Connect with us

मनोरंजन

Falak Naaz: फलक नाज़ ने बॉलीवुड के चुप सितारों पर उठाए सवाल! देश की मुश्किल में चुप्पी क्यों?

Published

on

Falak Naaz: फलक नाज़ ने बॉलीवुड के चुप सितारों पर उठाए सवाल! देश की मुश्किल में चुप्पी क्यों?

Falak Naaz: भारत पाकिस्तान के बीच चल रही टकराव की स्थिति के बीच टीवी एक्ट्रेस फलक नाज़ ने बॉलीवुड के उन सितारों पर सवाल उठाए हैं जो इन हालातों पर चुप हैं। खासकर उन्होंने मुस्लिम कलाकारों की चुप्पी पर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि जब देश मुश्किल में हो तब हर किसी को साथ खड़ा होना चाहिए।

वीडियो में फलक का तीखा बयान

फलक नाज़ ने एक वीडियो जारी कर सोशल मीडिया पर सवाल पूछे कि मुस्लिम सितारे इस गंभीर स्थिति पर बोलने से क्यों बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि उनके फॉलोअर्स पाकिस्तान में हैं और उनके पोस्ट से उनकी लोकप्रियता कम हो सकती है। लेकिन देश के लिए आवाज़ उठाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

https://twitter.com/SirPareshRawal/status/1920775537108099367

भरोसे की कमी की वजह

फलक ने वीडियो में कहा कि शायद यही कारण है कि देश में कई बार मुस्लिमों पर भरोसा नहीं किया जाता। जब देश को ज़रूरत होती है तब कई कलाकार चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस चुप्पी से लोगों का भरोसा टूटता है और इससे पूरे समुदाय की छवि पर असर पड़ता है।

पाकिस्तानी कलाकारों से तुलना

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी कलाकार अपने देश का खुलकर समर्थन कर रहे हैं चाहे हालात कुछ भी हों। वहीं भारतीय मुस्लिम कलाकार चुप हैं जो गलत है। उन्होंने कहा कि देश से प्यार और वफादारी सबसे पहले होनी चाहिए और वही धर्म भी सिखाता है। अगर आप भारत में रहते हैं तो अपनी निष्ठा साबित करें।

वीडियो को किया समर्थन

फलक नाज़ का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अभिनेता परेश रावल ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए फलक के विचारों का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा ‘Respects’। यह वीडियो एक्स पर ट्रेंड कर रहा है और लोगों में इस पर जबरदस्त चर्चा हो रही है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मनोरंजन

Baby Girl Movie: सोनी लिव पर रिलीज ‘बेबी गर्ल’, तीन दिन की बच्ची की किडनैपिंग का रोमांचक सच

Published

on

Baby Girl Movie: सोनी लिव पर रिलीज 'बेबी गर्ल', तीन दिन की बच्ची की किडनैपिंग का रोमांचक सच

अगर आप ऐसी फिल्में देखना पसंद करते हैं, जो सस्पेंस और थ्रिल से भरी हों, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर हाल ही में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘बेबी गर्ल’ आपके लिए मस्ट वॉच है। पिछले कुछ सालों में दक्षिण भारतीय फिल्मों ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली है। पहले दर्शक इन फिल्मों का मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब साउथ फिल्में अपनी कहानी और अभिनय से लोगों को बांधने में कामयाब हो रही हैं। यही वजह है कि ‘बेबी गर्ल’ को भी दर्शकों ने बेहद पसंद किया है और यह तेजी से ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल हो गई है।

3 महीने की बच्ची की किडनैपिंग पर आधारित कहानी

‘बेबी गर्ल’ की कहानी एक तीन दिन की बच्ची के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अस्पताल से अगवा कर लिया जाता है। बच्ची के गायब होते ही अस्पताल में हड़कंप मच जाता है और मामला पुलिस तक पहुंचता है। निर्देशक अरुण वर्मा के निर्देशन में बनी यह फिल्म असल जीवन की घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे पुलिस हर सुराग को पकड़ने की कोशिश करती है और किस तरह से हर कोई शक के घेरे में आता है।

