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Dividend This Week: डिविडेंड देने को तैयार ये कंपनियां, निवेशकों की होगी बल्ले-बल्ले!

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Dividend This Week: डिविडेंड देने को तैयार ये कंपनियां, निवेशकों की होगी बल्ले-बल्ले!

Dividend This Week: इस हफ्ते शेयर बाजार में निवेशकों के लिए जबरदस्त मौका आने वाला है। कंपनियों ने अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने के बाद अब अपने मुनाफे को निवेशकों के साथ बांटने का फैसला किया है। डिविडेंड और बोनस का दौर अब शुरू हो रहा है, जिससे निवेशकों को तगड़ा फायदा हो सकता है।

जो निवेशक इन कंपनियों के शेयर तय समय तक अपने डीमैट अकाउंट में रखेंगे, उन्हें डिविडेंड और बोनस के रूप में अच्छा खासा पैसा मिल सकता है। इसलिए, अगर आप शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं, तो उन कंपनियों पर जरूर ध्यान दें जो डिविडेंड और बोनस देने जा रही हैं।

50 कंपनियों के डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट अगले हफ्ते

डिविडेंड को लेकर बाजार में काफी उम्मीदें हैं। अगले हफ्ते 50 कंपनियों के डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट तय की गई है। इस दौरान निवेशकों को उन कंपनियों से तगड़ा मुनाफा हो सकता है, जो अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने जा रही हैं।

इसके अलावा, एसबीआई कार्ड्स (SBI Cards) भी अगले हफ्ते डिविडेंड की घोषणा करने जा रही है। इन 50 कंपनियों में से 10 कंपनियां अपने निवेशकों को ₹10 से ₹110 प्रति शेयर तक का डिविडेंड देने वाली हैं।

इन बड़ी कंपनियों से मिलेगा तगड़ा फायदा

अगर आपने नीचे दी गई कंपनियों में निवेश किया है, तो आप अगले हफ्ते डिविडेंड कमा सकते हैं। इन कंपनियों ने अपने डिविडेंड की घोषणा कर दी है:

  •  ऑयल इंडिया (Oil India)
  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (Hindustan Aeronautics)
  • भारत फोर्ज (Bharat Forge)
  • केपीआई ग्रीन एनर्जी (KPI Green Energy)
  • प्रॉक्टर एंड गैम्बल हेल्थ (Procter & Gamble Health)

इसके अलावा, कुछ अन्य कंपनियां भी डिविडेंड देने की तैयारी कर रही हैं, जिनमें अर्टेमिस इलेक्ट्रिकल्स (Artemis Electricals), वेक्टर्स फूड (Vectors Food), कैंपस एक्टिववियर (Campus Activewear), डालमिया भारत शुगर (Dalmia Bharat Sugar) और आईआईएफएल कैपिटल (IIFL Capital) शामिल हैं।

क्या होता है डिविडेंड और क्यों है यह फायदेमंद?

डिविडेंड एक ऐसी राशि होती है जो कंपनी अपने लाभ का एक हिस्सा निवेशकों को बांटने के लिए देती है। जब कोई कंपनी अच्छा मुनाफा कमाती है, तो वह अपने शेयरधारकों को लाभांश (डिविडेंड) के रूप में भुगतान करती है।

Dividend This Week: डिविडेंड देने को तैयार ये कंपनियां, निवेशकों की होगी बल्ले-बल्ले!

डिविडेंड के फायदे:

  •  नियमित आय का स्रोत: अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो डिविडेंड से आपको नियमित कमाई हो सकती है।
  • कम रिस्क वाला निवेश: शेयर बाजार में डिविडेंड देने वाली कंपनियां आमतौर पर स्थिर मुनाफा कमाती हैं, जिससे निवेशक का जोखिम कम हो जाता है।
  • बाजार में गिरावट के दौरान सुरक्षा: अगर बाजार में गिरावट होती है, तो भी डिविडेंड के रूप में निवेशकों को कुछ फायदा मिलता रहता है।

डिविडेंड पाने के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

अगर आप इन कंपनियों से डिविडेंड कमाना चाहते हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना जरूरी है:

  •  रिकॉर्ड डेट: कंपनी द्वारा घोषित रिकॉर्ड डेट तक आपके डीमैट अकाउंट में शेयर मौजूद होने चाहिए।
  • एक्स-डिविडेंड डेट: एक्स-डिविडेंड डेट से पहले आपको शेयर खरीदने होंगे, तभी डिविडेंड मिलेगा।
  • कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन: निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और पिछले डिविडेंड ट्रैक रिकॉर्ड को जरूर देखें।
  • डिविडेंड यील्ड: ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनियों को प्राथमिकता दें, जिससे आपको ज्यादा रिटर्न मिल सके।

