता है, सारी प्रक्रिया ठप हो जाती है। ऐसे में एक खास फीचर आया है जो बिना इंटरनेट भी UPI पेमेंट की सुविधा देता है। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में रहते हैं या अक्सर मोबाइल डेटा की समस्या झेलते हैं।
USSD तकनीक पर काम करता है फीचर
बिना इंटरनेट वाले इस फीचर की खासियत यह है कि यह इंटरनेट की बजाय USSD तकनीक पर काम करता है। यानी अगर आपके फोन में नेटवर्क सिग्नल है और कॉल संभव है, तो पेमेंट भी किया जा सकता है। यूजर को अपने फोन से केवल *99# डायल करना होता है। इसके बाद स्क्रीन पर एक मेन्यू खुलता है, जिसमें अलग-अलग विकल्प दिखाई देते हैं। हालांकि यह तरीका थोड़ा पुराना लगता है, लेकिन यह भरोसेमंद और सुरक्षित है। इसके जरिए आप मोबाइल नंबर, UPI ID या बैंक डिटेल के माध्यम से पैसे भेज सकते हैं।

बिना इंटरनेट पैसे कैसे भेजें
बिना इंटरनेट पैसे भेजने के लिए सबसे पहले अपने फोन में *99# डायल करें। इसके बाद “Send Money” विकल्प चुनें। फिर रिसीवर का मोबाइल नंबर, UPI ID या बैंक डिटेल डालें। जैसे ही मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा, रिसीवर का नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिससे गलती की संभावना बहुत कम हो जाती है। इसके बाद भेजने वाली राशि डालें और UPI PIN एंटर करें। कुछ सेकंड में पेमेंट पूरा हो जाएगा और इसके लिए इंटरनेट की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती। यह सुविधा छोटे दुकानदारों और ग्रामीण इलाकों में काम आने वाले लोगों के लिए बेहद मददगार साबित हो रही है।
इस्तेमाल से पहले ध्यान रखने योग्य बातें
इस फीचर का इस्तेमाल करने से पहले कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। सबसे पहले आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए। कुछ मामलों में आधार नंबर लिंक होना भी जरूरी हो सकता है। अगर ये बुनियादी शर्तें पूरी नहीं हैं, तो यह सेवा काम नहीं करेगी। इसलिए बेहतर है कि आप अपने बैंक डिटेल और मोबाइल लिंक को अपडेट रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर बिना इंटरनेट भी आसानी से पैसे ट्रांसफर किए जा सकें।
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WhatsApp लाएगा नया फीचर, बिना नंबर शेयर किए कर सकेंगे मैसेज और कॉल
मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp जल्द ही एक बड़ा अपडेट रोलआउट करने वाला है। इस नए फीचर के जरिए यूजर्स बिना अपना फोन नंबर शेयर किए मैसेज भेज सकेंगे और वीडियो या वॉइस कॉल कर सकेंगे। WhatsApp इसे एक ऑप्शनल प्राइवेसी फीचर के रूप में पेश करेगा। इसके तहत यूजर्स को नंबर की जगह एक यूनिक यूजरनेम और आईडी का इस्तेमाल करना होगा। यह बदलाव खासतौर पर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद होगा जो अपनी प्राइवेसी को लेकर सतर्क रहते हैं।
WhatsApp के नए फीचर की खास बातें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नया फीचर यूजरनेम पर आधारित सिस्टम के तहत काम करेगा। इसे इंडीविजुअल यूजर्स के अलावा बिजनेस यूजर्स के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। यूजर्स अपना नंबर शेयर किए बिना सीधे चैटिंग और कॉलिंग कर पाएंगे। WhatsApp का लक्ष्य इस फीचर के जरिए बेहतर प्राइवेसी देना और यूजर्स को सुरक्षित डिजिटल अनुभव मुहैया कराना है। जून 2026 तक इसका बीटा वर्जन ग्लोबल स्तर पर पेश होने की संभावना है, जबकि स्टेबल वर्जन 2027 के दूसरे हाफ में सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है।

कब आएगा फीचर और कैसे काम करेगा
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह फीचर पूरी तरह से नंबर को रिप्लेस नहीं करेगा। यह ऑप्शनल होगा और यूजर्स चाहे तो अपना मौजूदा सेटअप यूज़ कर सकते हैं। नए फीचर के तहत यूजर्स को केवल यूनिक आईडी और यूजरनेम की जरूरत होगी। इसके जरिए वे ग्रुप चैट, फ्रेंड्स और बिजनेस अकाउंट से आसानी से जुड़ पाएंगे। इस तरह से यूजर्स अपनी प्राइवेसी बनाए रखते हुए सुरक्षित तरीके से बातचीत कर सकेंगे।
प्राइवेसी और सुरक्षा पर प्रभाव
इस फीचर से यूजर्स की प्राइवेसी सुरक्षित रहेगी और स्कैम के मामलों में भी कमी देखने को मिल सकती है। मोबाइल नंबर कई बार बैंक अकाउंट और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों से लिंक होते हैं, जिससे फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है। WhatsApp के इस नए फीचर से यूजर्स अपने नंबर को शेयर किए बिना ही बिजनेस या दोस्तों से संपर्क कर पाएंगे। मेटा को उम्मीद है कि इस बदलाव से WhatsApp पर सुरक्षित और भरोसेमंद मैसेजिंग का अनुभव और बेहतर होगा।
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