Baby Girl Movie: सोनी लिव पर रिलीज 'बेबी गर्ल', तीन दिन की बच्ची की किडनैपिंग का रोमांचक सच

जांच और मोड़ से भरी कहानी

जांच पड़ताल के दौरान पुलिस का पहला शक अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी सनल मैथ्यू पर जाता है। निविन पॉली ने इस किरदार को निभाया है। धीरे-धीरे कहानी में ट्विस्ट आता है और पुलिस का शक बच्ची के पिता पर भी पड़ता है। फिल्म में हर सीन दर्शक को यह सोचने पर मजबूर करता है कि असल में किडनैपर कौन है और उसके इरादे क्या हैं। इस सस्पेंस और ट्विस्ट के चलते दर्शक अंत तक फिल्म से जुड़ा रहता है।

निविन पॉली की भूमिका और फिल्म की तैयारी

निविन पॉली ने इंटरव्यू में बताया कि वह इस फिल्म के लिए मेकर्स की पहली पसंद नहीं थे। पहले किसी अन्य एक्टर को फिल्म के लिए संपर्क किया गया था, लेकिन डेट्स की समस्या के कारण निविन पॉली को प्रस्ताव दिया गया। निर्देशक अरुण वर्मा के अनुसार, स्क्रिप्ट में कुछ छोटे-मोटे बदलाव करके निविन ने इस किरदार को निभाया। उनका अभिनय और स्क्रीन पर मौजूदगी फिल्म को और भी रोमांचक बनाती है। अब ‘बेबी गर्ल’ ओटीटी पर सस्पेंस प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन चुकी है।

Continue Reading

मनोरंजन

किशोर और क्रिश मंडल का पहला गाना “दिल लगाना मना था” बना सोशल मीडिया पर सनसनी

Published

on

किशोर और क्रिश मंडल का पहला गाना "दिल लगाना मना था" बना सोशल मीडिया पर सनसनी

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया ने कई छिपे हुए हुनर को दुनिया के सामने लाया है। इसी कड़ी में दो भाई, किशोर और क्रिश मंडल, काफी चर्चा में हैं। ये दोनों भाई पिछले एक-दो साल से सोशल मीडिया पर अपने गाने की वीडियोज़ पोस्ट कर रहे हैं। उनके फैंस उनकी सादगी और दोनों भाइयों के बीच की मस्ती को बहुत पसंद कर रहे हैं। अब मंडल भाइयों ने अपने गायन करियर की शुरुआत कर दी है और उनके पहले गाने के साथ ही ये घर-घर में चर्चित नाम बन गए हैं।

“दिल लगाना मना था” से मिली सफलता

किशोर और क्रिश मंडल का गाना “दिल लगाना मना था” पिछले एक महीने में रिलीज़ हुआ और इसे दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया। इस गाने में सनम जोहर और आशि सिंह भी शामिल हैं। क्रिश मंडल, जो केवल 7 साल के हैं, अपनी मधुर आवाज़ और मीठे अंदाज़ के कारण दर्शकों के पसंदीदा बन गए हैं। गाने को यूट्यूब पर 66 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इंस्टाग्राम पर 1 मिलियन से ज्यादा रील्स बनाई गई हैं।

किशोर और क्रिश मंडल का पहला गाना "दिल लगाना मना था" बना सोशल मीडिया पर सनसनी

70 लाख की मर्सिडीज खरीदी

अपने पहले गाने की सफलता के बाद मंडल भाइयों ने हाल ही में लग्जरी SUV मर्सिडीज-बेंज GLE, जिसकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये है, खरीदी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक फोटो साझा की जिसमें क्रिश उनकी नई कार के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं। इतनी कम उम्र में इस उपलब्धि को हासिल करना वाकई में काबिले तारीफ है। उनके नए कार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और फैंस उन्हें बधाई दे रहे हैं।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

पहला गाना बना बड़ा ब्रेकथ्रू

मंडल भाइयों ने गाने “दिल लगाना मना था” में अपनी आवाज़ दी और गाना दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर कई रील्स बनकर शेयर की गईं, जिससे गाना दोनों प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड कर रहा है। यह गाना अधूरी मोहब्बत और ब्रेकअप की भावनाओं को दर्शाता है। किशोर और क्रिश मंडल की यह सफलता यह साबित करती है कि टैलेंट और मेहनत सोशल मीडिया की मदद से जल्दी ही प्रसिद्धि दिला सकती है।