स्टॉक स्प्लिट की भी हो रही तैयारी

कुछ कंपनियां न केवल डिविडेंड दे रही हैं, बल्कि स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) की भी योजना बना रही हैं। स्टॉक स्प्लिट का मतलब है कि कंपनी अपने शेयरों को छोटे हिस्सों में बांट देती है, जिससे शेयर की कीमत कम हो जाती है और छोटे निवेशकों के लिए खरीदना आसान हो जाता है।

इस हफ्ते जिन कंपनियों के स्टॉक स्प्लिट की खबरें हैं, वे इस प्रकार हैं:

  •  अर्टेमिस इलेक्ट्रिकल्स (Artemis Electricals)
  • वेक्तर्स फूड (Vectors Food)
  • कैंपस एक्टिववियर (Campus Activewear)
  • डालमिया भारत शुगर (Dalmia Bharat Sugar)
  • आईआईएफएल कैपिटल (IIFL Capital)

क्या आपको डिविडेंड देने वाली कंपनियों में निवेश करना चाहिए?

अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं और नियमित आय की तलाश में हैं, तो डिविडेंड देने वाली कंपनियों में निवेश करना आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, आपको निवेश करने से पहले इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  •  कंपनी का पिछला डिविडेंड रिकॉर्ड देखें।
  • कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाएं समझें।
  • अगर कंपनी लगातार अच्छा डिविडेंड दे रही है और उसका बिजनेस मॉडल मजबूत है, तो निवेश करें।

अगर आप शेयर बाजार से कमाई करना चाहते हैं, तो इस हफ्ते 50 कंपनियों की डिविडेंड रिकॉर्ड डेट पर नजर रखना फायदेमंद रहेगा। ऑयल इंडिया, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, भारत फोर्ज, केपीआई ग्रीन एनर्जी, प्रॉक्टर एंड गैम्बल हेल्थ जैसी कंपनियां शानदार डिविडेंड देने वाली हैं।

इसके अलावा, स्टॉक स्प्लिट की योजना बना रही कंपनियों पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इससे निवेशकों को लॉन्ग टर्म में फायदा हो सकता है। अगर आप स्मार्ट तरीके से निवेश करेंगे, तो डिविडेंड और स्टॉक स्प्लिट दोनों से अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं।

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Tax Evasion Scam: बिरयानी के गायब बिलों से खुला 70,000 करोड़ का टैक्स घोटाला

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Tax Evasion Scam: बिरयानी के गायब बिलों से खुला 70,000 करोड़ का टैक्स घोटाला

Tax Evasion Scam: डिजिटल युग में अपराध करना जितना आसान दिखता है, पकड़ा जाना उससे भी ज्यादा तय हो गया है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला देशभर के रेस्टुरेंट कारोबार से सामने आया है, जहां “गायब” किए गए बिरयानी और अन्य खाद्य पदार्थों के बिलों ने करीब 70,000 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी घोटाले का पर्दाफाश कर दिया। 2019 से अब तक 1.77 लाख रेस्टुरेंट्स के बिलिंग डेटा की जांच में पाया गया कि औसतन 27 प्रतिशत बिक्री को दबाया जा रहा था। यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि संगठित और सुनियोजित हेराफेरी का बड़ा नेटवर्क था। कुल मिलाकर लगभग 70,000 करोड़ रुपये का टर्नओवर छिपाया गया, जिससे सरकार को अरबों डॉलर के राजस्व नुकसान की आशंका है। शुरुआती जांच में यह मामला सीमित लगा, लेकिन जैसे-जैसे डेटा की परतें खुलीं, टैक्स चोरी का दायरा कई राज्यों तक फैलता दिखाई दिया।

राज्यों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी, हजारों PAN रडार पर

जांच के दौरान कई राज्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। कर्नाटक में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के डिलीट लेन-देन का पता चला, जबकि तेलंगाना में करीब 1,500 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाई गई। तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 3,734 PAN की जांच में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की दबाई गई बिक्री उजागर हुई। सिर्फ 40 रेस्टुरेंट्स के सैंपल में ही करीब 400 करोड़ रुपये का बिना घोषित टर्नओवर मिला। कुछ जगहों पर तो लगभग 25 प्रतिशत तक की बिक्री जानबूझकर छिपाई गई थी। इन खुलासों के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब विभाग पुनर्निर्मित बिलों का मिलान आयकर रिटर्न और बैंक रिकॉर्ड से कर रहा है, और जल्द ही नोटिस व भारी जुर्माने की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।

Tax Evasion Scam: बिरयानी के गायब बिलों से खुला 70,000 करोड़ का टैक्स घोटाला

हैदराबाद से शुरू हुआ खुलासा, सॉफ्टवेयर से मिला बड़ा सबूत

पूरे मामले की शुरुआत हैदराबाद में एक नियमित जांच के दौरान हुई। आयकर विभाग के अधिकारी एक रेस्टुरेंट में पहुंचे, जहां सब कुछ सामान्य लग रहा था—ग्राहक भोजन कर रहे थे और काउंटर पर बिलिंग जारी थी। लेकिन अधिकारियों ने गौर किया कि रेस्टुरेंट में मौजूद ग्राहकों की संख्या और बिलिंग सिस्टम में दर्ज बिलों की संख्या में मेल नहीं था। कुछ नकद बिल थोड़ी देर के लिए सिस्टम में दिखाई देते और फिर गायब हो जाते थे। प्रिंटेड सारांश तो सही दिख रहे थे, लेकिन सॉफ्टवेयर लॉग कुछ और कहानी बयान कर रहे थे। जांच में पता चला कि कई रेस्टुरेंट एक ही बिलिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे। जब जांच अहमदाबाद स्थित सॉफ्टवेयर प्रदाता के बैकएंड तक पहुंची, तो देशभर के एक लाख से अधिक रेस्टुरेंट्स का लगभग 60 टेराबाइट डेटा सामने आया। हैदराबाद की डिजिटल लैब में विशेषज्ञों ने डिलीट किए गए बिलों को दोबारा जोड़ना शुरू किया और हर लेन-देन के पीछे छिपी डिजिटल ट्रेल को उजागर किया।

AI की मदद से रिकवर हुए डिलीट बिल, बढ़ सकती है कानूनी कार्रवाई

जांच एजेंसियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से डिलीट किए गए बिलों को रिकवर किया। विश्लेषण में सामने आया कि छह वर्षों में संबंधित रेस्टुरेंट्स ने लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये के बिल जनरेट किए थे, जिनमें से 13,000 करोड़ रुपये से अधिक के बिल रिकॉर्ड होने के बाद मिटा दिए गए थे। कुछ रेस्टुरेंट रोजाना कुछ नकद बिल हटाते थे, जबकि कुछ ने पूरे 30 दिनों के बिल एक साथ डिलीट कर दिए। स्पष्ट है कि कम बिक्री दिखाकर कम टैक्स चुकाने की मंशा से यह खेल खेला गया। अब विभाग इस डेटा के आधार पर बड़े स्तर पर नोटिस जारी करने और जुर्माना लगाने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई आने वाले समय में डिजिटल टैक्स निगरानी को और सख्त करेगी और टैक्स चोरी करने वालों के लिए यह बड़ा चेतावनी संदेश साबित होगी।

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Safe Investment Options in India: सुरक्षित निवेश के लिए कौन-सी सरकारी योजनाएँ आपके पैसे को सुरक्षित और बढ़ाएंगी

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Safe Investment Options in India: सुरक्षित निवेश के लिए कौन-सी सरकारी योजनाएँ आपके पैसे को सुरक्षित और बढ़ाएंगी

Safe Investment Options in India: भारत में कई निवेशक अपने निवेश को सुरक्षित रखना पसंद करते हैं। वे मानते हैं कि भले ही रिटर्न कम हो, निवेश की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसी कारण बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी निवेशकों में लोकप्रिय हैं। हालांकि, केवल FDs ही सुरक्षित विकल्प नहीं हैं। कई अन्य योजनाएँ भी हैं जो निवेशकों को सुरक्षित निवेश का अवसर देती हैं और अच्छे रिटर्न भी प्रदान करती हैं। जानकारी की कमी के कारण कई निवेशक इन विकल्पों से अनजान हैं।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)

यदि आप बिना अधिक जोखिम के निवेश करना चाहते हैं, तो नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) एक भरोसेमंद विकल्प हो सकता है। यह योजना पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित की जाती है। इसकी निवेश अवधि 5 साल है और वर्तमान में इसमें 7.7 प्रतिशत ब्याज दर मिल रही है। इसके अलावा, इस योजना के तहत निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है। इससे यह योजना निवेश के साथ-साथ टैक्स बचत के लिए भी उपयोगी साबित होती है।

Safe Investment Options in India: सुरक्षित निवेश के लिए कौन-सी सरकारी योजनाएँ आपके पैसे को सुरक्षित और बढ़ाएंगी

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)

लंबी अवधि और सुरक्षित निवेश के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है। इसे भी पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित किया जाता है। इस योजना में निवेश की अवधि 15 साल होती है और वर्तमान में ब्याज दर 7.1 प्रतिशत है। निवेशक इस योजना के तहत सालाना अधिकतम ₹1.50 लाख तक निवेश कर सकते हैं। PPF का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह निवेशकों को सुरक्षित निवेश के साथ लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न देने का अवसर प्रदान करता है।