Continue Reading

मनोरंजन

‘द केरल स्टोरी 2’ पर सियासी संग्राम, हजारों धर्मांतरण का दावा झूठा? शशि थरूर ने उठाए बड़े सवाल

Published

on

‘द केरल स्टोरी 2’ पर सियासी संग्राम, हजारों धर्मांतरण का दावा झूठा? शशि थरूर ने उठाए बड़े सवाल

भारतीय राजनीति और सिनेमा के गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आगामी फिल्म “द केरला स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड” की रिलीज से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने इसके निर्माताओं पर तीखा हमला बोला है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए थरूर ने आरोप लगाया कि फिल्म का दूसरा भाग भी पहले की तरह नफरत फैलाने और समाज को बांटने वाली कहानी को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि पहली फिल्म “द केरला स्टोरी” में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के जो दावे किए गए थे, उनका कोई ठोस आधार नहीं था। थरूर का कहना है कि सिनेमा को समाज में सौहार्द बढ़ाने का माध्यम होना चाहिए, न कि भय और विभाजन का वातावरण तैयार करने का।

“आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए” – थरूर

शशि थरूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्म में प्रस्तुत आंकड़े वास्तविकता से काफी दूर हैं। उनके अनुसार, हजारों लोगों के धर्मांतरण का दावा पूरी तरह गलत और अतिरंजित है। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि वर्षों में ऐसे मुश्किल से 30 मामलों की ही रिपोर्ट सामने आई है। भारत जैसे विशाल देश में कुछ अलग-थलग घटनाओं को आधार बनाकर उसे भयावह राष्ट्रीय संकट के रूप में पेश करना उचित नहीं है।” थरूर ने भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप पर भी चिंता जताई। उन्होंने मशहूर फिल्म “अमर अकबर एंथनी” का उदाहरण देते हुए कहा कि वह फिल्म सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश देती थी, इसलिए उसे मनोरंजन कर से छूट मिली थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज के दौर में ऐसी फिल्में बनाना जरूरी हो गया है जो लोगों के मन में जहर घोलें और जिनका तथ्यों से कोई सीधा संबंध न हो।

‘द केरल स्टोरी 2’ पर सियासी संग्राम, हजारों धर्मांतरण का दावा झूठा? शशि थरूर ने उठाए बड़े सवाल

फिल्म का पक्ष और बढ़ता विवाद

विवाद के बीच “द केरला स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड” 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। हाल ही में जारी ट्रेलर में धार्मिक धर्मांतरण और कट्टरपंथ जैसे मुद्दों को राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल की पृष्ठभूमि में दिखाया गया है। फिल्म के निर्माताओं का दावा है कि यह फिल्म लक्षित कट्टरपंथ की कठोर सच्चाई को उजागर करती है। प्रचार सामग्री में उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “उन्होंने हमारी बेटियों को निशाना बनाया और उनका भरोसा तोड़ा। इस बार हम चुप नहीं रहेंगे, कहानी और आगे जाएगी। इस बार हम सहेंगे नहीं… हम लड़ेंगे।” इस बयानबाजी ने राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया है। जहां समर्थक इसे सच्चाई सामने लाने वाली फिल्म बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे एकतरफा और भड़काऊ करार दे रहे हैं।

कानूनी चुनौतियां और राजनीतिक विरोध

पहली फिल्म, जिसका निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया था, 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी का पुरस्कार जीत चुकी है। लेकिन इसके सीक्वल को अब कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। केरल की छवि को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें ट्रेलर और फिल्म की प्रस्तुति पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) और फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है। वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फिल्म की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि साम्प्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाली मनगढ़ंत कहानियों को खुली छूट देना चिंताजनक है। उन्होंने जनता से अपील की कि केरल की सौहार्दपूर्ण छवि को नुकसान पहुंचाने के प्रयासों के खिलाफ एकजुट हों।

Continue Reading

Trending