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम

जो निवेशक नियमित मासिक आय के साथ निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम सबसे उपयुक्त है। इस योजना की अवधि 5 साल है और यह वर्तमान में 7.4 प्रतिशत ब्याज दर देती है। इस योजना की विशेषता यह है कि ब्याज मासिक रूप से भुगतान किया जाता है, जिससे निवेशकों को निश्चित मासिक आय मिलती है। यह योजना उन निवेशकों के लिए आदर्श है जो जोखिम कम करना चाहते हैं और नियमित आय भी प्राप्त करना चाहते हैं।

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Adani Enterprises: डिफेंस सेक्टर में अडानी की मेगा डील. 330 करोड़ में पूरी कंपनी खरीदी

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Adani Enterprises: डिफेंस सेक्टर में अडानी की मेगा डील. 330 करोड़ में पूरी कंपनी खरीदी

डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने के लिए Adani Enterprises ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाया है। बीते शुक्रवार को कारोबारी दिन में कंपनी की सहायक इकाई Horizon Aero Solutions ने इंडामेर टेक्निक्स प्राइवेट लिमिटेड के 100 प्रतिशत शेयरों का अधिग्रहण कर लिया। इस अधिग्रहण के साथ ही इंडामेर टेक्निक्स अब पूरी तरह अडानी ग्रुप का हिस्सा बन चुकी है। बाजार जानकारों का मानना है कि यह सौदा भारत के तेजी से बढ़ते डिफेंस एविएशन सेक्टर में अडानी की स्थिति को और मजबूत करेगा। साथ ही इस खबर के बाद निवेशकों की नजर अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों पर टिक गई है।

330 करोड़ रुपये की डील से अडानी पोर्टफोलियो को मिली नई धार

Horizon Aero Solutions और इंडामेर टेक्निक्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुई इस डील की कुल वैल्यू करीब 330 करोड़ रुपये आंकी गई है। अडानी एंटरप्राइजेज ने 13 फरवरी को स्टॉक एक्सचेंज को इस अधिग्रहण की आधिकारिक जानकारी दी। कंपनी की ओर से बताया गया कि इंडामेर टेक्निक्स की 100 प्रतिशत इक्विटी खरीद ली गई है। इसके साथ ही कंपनी का पूरा स्वामित्व अब अडानी एंटरप्राइजेज के पास आ गया है। डिफेंस सेक्टर में बढ़ते सरकारी खर्च और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह अधिग्रहण अडानी ग्रुप के लिए लंबी अवधि में बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है। खासतौर पर सैन्य विमानों की मेंटेनेंस और टेक्निकल सर्विसेज में यह डील अडानी को नई ऊंचाई पर ले जा सकती है।

Adani Enterprises: डिफेंस सेक्टर में अडानी की मेगा डील. 330 करोड़ में पूरी कंपनी खरीदी

क्या करती है इंडामेर टेक्निक्स. जानिए कंपनी की ताकत

इंडामेर टेक्निक्स प्राइवेट लिमिटेड देश की जानी मानी डिफेंस एविएशन मेंटेनेंस कंपनी है। इसकी स्थापना साल 2016 में हुई थी और यह विमानों की सर्विसिंग मेंटेनेंस और रिपेयर से जुड़ी अत्याधुनिक सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसकी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा है जो महाराष्ट्र के नागपुर में MIHAN SEZ क्षेत्र में स्थित है। करीब 30 एकड़ में फैले इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में 10 अत्याधुनिक हैंगर मौजूद हैं। यहां एक समय में लगभग 15 एयरक्राफ्ट बे पर एक साथ काम करने की क्षमता है। डिफेंस एविएशन के लिए यह सुविधा भारत में बेहद अहम मानी जाती है और अडानी ग्रुप के लिए यह अधिग्रहण तकनीकी और परिचालन दोनों लिहाज से बड़ा फायदा देगा।

शेयर बाजार की नजरें अडानी एंटरप्राइजेज पर टिकीं

शेयर बाजार में हालांकि इस डील के दिन अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में दबाव देखने को मिला। बीएसई पर 13 फरवरी को कंपनी का शेयर 3.18 प्रतिशत या करीब 70.35 रुपये गिरकर 2141.35 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में शेयर का इंट्राडे हाई 2206.30 रुपये रहा। कंपनी का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 2611.46 रुपये और न्यूनतम स्तर 1850 रुपये दर्ज किया गया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इस अधिग्रहण का असर शॉर्ट टर्म में भले सीमित दिखे लेकिन मिड और लॉन्ग टर्म में यह डील कंपनी के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है। ऐसे में सोमवार के कारोबारी सत्र में अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में हलचल देखने की पूरी संभावना है।

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